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पीली मशरूम की एक नई प्रजाति की खोज

प्रारम्भिक परीक्षा – पीली मशरूम की एक नई प्रजाति
मुख्य परीक्षा - सामान्य अध्ययन पेपर-3

संदर्भ

  • केरल के तिरुवनंतपुरम में स्थित जवाहरलाल नेहरू ट्रॉपिकल बोटैनिकल गार्डन एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट (JNTBGRI) के द्वारा एक पीली 'टोपी' वाले छोटे एवं नाजुक दिखने वाले मशरूम की नई प्रजाति की खोज की गई है।

Candolleomyces

प्रमुख बिंदु 

  • मशरूम की नई प्रजाति का नाम 'कैंडोलेमाइसेस अल्बोस्क्वामोसस ' (Candolleomyces Albosquamosus) दिया गया है।
  • यह जीनस कैंडोलेओमाइसेस (Genus Candolleomyces) प्रजाति से संबंधित है। 
  • भारत में जीनस कैंडोलोमाइसेस की एक नई प्रजाति की खोज बहुत ही महत्वपूर्ण है, क्योंकि विश्व में इस जीनस के केवल 35 प्रजातियां ही मौजूद हैं।
  • यह नई प्रजाति के पाइलस या टोपी पर सफेद ऊनी स्केल जैसी नाजुक संरचनाएं होती है। यह मशरूम लगभग 58 मिमी की ऊंचाई तक बढ़ता है।
  • यह शहद के समान पीले एवं भूरे पीले रंग के होते हैं। इसका तना या डंठल सफेद रंग का बेलनाकार होता है।
  • यह उष्ककटिबंधीय क्षेत्रों में पाये जाते हैं। जो प्राकृतिक जंगलों में मृत लकड़ियों जैसे - बाँस आदि स्थानों पर उगते है।
  • भारत में इससे पहले जीनस सैथिरेला की 7 प्रजातियों की खोज की गई थी। 
  • केरल का पश्चिमी घाट क्षेत्र कवक तथा अन्य पौधों के विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण क्षेत्र है। 

केरल की विशेषता : केरल को 'भारत का मसालों का बगीचा' कहा जाता है। 

यहाँ व्‍यापारिक फ़सलें जैसे - नारियल, सुपारी, केला, काजू, रबड़, काली मिर्च, अदरक, हल्‍दी, इलायची, जायफल, दालचीनी, लौंग, चाय तथा कॉफी आदि की कृषि अधिक की जाती हैं।

  • पश्चिमी घाट भारत में स्थित प्रमुख जैव विविधता वाले स्थलों में है इसलिए इस क्षेत्र को हॉट-स्पॉट के रूप में भी चिह्नित किया गया है। 

मशरूम

  • यह एक कवक की प्रजाति है जो मिट्टी में, सड़ी-गली लकड़ी, नम तथ सीलन भरे स्थानों, वृक्ष के ठूंठों पर तथा सजीव पादपों के ऊपर परजीवी के रूप में उगते हैं। 
  • मशरूम में विभिन्न पोषक तत्त्वों पाये जाते हैं ;जैसे प्रोटीन, खनिज,विटामिन , स्टेरॉयड, फ्लेवोनोइड्स, एंटीऑक्सिडेंट आदि। 

मशरूम से लाभ

  • कैंसर के इलाज में, भूलने की बीमारी (अल्जाइमर) के उपचार में, आंत को स्वस्थ रखने में डायबिटीज के उपचार में आदि।

मशरूम से हानि

  • जहरीले मशरूम जैसे- ग्रिफोला फ्रोंडोसा, आयस्टर एवं सेल्फर शेल्फ के सेवन से लीवर एवं किडनी में रोग हो सकते है। 
  • अत्यधिक मात्रा में मशरूम के सेवन से पेट फूलने की बीमारी हो सकती है।

प्रारंभिक परीक्षा प्रश्न : निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

  1. केरल में मशरूम की नई प्रजाति 'कैंडोलेमाइसेस अल्बोस्क्वामोसस' की खोज की गई है।
  2. जीनस कैंडोलोमाइसेस की विश्व में केवल 35 प्रजातियां ही मौजूद हैं।
  3. यह मशरूम की नई प्रजाति शहद के समान पीले एवं भूरे रंग की है। 

उपर्युक्त में से कितने कथन सही हैं?

(a) केवल एक

(b) केवल दो

(c) सभी तीन

(d) कोई भी नहीं

उत्तर : (c)  

मुख्य परीक्षा प्रश्न: मशरूम क्या है ? इसके सेवन से होने वाले प्रमुख लाभ एवं हानि की व्याख्या कीजिए 

स्रोत : THE HINDU

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