New
GS Foundation (P+M) - Delhi : 19th Jan. 2026, 11:30 AM Spring Sale UPTO 75% + 10% Off, Valid Till : 6th Feb., 2026 GS Foundation (P+M) - Prayagraj : 09th Jan. 2026, 11:00 AM Spring Sale UPTO 75% + 10% Off, Valid Till : 6th Feb., 2026 GS Foundation (P+M) - Delhi : 19th Jan. 2026, 11:30 AM GS Foundation (P+M) - Prayagraj : 09th Jan. 2026, 11:00 AM

कार सुरक्षा रेटिंग प्रोटोकॉल

प्रारंभिक परीक्षा - समसामयिकी 
मुख्य परीक्षा - सामान्य अध्ययन पेपर-2 

चर्चा में क्यों-

भारत ने अपनी स्वयं की क्रैश टेस्ट रेटिंग मूल्यांकन प्रणाली शुरू की है। भारत-न्यू कार असेसमेंट प्रोग्राम(एनसीएपी) के तहत नए मानदंड 1 अक्टूबर से लागू होंगे।

प्रमुख बिंदु- 

  • क्रैश टेस्ट- किसी वाहन के सुरक्षा मापदंडों का आकलन करने के लिए नियंत्रित वातावरण में उसकी टक्कर है।
  • मानदंड, आठ लोगों तक बैठने की अनुमति वाले और 3.5 टन से कम वजन वाले मोटर वाहनों के सुरक्षा मानकों को परिभाषित करते हैं।
  • भारत में मानदंड तैयार करने का काम 2015 में शुरू हुआ था।
  • भारत एनसीएपी कार्यक्रम के तहत एक कार के परीक्षण की लागत लगभग 60 लाख रुपये होगी, जबकि विदेश में इसी तरह के परीक्षण की लागत लगभग 2.5 करोड़ रुपये होती है।

भारत एनसीएपी के मानदंड-

  • भारत एनसीएपी परीक्षण प्रोटोकॉल वैश्विक क्रैश टेस्ट प्रोटोकॉल से मेल खाती है। 
  • इसकी रेटिंग 1 स्टार से 5 तक होगी।
  • एनसीएपी स्कोर (स्टार) जितना अधिक होगा कार उतनी ही सुरक्षित होगी।
  • मूल्यांकन में-
  1. वयस्क अधिभोगी संरक्षण (एओपी) 
  2. बाल अधिभोगी संरक्षण (सीओपी)
  3. सुरक्षा सहायता प्रौद्योगिकियों का फिटमेंट शामिल होगा। 
  • इसके लिए तीन परीक्षण किए जाएंगे-
    • फ्रंटल इम्पैक्ट टेस्ट
    • साइड इम्पैक्ट टेस्ट  
    • साइड पोल इम्पैक्ट टेस्ट 
  • इन परीक्षणों में वाहन के प्रदर्शन के आधार पर, मॉडल को एओपी और सीओपी के लिए अलग-अलग स्टार रेटिंग की पेशकश की जाएगी।
    • फ्रंट इम्पैक्ट परीक्षण 64 किमी/घंटा की गति से ऑफसेट डिफॉर्मेबल बैरियर के खिलाफ होगा, जो कि 56 किमी/घंटा से तेज है, जिसके लिए वाहन निर्माताओं ने पैरवी की थी)।
    • पोल प्रभाव परीक्षण केवल 3 स्टार और उससे अधिक रेटिंग प्राप्त कारों के लिए किया जाएगा। 
    • 3-स्टार या इससे अधिक रेटिंग के लिए कार में इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल और फ्रंट सीट बेल्ट रिमाइंडर होना चाहिए।

car-security

क्रैश टेस्टिंग की प्रक्रिया-

शुरुआत में यह अभ्यास स्वैच्छिक होगा, जब निर्माता क्रैश परीक्षण के लिए वाहन मॉडल पेश करने के इच्छुक है तो-

