New
Final Result - UPSC CSE Result, 2025 GS Foundation (P+M) - Delhi : 1st April 2026, 11:30 AM GS Foundation (P+M) - Prayagraj : 3rd April 2026, 5:30PM Final Result - UPSC CSE Result, 2025 GS Foundation (P+M) - Delhi : 1st April 2026, 11:30 AM GS Foundation (P+M) - Prayagraj : 3rd April 2026, 5:30PM

ग्रे-ज़ोन युद्ध और साइबर युद्ध: आधुनिक संघर्ष का नया चेहरा 

  • समकालीन अंतरराष्ट्रीय संघर्ष अब केवल पारंपरिक युद्ध तक सीमित नहीं रहे हैं।
  • आज अधिकांश प्रतिस्पर्धा उस क्षेत्र में हो रही है जो शांति और युद्ध के बीच का धुंधला क्षेत्र है, जिसे ग्रे-ज़ोन युद्ध (Grey Zone Warfare) कहा जाता है। 
  • इसमें राज्य ऐसे उपाय अपनाते हैं जो औपचारिक युद्ध की सीमा से नीचे रहते हैं, किंतु रणनीतिक प्रभाव अत्यंत गहरे होते हैं।
  • इस परिवर्तन का सबसे महत्वपूर्ण आयाम साइबर युद्ध है, जो अब सहायक साधन न रहकर स्वयं एक निर्णायक युद्धक्षेत्र बन चुका है।

Gray-zone-warfare

ग्रे-ज़ोन युद्ध की अवधारणा

ग्रे-ज़ोन युद्ध वह स्थिति है जहाँ कोई देश प्रत्यक्ष सैन्य संघर्ष किए बिना विरोधी को कमजोर करता है, ताकि:-

  • हमला स्पष्ट रूप से पहचाना न जा सके,
  • जवाबी कार्रवाई को वैध ठहराना कठिन हो जाए,
  • राजनीतिक व कूटनीतिक लागत न्यूनतम बनी रहे।

प्रमुख रणनीतियाँ

  • साइबर ऑपरेशन (Cyber Operations)बिजली ग्रिड, संचार नेटवर्क तथा वित्तीय प्रणालियों पर किए जाने वाले हमले।
  • छापेमारी एवं विशेष अभियान (Raids and Special Operations)पूर्ण पैमाने के युद्ध को भड़काए बिना सामरिक उद्देश्यों की प्राप्ति हेतु किए जाने वाले सीमित और गोपनीय सैन्य अभियान।
  • छद्म हिंसा / प्रॉक्सी युद्ध (Proxy Violence) प्रत्यक्ष जिम्मेदारी से बचते हुए गैर-राज्य तत्वों, मिलिशिया या तीसरे पक्ष के माध्यम से नुकसान पहुँचाना।
  • सलामी-स्लाइसिंग रणनीति (Salami-Slicing Strategy) प्रत्यक्ष सैन्य प्रतिक्रिया को उकसाए बिना छोटे-छोटे क्रमिक कदमों से क्षेत्रीय या रणनीतिक लाभ प्राप्त करने की नीति (अधिकतर चीन से संबद्ध)।

मुख्य विशेषताएँ

  • युद्ध की सीमा से नीचे की गतिविधियाँ
  • दीर्घकालिक और क्रमिक दबाव
  • राजनीतिक, तकनीकी और सामाजिक कमजोरियों का दोहन
  • जवाबदेही और स्पष्ट आरोप निर्धारण का अभाव

साइबर युद्ध: पारंपरिक संघर्ष का अग्रदूत

आज साइबर ऑपरेशन को “पहला आक्रमण” (First Strike) माना जाने लगा है। इसका उद्देश्य युद्ध से पहले ही विरोधी की क्षमता को पंगु बनाना होता है।

प्रमुख लक्ष्य

  • बिजली ग्रिड
  • दूरसंचार नेटवर्क
  • परिवहन प्रणाली
  • सैन्य कमांड एवं कंट्रोल सिस्टम

SCADA और औद्योगिक नियंत्रण प्रणालियों में पहले से डाला गया मैलवेयर वर्षों तक निष्क्रिय रह सकता है और अनुकूल समय पर सक्रिय किया जा सकता है, जैसा कि 2015-16 में यूक्रेन के बिजली ग्रिड पर देखा गया।

वेनेजुएला प्रकरण: ग्रे-ज़ोन रणनीति का व्यावहारिक उदाहरण

जनवरी 2026 में वेनेजुएला का बिजली ग्रिड ठप हो गया, जिसके बाद अमेरिकी सेना ने राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार किया।
रिपोर्टों के अनुसार:

  • साइबर हमलों से बिजली आपूर्ति बाधित हुई,
  • रडार और हवाई रक्षा प्रणालियाँ निष्क्रिय की गईं,
  • संचार नेटवर्क बाधित किया गया,
  • स्मार्ट सिटी निगरानी प्रणालियों का दुरुपयोग हुआ।

इससे यह स्पष्ट हुआ कि साइबर और पारंपरिक सैन्य अभियानों का एकीकृत उपयोग आधुनिक युद्ध की पहचान बन चुका है।

भारत का संदर्भ: बढ़ते ग्रे-ज़ोन खतरे

भारत को चीन और पाकिस्तान से निरंतर ग्रे-ज़ोन दबाव का सामना करना पड़ रहा है।

प्रमुख उदाहरण

  • 2020 में गलवान तनाव के दौरान भारतीय बिजली ग्रिड में चीनी साइबर घुसपैठ।
  • मुंबई बिजली कटौती (2020), जिसे चीन-प्रायोजित साइबर गतिविधि से जोड़ा गया।

इन घटनाओं से यह संकेत मिलता है कि नागरिक बुनियादी ढांचे को रणनीतिक दबाव बिंदु के रूप में प्रयोग किया जा सकता है।

भारत की तैयारियों की सीमाएँ

संरचनात्मक कमजोरियाँ

  • साइबर सुरक्षा संस्थानों में समन्वय की कमी
  • नागरिक और सैन्य ढांचे का विभाजन
  • आयातित हार्डवेयर पर निर्भरता (Supply Chain Risk)
  • औद्योगिक नियंत्रण प्रणालियों के विशेषज्ञों की कमी
  • साइबर जवाबी नीति का अस्पष्ट ढांचा

आगे की रणनीति (Way Forward)

भारत को निम्नलिखित कदम अपनाने चाहिए:

  1. साइबर रक्षा को सैन्य योजना में एकीकृत करना
  2. महत्वपूर्ण अवसंरचना की नियमित रेड-टीमिंग और ऑडिटिंग
  3. संयुक्त नागरिक-सैन्य साइबर अभ्यास
  4. आपूर्ति श्रृंखला का विविधीकरण और स्वदेशीकरण
  5. स्पष्ट साइबर प्रतिरोध नीति (Cyber Deterrence Doctrine)
  6. रणनीतिक संचार और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करना
« »
  • SUN
  • MON
  • TUE
  • WED
  • THU
  • FRI
  • SAT
Have any Query?

Our support team will be happy to assist you!

OR
X