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ह्यूमनॉइड स्कल

प्रारंभिक परीक्षा 

(राष्ट्रीय महत्त्व की सामयिक घटनाएँ, सामान्य विज्ञान)

मुख्य परीक्षा

(सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र- 3: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी- विकास एवं अनुप्रयोग और रोज़मर्रा के जीवन पर इसका प्रभाव, देशज रूप से प्रौद्योगिकी का विकास, अंतरिक्ष)

संदर्भ

  • भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) का मानवरहित गगनयान मिशन फीमेल हॉफ ह्यूमनॉइड ‘व्योममित्र’ को भी साथ लेकर जाएगा। गगनयान मिशन को वर्ष 2025 में लान्च किया जाना है।
  • केरल के तिरुवनंतपुरम में विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र में इसरो की जड़त्वीय प्रणाली इकाई (Inertial Systems Unit) द्वारा तैयार व्योममित्र स्कल के डिजाइन को अंतिम रूप दिया गया। 

क्या हैं ह्यूमनॉइड

  • ह्यूमनॉइड्स (या हॉफ-ह्यूमनॉइड्स) रोबोटिक प्रणालियां होती हैं, जिन्हें मानव सदृश्य दिखने के लिए डिजाइन किया गया है। व्योममित्रा में गतिशील भुजाएं, धड़, चेहरा एवं गर्दन होती है और यह अंतरिक्ष में स्वायत्त रूप से कार्य करती है। 
  • सामान्य तौर पर, रोबोटिक प्रणाली का उपयोग अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष में एक ही कार्य को बार-बार करने और/या खतरनाक कार्यों में सहायता के लिए किया जाता है, जैसे- सौर पैनलों की सफाई करना या अंतरिक्ष यान के बाहर खराब उपकरणों को ठीक करना। 
    • इससे अंतरिक्ष यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित होती है।

इसरो द्वारा अगले वर्ष अंतरिक्ष में ह्यूमनॉइड भेजने का कारण 

  • अगले वर्ष का मिशन मुख्यत: व्योममित्र के प्रौद्योगिकी प्रदर्शन के लिए डिज़ाइन किया गया है। ह्यूमनॉइड (अर्ध मानव) में रोबोटिक भुजा का उपयोग क्रू कंसोल पर ऑपरेशन करने, क्रू मॉड्यूल के अंदर विभिन्न प्रणालियों की दृश्य निगरानी करने और पृथ्वी-आधारित मिशन नियंत्रण टीम के साथ संवाद करने के लिए इस्तेमाल करेगा।
  • इसरो द्वारा वर्ष 2025 में भारत के पहले मानवयुक्त मिशन से पूर्व, अंतरिक्ष यात्रा के मानव पर संभावित प्रभावों को मापने के लिए रोबोट प्रौद्योगिकी के प्रदर्शन का मूल्यांकन किया जाएगा।

व्योममित्र के लिए ह्यूमनॉइड स्कल का डिज़ाइन  

  • हाल ही में डिज़ाइन की गई व्योममित्र स्कल में रोबोट के मुख्य घटक होंगे। इसे एल्युमीनियम मिश्र धातु (AlSi10Mg) का उपयोग करके बनाया गया है जो अत्यधिक लचीलेपन, कम वजन, ऊष्मा प्रतिरोध एवं यांत्रिक गुणों के लिए जाना जाता है।   
    • इस मिश्र धातु का उपयोग आमतौर पर ऑटोमोटिव इंजन एवं एयरोस्पेस घटकों के निर्माण में किया जाता है।
  • एल्यूमीनियम मिश्र धातु की उच्च शक्ति 220 मेगापास्कल (1 MPa = 1 मिलियन पास्कल) से अधिक की नम्यता शक्ति प्रदान करती है। नम्यता शक्ति (Yield strength) उस अधिकतम तनाव को संदर्भित करती है जिसे कोई सामग्री स्थायी रूप से विकृत होने से पूर्व झेल सकती है।
  • AlSi10Mg एडिटिव मैन्युफ़ैक्चरिंग (या AM) तकनीक के लिए भी उपयुक्त है। इसी से ह्यूमनॉइड स्कल को निर्मित किया गया है। AM सरलतापूर्वक जालक संरचनाओं (Lattice Structures) के निर्माण को सक्षम बनाता है। अंततः यह अंतिम उत्पाद के समग्र वजन को कम करने में सहायक है। 
    • पारंपरिक विनिर्माण तकनीकों के विपरीत, एडिटिव मैन्युफ़ैक्चरिंग (AM) में एक वांछित भाग या उत्पाद को स्तरित तरीके से निर्मित किया जाता है, जो 3D प्रिंटिंग में आमतौर पर प्रयोग की जाने वाली प्रणाली है।
  • अंतरिक्ष मिशन के लिए पेलोड बनाने के लिए प्राय: मजबूत किंतु लचीली व हल्की सामग्री का उपयोग किया जाता है क्योंकि अधिक भारी पेलोड को अंतरिक्ष तक पहुँचने के लिए ज़्यादा ईंधन की ज़रूरत होगी और रॉकेट का आकार भी विशाल होगा।
  • स्कल को इतना मजबूत बनाया गया है कि यह रॉकेट लॉन्च के दौरान होने वाले अत्यधिक कंपन भार को झेलने में सक्षम है। इस मॉडल का आयाम 200 मिमी. X 200 मिमी. है और इसका वजन केवल 800 ग्राम है।
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