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ताइवान में 'रिकॉल वोट' और ब्लूबर्ड आंदोलन

(प्रारंभिक परीक्षा: समसामयिक घटनाक्रम)

चर्चा में क्यों

ताइवान में हाल ही में 26 जुलाई, 2025 को ‘रिकॉल वोट’ (recall vote) को लेकर बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला। सत्तारूढ़ डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी (DPP) और ब्लूबर्ड आंदोलन के समर्थन से विपक्षी कुओमिनतांग (KMT) पार्टी के 24 सांसदों को हटाने की कोशिश की गई। हालांकि, पहले चरण में सभी सांसद अपने पदों पर बने रहे।

ताइवान में रिकॉल वोट क्या है

  • यह ताइवान के संविधान में निहित एक लोकतांत्रिक प्रक्रिया है।
  • इसके तहत नागरिक जनप्रतिनिधियों को समय से पहले पद से हटाने का अधिकार रखते हैं।
  • प्रक्रिया तीन चरणों में होती है:
    1. 1% मतदाताओं की याचिका
    2. 10% समर्थन वाली दूसरी याचिका
    3. अंतिम चरण में25% वोटर्स का समर्थन जरूरी होता है।

ताइवान में वर्तमान स्थिति

  • वर्ष 2024 के चुनावों में सत्तारूढ़ DPP ने राष्ट्रपति पद तो जीता (विलियम लाई चिंग-ते) पर संसद (कुल113सीटें) में बहुमत (57+सीटें) खो दिया
  • विपक्षी KMT के पास 52 सीटें और सहयोगी पार्टी TPP के पास 8 सीटें, कुल 60 (बहुमत)।
  • सत्तारूढ़ DPP के पास केवल 51 सीटें, जिससे संसद में विधायी कार्यों में हस्तक्षेप होने लगा।

ब्लूबर्ड आंदोलन और पृष्ठभूमि

  • यह वर्ष 2024 में शुरू हुआ एक नागरिक आंदोलन है।
  • विपक्षी KMT पर चीन के साथ मिलीभगत और संविधान की अवहेलना के आरोप लगे।
  • विपक्ष ने विवादित विधेयकों को जल्दबाजी में पारित किया, जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया का उल्लंघन हुआ।
  • मई 2024 में 1 लाख प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतरे, जिससे आंदोलन को व्यापक समर्थन मिला।
  • आंदोलन को उस सड़क के नाम पर ‘ब्लूबर्ड मूवमेंट’ कहा गया जहाँ विरोध हुआ था।

आन्दोलन के प्रमुख कारण

  • सत्ता का बंटवारा: कार्यपालिका और विधायिका दो अलग-अलग दलों के हाथ में
  • DPP के विधेयकों को KMT ने बार-बार रोका और खुद के विधेयक पारित करवाए।
  • KMT के बिलों में न्यायपालिका और कार्यपालिका की शक्तियों को सीमित करने की प्रवृत्ति दिखी।
  • इस संविधान विरोधी रवैये के खिलाफ ही ब्लूबर्ड आंदोलन और ‘रिकॉल वोट’ शुरू हुआ।

इसके प्रभाव

  • राजनीतिक ध्रुवीकरण में वृद्धि : समाज में पक्ष-विपक्ष के बीच कटुता बढ़ी।
  • KMT के सभी सांसद पहले चरण में रिकॉल से बच गए, जिससे आंदोलन की वैधता पर प्रश्न उठा।
  • DPP पर राजनीतिक लाभ के लिए आंदोलन भड़काने के आरोप लगे।
  • जनता की भूमिका सक्रिय होने के बावजूद, विश्वास में कमी देखी गई।
  • दूसरा चरण अब अगस्त के अंत में होगा जिसमें 7 सीटों पर वोटिंग होगी।
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