New
Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 10th Aug 2026, 3:00 PM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 18th Aug 2026, 8:00 AM English Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 6th Aug 2026 English Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 19th Aug 2026, 8:00 AM Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 10th Aug 2026, 3:00 PM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 18th Aug 2026, 8:00 AM English Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 6th Aug 2026 English Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 19th Aug 2026, 8:00 AM

उद्योगों को पर्यावरणीय मंजूरी से छूट 

प्रारंभिक परिक्षा

(राष्ट्रीय घटनाक्रम, पर्यावरणीय पारिस्थितिकी, जैव-विविधता और जलवायु परिवर्तन संबंधी सामान्य मुद्दे)

मुख्य परीक्षा

(सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र-2 : सरकारी नीतियों और विभिन्न क्षेत्रों में विकास के लिये हस्तक्षेप तथा उनके अभिकल्पन तथा कार्यान्वयन के कारण उत्पन्न विषय)

संदर्भ 

केंद्रीय पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने 39 श्वेत श्रेणी के उद्योगों को राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (State Pollution Control Board : SPCB) से अनुमति लेने की अनिवार्य आवश्यकता से छूट दे दी है।

छूट प्राप्त उद्योग

  • SPCB की अनुमति से छूट प्राप्त करने वाले प्रमुख उद्योगों में शामिल हैं : 
    • सौर सेल एवं मॉड्यूल बनाने वाली विनिर्माण इकाइयाँ
    • पवन एवं जल विद्युत इकाइयाँ
    • फ्लाई ऐश ईंटें/ब्लॉक निर्माण
    • चमड़े की कटाई एवं सिलाई 
    • एयर कूलर/कंडीशनर की असेंबलिंग, मरम्मत एवं सर्विसिंग 
  • केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (Central Pollution Control Board : CPCB)  द्वारा वर्ष 2016 के वर्गीकरण के अनुसार इन सभी क्षेत्रों को ‘श्वेत श्रेणी’ के उद्योगों के रूप में वर्गीकृत किया गया है। 
    • श्वेत श्रेणी में वे उद्योग शामिल होते हैं जो प्रकृति में सबसे कम प्रदूषण उत्सर्जित करते हैं। 
  • CPCB द्वारा यह छूट जल अधिनियम, 1974 और वायु अधिनियम, 1981 के तहत दी गई है।  
  • पर्यावरण में अपशिष्टों को या प्रदूषकों को उत्सर्जित करने वाले उद्योगों को विनियमित करने के लिए संचालन के लिए सहमति (Consent to Operate : CTO) परमिट के साथ स्थापना के लिए सहमति (Consent to Establish : CTE) परमिट दिया जाता है।

उद्योंगों का रंग-कोडित वर्गीकरण 

  •  CPCB के वर्गीकरण के अनुसार उद्योगों की चार रंग-कोडित श्रेणियाँ हैं : 
    • लाल श्रेणी : 60 और उससे अधिक प्रदूषण सूचकांक वाले औद्योगिक क्षेत्र 
    • नारंगी श्रेणी : 41 से 59 प्रदूषण सूचकांक वाले औद्योगिक क्षेत्र 
    • हरी श्रेणी : 21 से 40 प्रदूषण सूचकांक वाले औद्योगिक क्षेत्र 
    • सफेद श्रेणी : 0 से 20 तक प्रदूषण सूचकांक वाले औद्योगिक क्षेत्र 
  • ‘लाल’ श्रेणी के उद्योग सबसे सख्त जांच के दायरे में आते हैं क्योंकि इनके द्वारा निर्मित किए जा रहे सामान से विषाक्त अपशिष्ट उत्सर्जित होते हैं।
  • केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय और CPCB ने वर्ष 2016 में उद्योगों के वर्गीकरण की समीक्षा करते हुए उद्योगों की ‘श्वेत श्रेणी’ शुरू की थी।

इसे भी जानिए!

  • किसी भी औद्योगिक क्षेत्र का प्रदूषण सूचकांक (Pollution Index : PI)  0 से 100 के मध्य होता है।
  • CPCB के मानदंडों के अनुसार PI के मान में वृद्धि औद्योगिक क्षेत्र में प्रदूषण भार की बढ़ते स्तर को दर्शाता है। 
  • प्रदूषण सूचकांक स्कोर उत्सर्जन, अपशिष्ट निर्वहन, खतरनाक अपशिष्ट के उत्पादन और प्राकृतिक संसाधनों की खपत के आधार पर तैयार किए जाते हैं।

लाभ 

  • केंद्रीय पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के इस निर्णय से उद्योगों के ‘अनुपालन बोझ’ में कमी आएगी।
  • इससे गैर-प्रदूषणकारी श्वेत श्रेणी के उद्योगों की स्थापना एवं संचालन की सहमति लेने की बिल्कुल भी आवश्यकता नहीं होगी। इससे अनुमोदन के दोहराव को भी रोका जा सकेगा।
« »
  • SUN
  • MON
  • TUE
  • WED
  • THU
  • FRI
  • SAT
Have any Query?

Our support team will be happy to assist you!

OR