चर्चा में क्यों?
छत्तीसगढ़ प्रत्येक वर्ष 1 नवंबर को अपना स्थापना दिवस मनाता है। यह दिवस वर्ष 2000 में मध्य प्रदेश से अलग होकर एक स्वतंत्र राज्य के रूप में छत्तीसगढ़ के गठन की स्मृति में मनाया जाता है।

प्रमुख तथ्य
|
विवरण
|
जानकारी
|
|
स्थापना दिवस
|
1 नवंबर, 2000
|
|
गठन संबंधी अधिनियम
|
मध्य प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, 2000
|
|
मूल राज्य
|
मध्य प्रदेश
|
|
गठन के समय राज्य का क्रम
|
भारत का 26वाँ राज्य
|
|
राजधानी
|
रायपुर
|
|
प्रथम मुख्यमंत्री
|
अजीत जोगी
|
|
प्रथम राज्यपाल
|
डी. एन. सहाय
|
|
उच्च न्यायालय
|
छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर
|
|
प्रमुख नदी
|
महानदी
|
|
प्रसिद्ध जलप्रपात
|
चित्रकोट जलप्रपात
|
|
प्रसिद्ध त्योहार
|
बस्तर दशहरा
|
|
लोकप्रिय पहचान
|
मध्य भारत का धान का कटोरा
|
|
प्रमुख खनिज
|
लौह अयस्क और कोयला
|
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
स्वतंत्रता से पहले छत्तीसगढ़
- वर्तमान छत्तीसगढ़ क्षेत्र का इतिहास प्राचीन राजवंशों और क्षेत्रीय राजनीतिक व्यवस्थाओं से जुड़ा रहा है।
- ऐतिहासिक रूप से इस क्षेत्र के विभिन्न भागों का संबंध दक्षिण कोसल, कलचुरी शासकों, नागवंशी परंपराओं, मराठा प्रशासन और ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन से रहा है।
- छत्तीसगढ़ नाम को पारंपरिक रूप से 'छत्तीस गढ़ों' की ऐतिहासिक अवधारणा से जोड़ा जाता है, हालाँकि इस नाम की सटीक ऐतिहासिक उत्पत्ति को लेकर मतभेद हैं।
- स्वतंत्रता के बाद, वर्ष 1956 में यह क्षेत्र मध्य प्रदेश का हिस्सा बन गया।
पृथक राज्य की माँग क्यों उठी?
छत्तीसगढ़ को अलग राज्य बनाने की माँग के पीछे कई क्षेत्रीय कारण थे।
- क्षेत्रीय पहचान: इस क्षेत्र की अपनी विशिष्ट सांस्कृतिक, भाषायी और ऐतिहासिक परंपराएँ थीं।
- प्रशासनिक सुगमता: पृथक राज्य के समर्थकों का तर्क था कि इससे दूरस्थ भौगोलिक क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक शासन और प्रशासन की पहुँच आसान होगी।
- आर्थिक विकास: खनिज संपदा से समृद्ध होने के बावजूद इस क्षेत्र के कई हिस्से विकास संबंधी चुनौतियों का सामना कर रहे थे।
- जनजातीय कल्याण: इस क्षेत्र में जनजातीय आबादी का महत्त्वपूर्ण हिस्सा निवास करता है। पृथक राज्य आंदोलन में जनजातीय विकास और स्थानीय शासन पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता को प्रमुखता से उठाया गया।
छत्तीसगढ़ का गठन
- भारत सरकार और मध्य प्रदेश विधानसभा की भागीदारी से नए राज्य के निर्माण के लिए आवश्यक संवैधानिक एवं विधायी प्रक्रिया पूरी की गई।
- संसद ने मध्य प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, 2000 पारित किया। इस अधिनियम की धारा 3 के अंतर्गत मध्य प्रदेश के निर्दिष्ट क्षेत्रों को अलग करके छत्तीसगढ़ राज्य का गठन किया गया।
- 1 नवंबर, 2000 को छत्तीसगढ़ आधिकारिक रूप से अस्तित्व में आया और अजीत जोगी इसके प्रथम मुख्यमंत्री बने।
संवैधानिक एवं विधायी ढाँचा
|
विवरण
|
जानकारी
|
|
अधिनियम का नाम
|
मध्य प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम
|
|
वर्ष
|
2000
|
|
अधिनियम संख्या
|
2000 का अधिनियम संख्या 28
|
|
अधिनियमन की तिथि
|
25 अगस्त, 2000
