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हौज़-ए-शम्सी

प्रारंभिक परीक्षा- हौज़-ए-शम्सी
मुख्य परीक्षा- सामान्य अध्ययन, पेपर- 1

संदर्भ-

  • भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने महरौली में उपेक्षित शम्सी तालाब के जीर्णोद्धार का कार्य पूरा कर लिया है। इसने स्थानीय लोगों को भविष्य की पीढ़ियों के लिए तालाब को संरक्षित करने की पहल करने के लिए भी प्रोत्साहित किया है।

Hauz-e-Shamsi

मुख्य बिंदु-

  • महरौली स्थित शम्सी तालाब, जहाज महल का जीर्णोद्धार केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग से किया गया है। 
  • तालाब की सफाई और पार्क का समतलीकरण/सफाई आदि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण और एमसीडी की सहायता से शुरू किया गया है।

जल इतिहास उत्सव-

  • राष्ट्रीय जल मिशन, जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग, जल शक्ति मंत्रालय 01 दिसंबर, 2023 को दिल्ली के महरौली स्थित शम्सी तालाब, जहाज महल में 'जल इतिहास उत्सव' का आयोजन करने जा रहा है। 
  • इसका उद्देश्य जल विरासत स्थलों की सुरक्षा के प्रति सार्वजनिक चेतना बढ़ाना, जनता के बीच स्वामित्व की भावना उत्पन्न करना, पर्यटन को बढ़ावा देना और साथ ही ऐसी विरासत संरचनाओं का जीर्णोद्धार करना है।
  • यह आयोजन 15 नवंबर, 2023 से 30 नवंबर, 2023 तक देश के 15 'प्राकृतिक जल विरासत संरचनाओं' में मनाए जा रहे “जल विरासत पखवाड़े” के समापन का प्रतीक है। 
  • यह राष्ट्रव्यापी अभियान 'जल शक्ति अभियान: कैच द रेन' 2023 के सफल समापन का भी प्रतीक है। 
  • इस आयोजन का उद्देश्य सामुदायिक संपर्क के लिए पोषित स्थानों के रूप में जल निकायों की महत्ता को उजागर करना है।

हौज़-ए-शम्शी- 

  • महरौली में जहाज महल के पास स्थित ‘हौज़-ए-शम्सी’ को शम्सी तालाब भी कहा जाता है।
  • इसे मामलुक वंश के शासक शम्सुद्दीन इल्तुतमिश ने सन 1230 ईसवी में बनवाया था।
  • इल्तुतमिश के 'शम्शी' परिवार का होने के कारण ही इस तालाब को हौज़-ए-शम्शी नाम मिला था। 
  • इस जलाशय के बारे में लेखिका राणा सफवी ने अपनी पुस्तक ‘व्हेयर स्टोन्स स्पीक: हिस्टोरिकल ट्रेल्स इन महरौली, द फर्स्ट सिटी ऑफ दिल्ली’ में लिखा है, “पौराणिक कथा के अनुसार, सुल्तान इल्तुतमिश अपने लोगों के लिए एक टैंक बनाना चाहता था... एक रात ऐसा हुआ पैगंबर मोहम्मद, जो अपने सपने में अपने घोड़े पर आए थे और उन्हें बुराक नाम के अपने पंख वाले घोड़े के खुर से चिह्नित स्थान पर पानी खोदने और एक जलाशय बनाने का निर्देश दिया था। सुल्तान... उस स्थान की तलाश में गया और उसे खुर का निशान मिला जिसमें से पानी बह रहा था और उसने उसके चारों ओर जलाशय का निर्माण कराया।
  • बाद में इसकी मरम्मत अलाउद्दीन खिलजी और फिरोज शाह तुगलक ने कराई थी।
  • इस जलाशय का उल्लेख प्रसिद्ध यात्री इब्न बतूता ने एक आयताकार आकार के जलाशय के रूप में किया है।

प्रारंभिक परीक्षा के लिए प्रश्न-

प्रश्न- हौज़-ए-शम्सी के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।

  1. इसका निर्माण फिरोजशाह तुगलक ने करवाया था।
  2. हौज़-ए-शम्सी के किनारे ही शाहजहाँ ने ताजमहल का निर्माण करवाया।

नीचे दिए गए कूट की सहायता से सही उत्तर का चयन कीजिए।

(a) केवल 1

(b) केवल 2

(c) 1 और 2 दोनों

(d) न तो 1 और न ही 2

उत्तर- (d)

मुख्य परीक्षा के लिए प्रश्न-

प्रश्न-  हौज़-ए-शम्सी के बारे में बताते हुए यह स्पष्ट करें कि हाल ही में यह क्यों चर्चा में रहा?

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