हाल ही में नीति आयोग ने नई दिल्ली में “फिस्कल हेल्थ इंडेक्स (Fiscal Health Index) 2026” का दूसरा वार्षिक संस्करण जारी किया। यह सूचकांक राज्यों की वित्तीय स्थिति का आकलन करने के उद्देश्य से तैयार किया गया एक महत्वपूर्ण विश्लेषणात्मक उपकरण है।
फिस्कल हेल्थ इंडेक्स के बारे में
- फिस्कल हेल्थ इंडेक्स की पहल नीति आयोग द्वारा की गई है, जिसके माध्यम से भारत के 18 बड़े राज्यों तथा 10 उत्तर-पूर्वी और हिमालयी राज्यों की राजकोषीय स्थिति का व्यवस्थित मूल्यांकन किया जाता है।
- यह सूचकांक राज्यों की वित्तीय स्थिति का समग्र तथा तुलनात्मक विश्लेषण प्रस्तुत करता है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि विभिन्न राज्य अपनी वित्तीय संसाधनों का प्रबंधन किस प्रकार कर रहे हैं।
- इस सूचकांक को एक डेटा-आधारित मूल्यांकन ढाँचे के रूप में विकसित किया गया है, जिसका उद्देश्य निम्नलिखित है—
- राज्यों की राजकोषीय मजबूती का आकलन करना
- वित्तीय सुधारों के लिए दिशा प्रदान करना
- राज्यों में साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण को प्रोत्साहित करना
- वस्तुतः फिस्कल हेल्थ इंडेक्स का निर्माण राजकोषीय स्वास्थ्य के पाँच प्रमुख आयामों के आधार पर किया गया है—
- व्यय की गुणवत्ता (Quality of Expenditure)
- राजस्व संग्रहण क्षमता (Revenue Mobilisation)
- राजकोषीय विवेक एवं अनुशासन (Fiscal Prudence)
- ऋण सूचकांक (Debt Index))
- ऋण की स्थिरता (Debt Sustainability)
राज्यों का वर्गीकरण
इस सूचकांक में राज्यों को उनकी वित्तीय स्थिति और प्रदर्शन के आधार पर चार अलग-अलग श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है।
1. Achievers (उच्च प्रदर्शन करने वाले राज्य)
इस श्रेणी में वे राज्य शामिल हैं जहाँ राजकोषीय अनुशासन मजबूत, स्वयं के कर राजस्व का स्तर ऊँचा, राजकोषीय घाटा कम तथा ऋण का स्तर नियंत्रित होता है।
2. Front Runners (अग्रणी राज्य)
इस वर्ग में वे राज्य आते हैं जिनकी वित्तीय स्थिति सामान्यतः संतुलित होती है, किंतु कुछ संकेतकों के आधार पर वे सर्वोच्च श्रेणी तक नहीं पहुँच पाते।
3. Performers (मध्यम प्रदर्शन वाले राज्य)
ये राज्य प्रदर्शन के मामले में मध्य स्तर पर स्थित हैं, जहाँ पाँचों संकेतकों के संदर्भ में मिश्रित परिणाम देखने को मिलते हैं।
4. Aspirational (सुधार की आवश्यकता वाले राज्य)
इस श्रेणी में वे राज्य शामिल किए जाते हैं जो अधिक राजकोषीय दबाव का सामना कर रहे हैं। इनमें सामान्यतः लगातार घाटा, अधिक ऋण बोझ तथा सीमित राजस्व संसाधन जैसी समस्याएँ पाई जाती हैं।
फिस्कल हेल्थ इंडेक्स 2026 के प्रमुख निष्कर्ष
- फिस्कल हेल्थ इंडेक्स 2026 के अनुसार ओडिशा, गोवा और झारखंड को Achievers श्रेणी में स्थान मिला है, जो इन राज्यों की अपेक्षाकृत बेहतर वित्तीय स्थिति को दर्शाता है।
- दूसरी ओर कर्नाटक और तेलंगाना, जो पहले Front Runner श्रेणी में थे, इस बार Performer श्रेणी में आ गए हैं। वहीं केरल और तमिलनाडु की स्थिति और कमजोर होकर उन्हें Aspirational समूह में रखा गया है।
उत्तर-पूर्वी और हिमालयी राज्यों का प्रदर्शन
- उत्तर-पूर्वी और हिमालयी राज्यों के संदर्भ में अरुणाचल प्रदेश ने इस सूचकांक में सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया है।
- इसके बाद क्रमशः उत्तराखंड, त्रिपुरा, मेघालय, असम और मिजोरम का स्थान रहा।