New
Final Result - UPSC CSE Result, 2025 GS Foundation (P+M) - Delhi : 23rd March 2026, 11:30 AM GS Foundation (P+M) - Prayagraj : 15th March 2026 Final Result - UPSC CSE Result, 2025 GS Foundation (P+M) - Delhi : 23rd March 2026, 11:30 AM GS Foundation (P+M) - Prayagraj : 15th March 2026

मूनशॉट प्रोजेक्ट: मस्तिष्क की क्षमताओं को बढ़ाने की दिशा में एक क्रांतिकारी पहल

  • हाल ही में भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc) ने एक महत्वाकांक्षी “मूनशॉट प्रोजेक्ट” शुरू किया है। 
  • इस परियोजना का लक्ष्य मानव मस्तिष्क की क्षमताओं को बढ़ाने तथा तंत्रिका तंत्र से जुड़ी समस्याओं के उपचार के लिए ब्रेन को-प्रोसेसर (Brain Co-Processor) विकसित करना है। 
  • यह परियोजना न्यूरोमॉर्फिक हार्डवेयर और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) एल्गोरिदम को मिलाकर ऐसी तकनीक तैयार करने पर केंद्रित है जो मस्तिष्क के कार्य को बढ़ाने या क्षतिग्रस्त कार्यों को पुनः बहाल करने में मदद कर सके।

मूनशॉट प्रोजेक्ट क्या है ?

मूनशॉट प्रोजेक्ट एक उन्नत शोध पहल है जिसका उद्देश्य मस्तिष्क से जुड़ने वाले ऐसे स्मार्ट सह-प्रोसेसर विकसित करना है जो मस्तिष्क की गतिविधियों को पढ़ सकें, उन्हें समझ सकें और आवश्यकतानुसार मस्तिष्क को संकेत वापस भेज सकें।

  • यह तकनीक मानव मस्तिष्क और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के संयोजन पर आधारित होगी।
  • इसमें न्यूरोमॉर्फिक हार्डवेयर (जो मस्तिष्क की संरचना की तरह काम करता है) और AI एल्गोरिदम का उपयोग किया जाएगा।
  • इसका लक्ष्य मस्तिष्क की प्राकृतिक क्षमताओं को बढ़ाना और क्षतिग्रस्त कार्यों को पुनर्स्थापित करना है।

ब्रेन को-प्रोसेसर क्या है ?

ब्रेन को-प्रोसेसर एक उभरती हुई न्यूरोटेक्नोलॉजी है जो मस्तिष्क के साथ सीधे संवाद कर सकती है।

इसकी मुख्य विशेषताएँ:

  • मस्तिष्क की तंत्रिका गतिविधि (Neural signals) को रिकॉर्ड करना
  • इन संकेतों को AI एल्गोरिदम के माध्यम से समझना
  • आवश्यकता के अनुसार तंत्रिका उत्तेजना (Neural stimulation) या न्यूरोफीडबैक के माध्यम से संकेत वापस मस्तिष्क को भेजना
  • मस्तिष्क के विभिन्न हिस्सों के बीच बेहतर समन्वय और गति नियंत्रण में मदद करना

यह प्रणाली एक AI-संचालित, क्लोज्ड-लूप डिवाइस के रूप में कार्य करेगी, जो लगातार मस्तिष्क से संकेत प्राप्त कर उन्हें प्रोसेस करेगी और आवश्यक प्रतिक्रिया देगी।

परियोजना की पृष्ठभूमि

यह पहल भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc) की मस्तिष्क, संगणना और डेटा विज्ञान पहल (Brain, Computation and Data Science Initiative)द्वारा शुरू की गई एक पायलट परियोजना से विकसित हुई है।

  • यह एक बहुविषयक (Multidisciplinary) परियोजना है।
  • इसमें न्यूरोसाइंस, कंप्यूटर साइंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इलेक्ट्रॉनिक्स और बायोमेडिकल इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों के विशेषज्ञ शामिल हैं।
  • इस परियोजना को प्रतीक्षा ट्रस्ट (Pratiksha Trust) द्वारा वित्तपोषित किया जा रहा है।

परियोजना के प्रमुख उद्देश्य

मूनशॉट प्रोजेक्ट के तहत निम्नलिखित लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं:

  1. इम्प्लांटेबल और नॉन-इनवेसिव ब्रेन को-प्रोसेसर विकसित करना
  2. मस्तिष्क की तंत्रिका गतिविधियों को रिकॉर्ड और डिकोड करना
  3. AI एल्गोरिदम की मदद से इन संकेतों को समझना और प्रोसेस करना
  4. न्यूरल स्टिमुलेशन या न्यूरोफीडबैक के माध्यम से मस्तिष्क में संकेत वापस भेजना
  5. मस्तिष्क के विभिन्न भागों के बीच समन्वित और सुचारू गति को बहाल करना

स्ट्रोक के उपचार में उपयोग

इस परियोजना का एक प्रमुख लक्ष्य स्ट्रोक से प्रभावित लोगों की मदद करना है।

जब किसी व्यक्ति को स्ट्रोक होता है, तो अक्सर मस्तिष्क के वे हिस्से क्षतिग्रस्त हो जाते हैं जो शरीर की गति को नियंत्रित करते हैं। इसके कारण मरीज को चलने, हाथ उठाने या वस्तु पकड़ने में कठिनाई होती है।

मूनशॉट प्रोजेक्ट के अंतर्गत विकसित ब्रेन को-प्रोसेसर:

  • क्षतिग्रस्त न्यूरल नेटवर्क की भरपाई करने में मदद करेंगे
  • मरीजों को लक्ष्य-निर्देशित गतिविधियाँ जैसे हाथ बढ़ाना और वस्तु पकड़ना फिर से सीखने में सहायता करेंगे
  • संज्ञानात्मक पुनर्वास (Cognitive Rehabilitation) को बेहतर बनाएंगे

परियोजना का महत्व

मूनशॉट प्रोजेक्ट कई कारणों से अत्यंत महत्वपूर्ण है:

  • यह भारत में उन्नत न्यूरोटेक्नोलॉजी के विकास की दिशा में बड़ा कदम है।
  • इससे स्ट्रोक, पक्षाघात और अन्य न्यूरोलॉजिकल विकारों के उपचार में नई संभावनाएँ खुल सकती हैं।
  • यह मानव मस्तिष्क और AI के एकीकरण की दिशा में अग्रणी शोध का आधार बनेगा।
  • भविष्य में यह तकनीक मानव क्षमताओं को बढ़ाने (Human augmentation) के लिए भी उपयोगी हो सकती है।
« »
  • SUN
  • MON
  • TUE
  • WED
  • THU
  • FRI
  • SAT
Have any Query?

Our support team will be happy to assist you!

OR
X