|
|
प्रभावी होने की तिथि
|
1 नवंबर, 2000
|
|
नवगठित राज्य
|
छत्तीसगढ़
|
|
मूल राज्य
|
मध्य प्रदेश
|
भौगोलिक महत्त्व
|
भौगोलिक विशेषता
|
विवरण
|
|
अवस्थिति
|
मध्य भारत
|
|
राजधानी
|
रायपुर
|
|
प्रमुख नदी
|
महानदी
|
|
अन्य महत्त्वपूर्ण नदियाँ
|
इंद्रावती, हसदेव, शिवनाथ और अरपा
|
|
प्रमुख मैदानी क्षेत्र
|
छत्तीसगढ़ का मैदान
|
|
पर्वतीय क्षेत्र
|
मैकाल एवं आसपास की पर्वत श्रेणियाँ
|
|
प्राकृतिक संसाधन
|
कोयला, लौह अयस्क, बॉक्साइट और चूना पत्थर
|
महानदी
महानदी छत्तीसगढ़ की सबसे महत्त्वपूर्ण नदियों में से एक है।
- इसका उद्गम वर्तमान धमतरी जिले की सिहावा पहाड़ियों से होता है। यह छत्तीसगढ़ और ओडिशा से होकर बहती हुई बंगाल की खाड़ी में गिरती है।
- यह नदी सिंचाई, कृषि, पेयजल आपूर्ति और औद्योगिक गतिविधियों के लिए महत्त्वपूर्ण है।
- ओडिशा में स्थित हीराकुंड बाँध महानदी नदी तंत्र से संबंधित प्रमुख बहुउद्देशीय परियोजनाओं में से एक है।
प्राकृतिक संसाधन एवं खनिज संपदा
|
खनिज
|
प्रमुख औद्योगिक उपयोग
|
|
कोयला
|
ताप विद्युत उत्पादन
|
|
लौह अयस्क
|
लौह एवं इस्पात उत्पादन
|
|
बॉक्साइट
|
एल्युमीनियम उद्योग
|
|
चूना पत्थर
|
सीमेंट निर्माण
|
|
डोलोमाइट
|
इस्पात एवं अग्निरोधी सामग्री उद्योग
|
|
टिन अयस्क
|
विभिन्न औद्योगिक उपयोग
|
प्रमुख औद्योगिक केंद्र
- भिलाई: भिलाई इस्पात संयंत्र के लिए प्रसिद्ध है।
- कोरबा: कोयला खनन और ताप विद्युत उत्पादन का एक महत्त्वपूर्ण केंद्र है।
- रायपुर: प्रमुख वाणिज्यिक एवं औद्योगिक केंद्र है।
- बैलाडीला: उच्च गुणवत्ता वाले लौह अयस्क के भंडारों के लिए प्रसिद्ध है।
भिलाई इस्पात संयंत्र
- भिलाई इस्पात संयंत्र भारत के प्रमुख एकीकृत इस्पात संयंत्रों में से एक है।
- इसकी स्थापना सोवियत संघ की सहायता से की गई थी और इसने भारत के औद्योगिक विकास में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
- यह संयंत्र विशेष रूप से रेलवे पटरियों और अन्य इस्पात उत्पादों के उत्पादन के लिए जाना जाता है।
जनजातीय विरासत एवं सांस्कृतिक पहचान
छत्तीसगढ़ में बड़ी जनजातीय आबादी निवास करती है और इसकी एक विशिष्ट सांस्कृतिक विरासत है।
- यहाँ की प्रमुख जनजातियों में गोंड, बैगा, हल्बा, मुरिया, मारिया, उराँव और कंवर शामिल हैं।
- इन समुदायों की पारंपरिक ज्ञान प्रणालियाँ, लोकसंगीत, नृत्य, हस्तशिल्प और वन-आधारित आजीविका राज्य की पहचान का महत्त्वपूर्ण हिस्सा हैं।
बस्तर दशहरा: एक विशिष्ट सांस्कृतिक उत्सव
- भगवान राम की रावण पर विजय से जुड़े सामान्य दशहरा उत्सव के विपरीत, बस्तर दशहरा मुख्य रूप से देवी दंतेश्वरी की आराधना से संबंधित है।
- यह उत्सव अपने विस्तृत धार्मिक अनुष्ठानों, पारंपरिक शोभायात्राओं और जनजातीय समुदायों की भागीदारी के लिए प्रसिद्ध है।
पारंपरिक कला एवं हस्तशिल्प
छत्तीसगढ़ कई पारंपरिक कलाओं और हस्तशिल्पों के लिए प्रसिद्ध है, जिनमें शामिल हैं—
- ढोकरा धातु शिल्प
- घंटी धातु (बेल मेटल) शिल्प
- लकड़ी की नक्काशी
- जनजातीय आभूषण
- बाँस से निर्मित हस्तशिल्प
- पारंपरिक टेराकोटा (मृण्मय) कला
प्राकृतिक एवं पुरातात्त्विक विरासत
चित्रकोट जलप्रपात
- बस्तर में इंद्रावती नदी पर स्थित चित्रकोट जलप्रपात भारत के सबसे आकर्षक जलप्रपातों में से एक है।
