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FK-4000 वायु रक्षा प्रणाली

प्रारंभिक परीक्षा 

(सामान्य विज्ञान)

मुख्य परीक्षा

(सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र- 3 : विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी- विकास व अनुप्रयोग और रोज़मर्रा के जीवन पर इसका प्रभाव)

हाल ही में, चीन ने झुहाई शहर में आयोजित विशाल एयर शो में नए उन्नत हथियारों का प्रदर्शन किया। इसमें प्रमुख रूप से FK-4000 वायु रक्षा प्रणाली आकर्षण का केंद्र रही। 

FK-4000 वायु रक्षा प्रणाली के बारे में 

  • निर्माता : FK-4000 मोबाइल वायु रक्षा हथियार प्रणाली का निर्माण चाइना एयरोस्पेस साइंस एंड टेक्नोलॉजी कॉरपोरेशन ने किया है।  
  • कार्य : यह रक्षा प्रणाली छोटे व हल्के ड्रोन से लेकर सूक्ष्म मानवरहित हवाई विमानों तक को रोकने के लिए उच्च शक्ति वाले माइक्रोवेव (High Powered Microwave : HPM) का उपयोग करता है।
  • क्षमता : FK-4000 में लगभग 8 मीटर चौड़ा एंटीना लगा है जो 1 सेकंड से भी कम समय में 3 किमी. (लगभग 2 मील) की दूरी तक माइक्रोवेव विस्फोट करने में सक्षम है।
    • यह मोबाइल अर्थात चालित रक्षा प्रणाली है, जिसे एक स्थान से दूसरे स्थान तक आसानी से ले जाया जा सकता है। 

माइक्रोवेव हथियारों का महत्व 

  • माइक्रोवेव हथियार पारंपरिक जवाबी हमले के साधनों की तुलना में अधिक तीव्र होते हैं। 
  • ये मूलतः अदृश्य होते हैं और विशाल सतह क्षेत्र पर हमला कर सकते हैं जिससे वे बड़े क्षेत्रों के लिए लेजर की तुलना में अधिक प्रभावी उपकरण माने जाते हैं।
  • लेजर एक समय में एक ड्रोन को निशाना बनाते हैं जबकि माइक्रोवेव हथियार पूरे क्षेत्र को निशाना बना सकते हैं।

लेज़र एवं माइक्रोवेव हथियारों में अंतर 

विशेषताएँ 

लेज़र हथियार

माइक्रोवेव हथियार

कार्य 

यह लेजर का उपयोग करके सीधे लक्ष्य तक ऊर्जा पहुंचाता है।

यह उच्च शक्ति की विद्युत चुम्बकीय तरंगों का उपयोग करके सीधे लक्ष्य तक ऊर्जा पहुंचाता है, इसलिए इन्हें उच्च शक्ति माइक्रोवेव हथियार भी कहा जाता है।

वायुमंडलीय प्रभाव 

लेज़र हथियारों का प्रदर्शन वायुमंडलीय घटनाओं, जैसे- बादल, वर्षा, वाष्प आदि से प्रभावित होता है।

माइक्रोवेव हथियारों का प्रदर्शन वायुमंडलीय घटनाओं से प्रभावित नहीं होता है क्योंकि माइक्रोवेव बादल, धूल एवं जलवाष्प कणों को भेद सकते हैं। इसलिए इनका प्रयोग किसी भी वायुमंडलीय परिस्थितियों में किया जा सकता है।

मारक क्षमता 

लक्ष्य को भेदने के लिए इनकी तुलनात्मक रेंज अधिक होती है।

उच्च ऊर्जा वाले लेजर हथियारों की तुलना में इनकी रेंज कम होती है।

लक्ष्य भेदन  

इन्हें एक बिंदु पर लक्षित (To the Point) हथियार माना जाता है।

इन्हें क्षेत्रीय स्तर का हथियार माना जाता है जो बड़े क्षेत्र के लक्ष्य को नष्ट कर सकते हैं।

आवृत्ति/तरंगदैर्ध्य 

लेजर हथियार उच्च ऊर्जा प्रकाश का उपयोग करता है। अर्थात विद्युत चुम्बकीय स्पेक्ट्रम के अवरक्त से पराबैंगनी भाग की तरंगदैर्ध्य। इन हथियारों की आवृत्ति माइक्रोवेव हथियारों से बहुत अधिक होती है। 

माइक्रोवेव हथियार विद्युत चुम्बकीय स्पेक्ट्रम के रेडियो फ्रीक्वेंसी भाग का उपयोग करता है। माइक्रोवेव हथियार की तरंगदैर्ध्य लेजर हथियार से लगभग हजार गुना अधिक होती है।

ऊर्जा उपभोग 

यह लगभग 50 किलोवाट से कई मेगावाट तक विद्युत का उपयोग करता है।

यह 100 मेगावाट से 100 गीगावाट तक की विद्युत का उपयोग करता है।

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