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बोडो संस्कृति के 8 उत्पादों को जीआई टैग

(प्रारंभिक परीक्षा: समसामयिक घटनाक्रम)

चर्चा में क्यों 

हाल ही में, चेन्नई स्थित भौगोलिक संकेत रजिस्ट्री ने असम क्षेत्र की बोडो संस्कृति की 8 प्रतिष्ठित वस्तुओं को भौगोलिक संकेत (GI) टैग प्रदान किया है।

असम के 8 नए उत्पादों को जीआई टैग 

  • असम में बोडोलैंड प्रादेशिक क्षेत्र की 8 पारंपरिक वस्तुओं को GI टैग दिया गया है, जो इसकी अनूठी प्रकृति एवं समृद्ध इतिहास को दर्शाता है।
  • इससे बोडोलैंड प्रादेशिक क्षेत्र के पारंपरिक उत्पादों की पहचान व लोकप्रियता को बढ़ावा मिलेगा। 
  • अभी तक असम राज्य के 33 उत्पादों को GI टैग प्रदान किया गया था, अब इन उत्पादों की संख्या बढ़कर 41 हो गई है।

जीआई टैग प्राप्त उत्पाद

  • चावल से बनी बीयर की तीन किस्में :
    • बोडो जौ ग्वारन (अल्कोहल की मात्रालगभग 16.11%)
    • मैबरा जौ बिडवी (स्वागत पेय के रूप में उपयोग)
    • बोडो जौ गिशी (भगवान शिव से उत्पन्न पेय/औषधि)
  • चार खाद्य उत्पाद :
    • बोडो नेपहम (किण्वित मछली का व्यंजन)
    • बोडो ओंडला (लहसुन, अदरक, नमक से बना चावल का पाउडर)
    • बोडो ग्वखा (स्थानीय नाम- 'ग्वका ग्वखी', ब्विसागु उत्सव के दौरान तैयार)
    • बोडो नार्ज़ी (जूट के पत्तों से बना एक अर्ध-किण्वित भोजन)
  • पारंपरिक बोडो वस्त्र 
    • बोडो अरोनाई (छोटा सुंदर कपड़ा)

यह भी जानें

  • बोडोलैंड प्रादेशिक क्षेत्र (BTR) असम राज्य के अंतर्गत एक स्वायत्त क्षेत्र है जिसमें कोकराझार, चिरांग, बक्सा, तामुलपुर और उदलगुरी पाँच जिले शामिल हैं। 
    • जिनमें से कोकराझार BTR का प्रशासनिक मुख्यालय है। 
  • इस क्षेत्र का नामकरण बोडो जनजाति  के आधार पर किया गया जो इस क्षेत्र का सबसे बड़ा जनजातीय समुदाय है।
  • बोडो समुदाय की अनूठी परंपराएं उनके नृत्य, संगीत, त्यौहारों और पहनावे में प्रतिबिंबित होती हैं, जिनमें समुदाय के परिवेश से लिए गए डिजाइनों में पेड़, फूल, पहाड़, पक्षी और प्राकृतिक दुनिया के अन्य तत्व शामिल होते हैं।
  • वर्ष 2003 में भौगोलिक संकेतक (पंजीकरण और संरक्षण अधिनियम, 1999) के अधिनियमन के बाद सर्वप्रथम दार्जिलिंग चाय को वर्ष 2004 में GI टैग दिया गया था।
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