मेघालय का पारंपरिक और पवित्र बेहदेनखलम उत्सव

चर्चा में क्यों ?

  • मेघालय के जोवाई कस्बे में हाल ही में पारंपरिक बेहदेनखलम उत्सव का आयोजन बड़े हर्षोल्लास के साथ किया गया। यह उत्सव हर वर्ष जुलाई महीने में मनाया जाता है और यह राज्य के पनार समुदाय के लिए विशेष महत्व रखता है। 

प्रमुख बिंदु :-

  • मेघालय के जोवाई कस्बे में हर वर्ष जुलाई माह में मनाया जाने वाला बेहदेनखलम उत्सव हाल ही में पारंपरिक धूमधाम और सामाजिक संदेशों के साथ संपन्न हुआ। 
  • यह उत्सव पनार जनजाति की सांस्कृतिक विरासत, धार्मिक मान्यताओं और सामाजिक एकता का प्रतीक है।
  • जिसका मुख्य उद्देश्य अच्छी फसल की कामना करना तथा समाज से बीमारियों और बुराइयों को दूर भगाना है।

बेहदेनखलम का अर्थ और महत्व

  • 'बेहदेनखलम' का शाब्दिक अर्थ है – "प्लेग को दूर भगाना"।
  • इसका उद्देश्य समाज से बीमारियों, बुराइयों और नकारात्मक शक्तियों को हटाना और अच्छी फसल की प्रार्थना करना है।
  • यह त्योहार बुवाई के मौसम के बाद मनाया जाता है, जिससे कृषि, स्वास्थ्य और आध्यात्मिकता – तीनों को एक साथ जोड़ा गया है।

कौन मनाता है यह उत्सव ?

  • यह उत्सव जयंतिया पहाड़ियों में रहने वाले पनार समुदाय द्वारा मनाया जाता है।
  • यह समुदाय जयंतिया जनजाति की एक उप-जनजाति है और यह उत्सव उनके पारंपरिक धर्म "नियाम त्रे" से जुड़ा हुआ है।

तीन दिवसीय अनुष्ठान और आयोजन

  • उत्सव तीन दिनों तक चलता है, जिसमें पुरुष पवित्र नृत्य और धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेते हैं।
  • महिलाएं पूर्वजों की आत्मा के लिए भोजन बनाकर अर्पित करती हैं।
  • "सिम्बुद खनोंग" नामक एक पवित्र लकड़ी के खंभे को नगर भर में घुमाया जाता है और फिर इसे एक पवित्र स्थान पर रख दिया जाता है – जिससे बुरी आत्माओं को दूर रखने का प्रतीकात्मक कार्य होता है।

खेल और चेतना का संगम – डैड-लावाकोर

  • इस उत्सव का एक अनोखा पहलू है – "डैड-लावाकोर", एक पारंपरिक खेल जो फुटबॉल जैसा प्रतीत होता है और म्यनथोंग क्षेत्र में खेला जाता है।
  • यह खेल समुदाय की सहभागिता और उत्साह का प्रतीक है।

समकालीन सामाजिक संदेश

  • अब यह उत्सव केवल धार्मिक नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना का मंच भी बन गया है।
  • नशा विरोध, शराब निषेध और जलवायु परिवर्तन जैसे आधुनिक विषयों पर जागरूकता अभियान भी उत्सव का हिस्सा हैं।

महत्वपूर्ण तथ्य संक्षेप में:

तत्व

विवरण

राज्य

मेघालय

स्थान

जोवाई, जयंतिया हिल्स

समुदाय

पनार (जयंतिया जनजाति की उप-जनजाति)

अवधि

3 दिन

धार्मिक परंपरा

नियाम त्रे

मुख्य गतिविधियाँ

नृत्य, सिम्बुद खनोंग यात्रा, पूर्वजों के लिए अर्पण, डैड-लावाकोर खेल

सामाजिक उद्देश्य

बीमारियों का निवारण, फसल कामना, सामाजिक चेतना

प्रश्न:-बेहदेनखलम उत्सव किस राज्य में मनाया जाता है?

(a) असम

(b) मेघालय

(c) मणिपुर

(d) त्रिपुरा

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