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H7N9

(प्रारंभिक परीक्षा : विज्ञान और प्रौद्योगिकी)

चर्चा में क्यों 

हाल ही में संयुक्त राज्य अमेरिका के मिसिसिपी राज्य में वाणिज्यिक पोल्ट्री में अत्यधिक रोगजनक एवियन इन्फ्लूएंजा (HPAI) वायरस के घातक स्ट्रेन H7N9 के प्रकोप की सूचना मिली है। 

एवियन इन्फ्लूएंजा A (H7N9)

  • परिचय : H7N9, इन्फ्लूएंजा ए वायरस का एक उपप्रकार है, जोकि एक RNA वायरस है।  
    • इसे आमतौर पर बर्ड फ्लू के नाम से जाना जाता है यह स्ट्रेन मनुष्यों और पक्षियों को संक्रमित करने के लिए जाना जाता है।
  • संक्रमण: यह वायरस मुख्य रूप से मुर्गियों तथा जंगली पक्षियों में तेजी से फैलता है। संक्रमित पक्षियों के संपर्क में आए मनुष्यों को भी यह संक्रमित कर सकता है। 
    • हालाँकि, वर्तमान में, H7N9 से मानव-से-मानव संचरण का मामला सामने नहीं आया है। 
    • विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार H7N9 बर्ड फ्लू वायरस संक्रमण की मृत्यु दर अधिक है। 
      • वर्ष 2013 से इसका पता चलने के बाद से अब तक इससे संक्रमित हुए लगभग 40 % लोगों की मृत्यु हो चुकी है।
  • लक्षण : मनुष्य में संक्रमण के लक्षण हल्के से लेकर गंभीर तक हो सकते हैं, जिनमें बुखार, दस्त और खाँसी शामिल हैं। 
  • प्रभाव : मनुष्यों में एवियन इन्फ्लूएंजा A संक्रमण ऊपरी श्वसन पथ में सामान्य संक्रमण से लेकर अधिक गंभीर बीमारियों तक का कारण बन सकता है।
    • इसके अलावा मनुष्यों में नेत्रश्लेष्मलाशोथ (Conjunctivitis), गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल लक्षण (gastrointestinal symptoms), एन्सेफलाइटिस (encephalitis) और एन्सेफैलोपैथी (encephalopathy) की समस्या भी देखने को मिली है।
  • पहला मामला : यह वायरस पहली बार वर्ष 2013 में चीन में पाया गया था। मार्च 2017 के बाद से यह दूसरा प्रकोप है।
    • खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) ने प्रकोप को नियंत्रित करने के लिए जैव सुरक्षा, निगरानी और त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र को बढ़ाने के लिए तत्काल कार्रवाई का आह्वान किया है। 
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