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ओलियम (Oleum): क्या है, गुण, उपयोग और खतरे

  • हाल ही में पालघर जिला के एक रासायनिक संयंत्र में खतरनाक ओलियम गैस के बड़े पैमाने पर रिसाव की घटना सामने आई, जिसके कारण लगभग 2,600 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करना पड़ा। 
  • इस घटना ने एक बार फिर ओलियम जैसे अत्यधिक प्रतिक्रियाशील रसायनों की खतरनाक प्रकृति को उजागर किया है।

ओलियम क्या है ?

ओलियम (Oleum) एक शक्तिशाली रासायनिक विलयन है, जो सल्फ्यूरिक अम्ल (HSO) में घुले हुए सल्फर ट्राईऑक्साइड (SO) से बनता है। इसे सामान्यतः "फ्यूमिंग सल्फ्यूरिक एसिड" (Fuming Sulfuric Acid) भी कहा जाता है।

  • इसका सामान्य सूत्र HSO·xSO माना जाता है।
  • इसमें अतिरिक्त SO (सल्फर ट्राईऑक्साइड) मौजूद होने के कारण यह साधारण सल्फ्यूरिक अम्ल की तुलना में अधिक प्रतिक्रियाशील और शक्तिशाली होता है।
  • हवा के संपर्क में आने पर यह SO गैस छोड़ता है, जिससे धुएँ जैसा प्रभाव दिखाई देता है।

ओलियम का उत्पादन

ओलियम का उत्पादन मुख्यतः संपर्क प्रक्रिया (Contact Process) के माध्यम से किया जाता है।

इस प्रक्रिया के मुख्य चरण:

  1. सल्फर को जलाकर SO (सल्फर डाइऑक्साइड) बनाना
  2. उत्प्रेरक (आमतौर पर वैनाडियम पेंटॉक्साइड) की सहायता से इसे SO (सल्फर ट्राईऑक्साइड) में परिवर्तित करना
  3. SO को सीधे पानी में न मिलाकर सल्फ्यूरिक अम्ल में घोलना, जिससे ओलियम बनता है

भौतिक एवं रासायनिक गुण

  • रंग: रंगहीन से हल्का पीला
  • बनावट: तैलीय (Oily) और गाढ़ी
  • प्रकृति: अत्यधिक संक्षारक (Corrosive)
  • श्यानता: अधिक (इस कारण इसका संचालन सावधानी से किया जाता है)
  • हवा में आने पर धुआँ छोड़ता है

ओलियम के प्रमुख उपयोग

  1. अत्यधिक सांद्रित सल्फ्यूरिक अम्ल के निर्माण में
  2. विस्फोटकों के निर्माण में
  3. रंग (Dyes) और रंजक बनाने में
  4. फार्मास्यूटिकल उद्योग में विभिन्न रसायनों के संश्लेषण में
  5. कार्बनिक रसायन उद्योग में निर्जलीकरण एजेंट के रूप में
  6. पेट्रोकेमिकल और उर्वरक उद्योग में रासायनिक प्रतिक्रियाओं के लिए

ओलियम की निर्जलीकरण क्षमता बहुत अधिक होती है, इसलिए यह कई कार्बनिक यौगिकों से पानी को अलग कर सकता है।

ओलियम के खतरे  

ओलियम अत्यधिक खतरनाक रसायन माना जाता है।

मुख्य खतरे:

  • अत्यधिक संक्षारक: त्वचा और आँखों को गंभीर रूप से जला सकता है
  • श्वसन तंत्र पर प्रभाव: इसकी गैसें सांस के साथ अंदर जाने पर फेफड़ों को नुकसान पहुँचा सकती हैं
  • रासायनिक जलन: धातुओं और कई पदार्थों को भी नुकसान पहुँचा सकता है
  • पर्यावरणीय खतरा: बड़े पैमाने पर रिसाव से वायु और जल प्रदूषण हो सकता है

इसी कारण ओलियम को संभालने और परिवहन करने के लिए विशेष सुरक्षा मानकों और सुरक्षात्मक उपकरणों की आवश्यकता होती है।

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