संदर्भ
हाल ही में, मिज़ोरम में रीड स्नेक की एक नई प्रजाति की खोज की गई है। शोधकर्ताओं ने इस प्रजाति का नाम उसी राज्य के नाम पर रखते हुए कैलामरिया मिज़ोरामेन्सिस (Calamaria mizoramensis) रखा है।
कैलामरिया मिज़ोरामेन्सिस: प्रमुख विशेषताएँ
- यह विषरहित रीड स्नेक की एक नई प्रजाति है जिसकी खोज मिज़ोरम राज्य में की गई है।
- यह प्रजाति निशाचर (रात में सक्रिय) और अर्ध-भूमिगत प्रकृति की है।
- इसका प्राकृतिक आवास नम, वनयुक्त पहाड़ी क्षेत्र हैं। इसके आवास समुद्र तल से 670 से 1,295 मीटर की ऊँचाई तक दर्ज किए गए हैं।
- यह सांप मानव बस्तियों के पास भी पाया गया है, जिससे इसके अनुकूलन की क्षमता का पता चलता है। इस प्रजाति का आकार छोटा होता है।
- इसके शरीर का रंग गहरे भूरे से काले तक होता है जिस पर हल्की धारियाँ दिखाई देती हैं जबकि पेट का भाग पीले रंग का होता है।
- भारत के अन्य हिस्सों में अभी इसकी उपस्थिति की पुष्टि नहीं हुई है किंतु इसके मणिपुर, नागालैंड और असम जैसे पड़ोसी राज्यों में पाए जाने की संभावना जताई गई है।
रीड स्नेक (Reed Snake) से जुड़े मुख्य तथ्य
- रीड स्नेक छोटे, पतले एवं विषरहित होते हैं।
- ये कैलामरिया (Calamaria) वंश से संबंधित होते हैं।
- इनका कुल (Family) कोलुब्रिडे (Colubridae) है।
- ये मुख्य रूप से दक्षिणी और दक्षिण-पूर्वी एशिया में पाए जाते हैं।
सामान्य आवास
- नम वन
- पत्तियों का कचरा
- लकड़ी के लट्ठों, पत्थरों और मिट्टी के नीचे
- ये बिल खोदने वाले या अर्ध-बिल खोदने वाले जीव होते हैं और अपना अधिकांश समय ज़मीन के नीचे या पत्तों के ढेर में छिपकर बिताते हैं।
- प्राय: इनका रंग भूरा, लाल या काला होता है।
- ये छोटे, मुलायम शरीर वाले अकशेरुकी जीवों को अपना आहार बनाते हैं।