  • विनिर्माण संस्था का दौरा भारत एनसीएपी टीम द्वारा किया जाएगा।
  • टीम यादृच्छिक नमूने के माध्यम से मॉडल का आधार संस्करण चुनेगी।
  • इस वाहन को भारत एनसीएपी परीक्षण केंद्र में ले जाया जाएगा।
  • निर्माता के एनसीएपी प्रतिनिधियों की उपस्थिति में क्रैश टेस्ट होगा।
  • क्रैश टेस्ट के परिणाम और उस वाहन की स्टार रेटिंग प्रकाशित की जाएगी।
  • समीक्षा के तहत मापदंडों में-
    • सामने से टक्कर या किनारे से टकराने की स्थिति में कार की संरचनात्मक अखंडता का आकलन
    • सक्रिय और निष्क्रिय सुरक्षा सहायता प्रौद्योगिकियों का प्रावधान
    • वाहन में वयस्क और बच्चों की सुरक्षा और वाहन की समग्र पैदल यात्री-अनुकूलता शामिल है। 
    • डिज़ाइन, जिसका उपयोग अंतिम रेटिंग निर्धारित करने के लिए किया जाएगा।
  • ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एआरएआई) को पुणे और चाकन में अपनी प्रयोगशालाओं में इस योजना के तहत वाहनों का परीक्षण करना अनिवार्य है।

परीक्षण क्यों मायने रखता है

  • वर्तमान में कार निर्माता परीक्षण और स्टार ग्रेडिंग के लिए विदेशों में मॉडल भेजते हैं, जो कि महंगा है और इस प्रक्रिया में समय की भी खपत होती है।
  • नए मानदंडों से देश में बेची जाने वाली कारों की गुणवत्ता और भारत निर्मित ऑटोमोबाइल की निर्यात-योग्यता में सुधार होगा।
  • इस कार्यक्रम से उपभोक्ता व्यवहार में बदलाव आने और सुरक्षित कारों की मांग में वृद्धि होने की उम्मीद है। 
  • इसके माध्यम से निर्माताओं को सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

ग्लोबल एनसीएपी-

  • दुर्घटना सुरक्षा के आधार पर कारों की रेटिंग करने की कवायद सबसे पहले 1970 के दशक के अंत में संयुक्त राज्य अमेरिका में शुरू हुई।
  • इसी तरह के कार्यक्रम बाद में अन्यत्र भी लॉन्च किए गए- यूरो एनसीएपी, ऑस्ट्रेलियन एनसीएपी, जापान एनसीएपी, आसियान एनसीएपी और चीन एनसीएपी, जो काफी हद तक अमेरिकी प्रारूप पर आधारित थे।
  • विभिन्न एनसीएपी के बीच समन्वय में सुधार के लिए ग्लोबल एनसीएपी का गठन किया। 

भारत में हर साल सड़कों पर लगभग 1.5 लाख मौतें होती हैं, और सड़क दुर्घटना में होने वाली मौतों की दर दुनिया में सबसे अधिक है। स्टॉकहोम घोषणा के तहत, भारत 2030 तक सड़क यातायात में होने वाली मौतों और चोटों की संख्या को 50 प्रतिशत तक कम करने के लिए प्रतिबद्ध है।

प्रश्न:- भारत न्यू कार असेसमेंट प्रोग्राम(एनसीएपी) के सन्दर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।

  1.   यह कार्यक्रम सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़ो की जानकारी देता है।
  2.   एनसीएपी स्कोर (स्टार) कार की सुरक्षा को दर्शाएगा।
  3. प्रत्येक कार निर्माता कंपनी क्रैश परीक्षण के लिए बाध्यकारी होगी।

उपर्युक्त में से कितना/कितने कथन सही है/हैं?

(a) केवल एक                      

(b) केवल दो                               

(c) सभी  तीनों                       

(d) कोई नहीं 

 उत्तर - (a)

मुख्य परीक्षा के लिए प्रश्न- सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिहाज से भारत-न्यू कार असेसमेंट प्रोग्राम(एनसीएपी) की उपयोगिता बताएं।

« »
  • SUN
  • MON
  • TUE
  • WED
  • THU
  • FRI
  • SAT
Have any Query?

Our support team will be happy to assist you!

OR