- अपने विस्तृत घोड़े की नाल जैसे आकार के कारण इसे प्रायः 'भारत का नियाग्रा जलप्रपात' कहा जाता है।
कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान
- कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान अपनी समृद्ध जैव विविधता, वनों, चूना पत्थर की गुफाओं और वन्यजीवों के लिए प्रसिद्ध है।
- यह उद्यान विशेष रूप से कुटुमसर और कैलाश गुफाओं के लिए जाना जाता है।
सिरपुर (Sirpur)
- सिरपुर एक महत्त्वपूर्ण पुरातात्त्विक एवं ऐतिहासिक स्थल है।
- यहाँ प्राचीन बौद्ध, हिंदू और जैन धार्मिक स्थलों के अवशेष पाए जाते हैं।
- यह स्थल धार्मिक एवं सांस्कृतिक आदान-प्रदान के केंद्र के रूप में इस क्षेत्र के ऐतिहासिक महत्त्व को दर्शाता है।
आर्थिक महत्त्व
कृषि
- छत्तीसगढ़ पारंपरिक रूप से धान की खेती के लिए प्रसिद्ध है।
- इसे लोकप्रिय रूप से 'मध्य भारत का धान का कटोरा' कहा जाता है।
- यहाँ की प्रमुख फसलों में धान, मक्का, दलहन, तिलहन और गन्ना शामिल हैं।
ऊर्जा क्षेत्र
कोयले के विशाल भंडार और ताप विद्युत अवसंरचना के कारण छत्तीसगढ़ भारत की विद्युत उत्पादन क्षमता में महत्त्वपूर्ण योगदान देता है।
औद्योगिक विकास
इस्पात, एल्युमीनियम, सीमेंट और विद्युत उत्पादन राज्य की प्रमुख औद्योगिक गतिविधियों में शामिल हैं।
जनजातीय विकास एवं पर्यावरणीय चुनौतियाँ
- क्षेत्रीय असमानता: राज्य के विभिन्न जिलों में आर्थिक विकास का स्तर असमान बना हुआ है।
- जनजातीय कल्याण: शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, आधारभूत संरचना और आजीविका के अवसरों तक पहुँच में निरंतर सुधार की आवश्यकता है।
- वन संरक्षण: खनन और औद्योगिक विस्तार से वन पारिस्थितिकी तंत्र पर दबाव बढ़ता है।
- विस्थापन: विकास परियोजनाएँ वनों पर निर्भर समुदायों और जनजातीय आबादी को प्रभावित कर सकती हैं।
- नक्सलवाद एवं आंतरिक सुरक्षा: बस्तर क्षेत्र के कुछ हिस्से वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित रहे हैं, जिससे शासन और विकास के समक्ष चुनौतियाँ उत्पन्न हुई हैं।
प्रारंभिक परीक्षा प्रश्न
प्रश्न. छत्तीसगढ़ का गठन एक पृथक राज्य के रूप में निम्नलिखित में से किस अधिनियम के अंतर्गत किया गया था?
(a) मध्य प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, 2000
(b) राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956
(c) बिहार पुनर्गठन अधिनियम, 2000
(d) उत्तर प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, 2000
मुख्य परीक्षा अभ्यास प्रश्न
प्रश्न. वर्ष 2000 में छत्तीसगढ़ के गठन के पीछे उत्तरदायी सामाजिक-आर्थिक एवं प्रशासनिक कारकों का परीक्षण कीजिए।
|
FAQs
1. छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस कब मनाया जाता है?
उत्तर: प्रत्येक वर्ष 1 नवंबर को।
2. छत्तीसगढ़ का गठन किस वर्ष हुआ था?
उत्तर: वर्ष 2000 में।
3. छत्तीसगढ़ के प्रथम मुख्यमंत्री कौन थे?
उत्तर: अजीत जोगी।
4. छत्तीसगढ़ की राजधानी क्या है?
उत्तर: रायपुर।
5. छत्तीसगढ़ को मध्य भारत का धान का कटोरा क्यों कहा जाता है?
उत्तर: राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था में धान की खेती के ऐतिहासिक एवं व्यापक महत्त्व के कारण इसे मध्य भारत का धान का कटोरा कहा जाता है।
|