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Final Result - UPSC CSE Result, 2025 GS Foundation (P+M) - Delhi : 1st April 2026, 11:30 AM GS Foundation (P+M) - Prayagraj : 3rd April 2026, 5:30PM Final Result - UPSC CSE Result, 2025 GS Foundation (P+M) - Delhi : 1st April 2026, 11:30 AM GS Foundation (P+M) - Prayagraj : 3rd April 2026, 5:30PM

भारत में मुद्रास्फीति का वर्तमान परिदृश्य

(प्रारंभिक परीक्षा: समसामयिक आर्थिक घटनाक्रम)
(मुख्य परीक्षा, सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र- 3: भारतीय अर्थव्यवस्था तथा योजना, संसाधनों को जुटाने, प्रगति, विकास तथा रोज़गार से संबंधित विषय)

संदर्भ 

जून 2025 में भारत में खुदरा मुद्रास्फीति 77 महीने के निम्नतम स्तर 2.1% पर पहुंच गई, जो जनवरी 2019 के बाद न्यूनतम है। इसका प्रमुख कारण खाद्य पदार्थों की कीमतों में कमी और कच्चे तेल की कीमतों में लगातार गिरावट रहा है।

क्या है मुद्रास्फीति 

  • मुद्रास्फीति वह दर है जिसके साथ वस्तुओं एवं सेवाओं की कीमतों में समय के साथ वृद्धि होती है।
  • यह अर्थव्यवस्था में क्रय शक्ति को कम करती है और जीवनयापन की लागत को प्रभावित करती है।
  • मुद्रास्फीति को मापने के लिए विभिन्न सूचकांकों का उपयोग किया जाता है, जैसे- उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) और थोक मूल्य सूचकांक (WPI)।

मुद्रास्फीति के प्रकार

  • खुदरा मुद्रास्फीति (Retail Inflation) : यह उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) पर आधारित होती है जो उपभोक्ताओं द्वारा खरीदी जाने वाली वस्तुओं एवं सेवाओं की कीमतों में परिवर्तन को मापती है।
  • थोक मुद्रास्फीति (Wholesale Inflation) : यह थोक मूल्य सूचकांक (WPI) पर आधारित होती है जो प्राथमिक एवं निर्मित उत्पादों की कीमतों में परिवर्तन को मापती है।

उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के बारे में

  • यह उपभोक्ताओं द्वारा खरीदी जाने वाली वस्तुओं व सेवाओं की कीमतों में परिवर्तन को मापता है।
  • इसमें खाद्य, ईंधन, आवास, परिवहन एवं अन्य आवश्यक वस्तुएँ शामिल हैं।
  • इसे सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा मासिक रूप से जारी किया जाता है।
  • यह मुद्रास्फीति की दर को निर्धारित करने का प्राथमिक उपाय है।

भारत में वर्तमान परिदृश्य

  • जून 2025 में खुदरा मुद्रास्फीति 2.1% तक गिर गई, जो जनवरी 2019 के बाद न्यूनतम है। 
  • थोक मूल्य सूचकांक (WPI) में 0.13% की कमी दर्ज की गई, जो अक्तूबर 2023 के बाद न्यूनतम है।
  • खाद्य एवं पेय पदार्थ श्रेणी में 0.2% की कमी आई, जो पिछले वर्ष जून 2024 में 8.4% की मुद्रास्फीति से काफी कम है।

उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) में शामिल घटक

  • खाद्य टोकरी (Food Basket) : इसमें सब्जियाँ, दाल, मसाले, मांस, दूध एवं अन्य खाद्य पदार्थ शामिल हैं। जून 2025 में इनमें कमी देखी गई।
  • ईंधन एवं प्रकाश (Fuel and Light) : इसमें बिजली, एल.पी.जी. एवं अन्य ईंधन शामिल हैं। इस श्रेणी में मुद्रास्फीति 2.55% रही।
  • आवास (Housing) : इस श्रेणी में किराए एवं रखरखाव की लागत शामिल है जिसमें 3.24% की वृद्धि हुई।
  • पान, तंबाकू एवं नशीले पदार्थ : इस श्रेणी में मुद्रास्फीति 2.4% पर स्थिर रही।

मुद्रास्फीति परिवर्तन के लिए प्रेरक कारक

  • खाद्य कीमतों में कमी : सब्जियों, दालों, मसालों एवं मांस की कीमतों में कमी से मुद्रास्फीति में गिरावट आई।
  • कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट : जून 2025 में कच्चे तेल की कीमतों में 12.3% की कमी आई जो लगातार दसवें महीने की गिरावट है।
  • कृषि गतिविधियों में सुधार : स्वस्थ कृषि गतिविधियों और अनुकूल आधार ने खाद्य मुद्रास्फीति को नियंत्रित रखा है।
  • कम आधार प्रभाव : पिछले वर्ष की नकारात्मक मुद्रास्फीति (-3.6%) से इस वर्ष की दर में अतिरिक्त कमी दिखाई देती है।
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