New
Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 8th June 2026, 6:30 PM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 1st June 2026, 5:30 PM English Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 7th June 2026, 8:00 AM Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 8th June 2026, 6:30 PM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 1st June 2026, 5:30 PM English Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 7th June 2026, 8:00 AM

हम्बोल्ट ग्लेशियर

(प्रारंभिक परीक्षा : पर्यावरणीय पारिस्थितिकी, जैव-विविधता और जलवायु परिवर्तन संबंधी सामान्य मुद्दे)
(मुख्य परीक्षा, सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र- 1 : भौगोलिक विशेषताएँ और उनके स्थान- अति महत्त्वपूर्ण भौगोलिक विशेषताओं (जल-स्रोत एवं हिमावरण सहित)

संदर्भ 

वैज्ञानिकों ने मई में वेनेजुएला के अंतिम ग्लेशियर ‘हम्बोल्ट’ को ‘बर्फीले मैदान (Ice Field)’ के रूप में पुन: वर्गीकृत कर दिया है। इस प्रकार, आधुनिक इतिहास में वेनेजुएला संभवतः विश्व का ऐसा पहला देश बन गया है जिसके सभी ग्लेशियर समाप्त हो गए है।

क्या हैं ग्लेशियर

  • ग्लेशियर मूलतः बर्फ के विशाल एवं भारी पिंड होते हैं, जो भूमि पर सदियों से बर्फ के संचयन से निर्मित होते हैं। 
  • यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) के अनुसार, ग्लेशियर प्राय: उन क्षेत्रों में मौजूद होते हैं और निर्मित होते हैं : 
    • जहाँ औसत वार्षिक तापमान हिमांक बिंदु के निकट पहुँच जाता है।
    • शीतकालीन वर्षण के कारण अत्यधिक मात्रा में बर्फ संचयित हो जाती है?
    • शीतकालीन अवधि के आलावा वर्ष भर के तापमान के कारण पिछली सर्दियों का बर्फ का संचयन पूर्णतया नष्ट नहीं होता है।
  • विशाल द्रव्यमान एवं गुरुत्वाकर्षण के कारण ग्लेशियर बहुत मंद नदियों की तरह बहते हैं। 
  • यद्यपि ग्लेशियर के रूप में वर्गीकृत होने के लिए बर्फ या हिम के द्रव्यमान को लेकर कोई सार्वभौमिक सहमति नहीं है किंतु यू.एस.जी.एस. (USGS) के अनुसार, आमतौर पर ग्लेशियर के रूप में वर्गीकृत होने के लिए स्वीकृत हिम का आकार 10 हेक्टेयर होना चाहिए। 

हम्बोल्ट ग्लेशियर 

हम्बोल्ट ग्लेशियर उत्तरी ग्रीनलैंड के प्रमुख ग्लेशियरों में से एक है, जो एंडीज़ में सियरा नेवादा डे मेरिडा पहाड़ों और उत्तर पश्चिम में ग्रीनलैंड की केन बेसिन की सीमा पर अवस्थित है। इसे सेर्मर्सुआक ग्लेशियर के नाम से भी जाना जाता है।

CLOUD

क्यों लुप्त हो रहे हैं ग्लेशियर

  • मुख्य कारण वैश्विक तापन एवं ग्रीनहाउस गैसों (GHG) का उत्सर्जन 
    • इससे तापमान  में बढ़ोतरी हो रही है और ग्लेशियर पिघल रहे हैं। 
  • जीवाश्म ईंधन दहन जैसी विभिन्न मानवीय गतिविधियाँ
    • यह वातावरण में कार्बन डाइऑक्साइड एवं मीथेन जैसी ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन को बढ़ा रही हैं। 
  • औद्योगिक क्रांति के कारण हाल के दशकों में ग्रीनहाउस गैसों का अत्यधिक उत्सर्जन 
    • इससे निरंतर एवं तीव्र हीटवेव, बाढ़, सूखा, समुद्र स्तर में वृद्धि व ग्लेशियर पिघलने जैसी घटनाएँ बढ़ रही है।

वेनेजुएला के ग्लेशियर पिघलने के मुख्य कारण 

  • एंडीज पर्वत श्रृंखला : एंडीज पर्वत श्रृंखला अर्जेंटीना, बोलीविया, चिली, कोलंबिया, इक्वाडोर, पेरू एवं वेनेजुएला के कुछ हिस्सों से होकर गुजरती है। इसमें विगत सात दशकों में 0.10 डिग्री सेल्सियस की उच्च दर से तापमान में वृद्धि देखी गई है। इस कारण वेनेजुएला के सभी ग्लेशियर नष्ट हो गए हैं। 
  • एल नीनो की प्रक्रिया : वर्ष 2023 से विकसित एल नीनो की प्रक्रिया के कारण हम्बोल्ट ग्लेशियर पिघलने की प्रक्रिया में तेजी से वृद्धि हुई है। 
    • एल नीनो भू-मध्यरेखीय प्रशांत महासागर में सतह के पानी के असामान्य रूप से गर्म होने को संदर्भित करता है और इससे तापमान में वृद्धि होती है।
    • वेनेजुएला के एंडियन क्षेत्र में वर्ष 1991 से 2020 के मध्य के औसत से मासिक ताप विसंगति कुछ महीनों तक +3C/+4C रही हैं, जो उन उष्णकटिबंधीय अक्षांशों पर अपवाद है।

क्या आप जानते हैं?

  • भारत के ग्लेशियरों पर भी नष्ट होने का खतरा है। वर्ष 2023 की एक रिपोर्ट के अनुसार, हिंदू कुश हिमालय पर्वत श्रृंखलाओं में ग्लेशियर अभूतपूर्व दर से पिघल रहे हैं। यदि ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में अत्यधिक कमी नहीं की गई तो इस सदी में ग्लेशियरों का आकार 80% तक कम हो सकता है।
  • वेनेज़ुएला में छह ग्लेशियर हुआ करता था, जो एंडीज़ पहाड़ों में समुद्र तल से लगभग 5,000 मीटर ऊपर स्थित थे। वर्ष 2011 तक इनमें से पांच नष्ट हो गए थे। 
  • हम्बोल्ट ग्लेशियर का आकार भी 2 हेक्टेयर से भी कम क्षेत्र में सिमट गया, जिससे इसे ‘बर्फीले मैदान’ के रूप में वर्गीकृत कर दिया गया।

ग्लेशियर के नष्ट होने के प्रभाव 

  • ग्लेशियर स्थानीय समुदायों, पौधों एवं जानवरों के लिए गर्म व शुष्क अवधि के दौरान मीठे जल का एक महत्वपूर्ण स्रोत हैं। इनके विलुप्त होने के कारण मीठे जल के लिए पूरी तरह से स्पॉट वर्षा पर निर्भर रहना होगा।
  • ग्लेशियरों से प्रवाहित होने वाला ठंडा जल नीचे के पानी के तापमान को ठंडा रखता है। यह क्षेत्र की कई जलीय प्रजातियों के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि उन्हें जीवित रहने के लिए ठंडे जल की आवश्यकता होती है। 
  • ग्लेशियर के पिघलने से ऐसी विभिन्न प्रजातियां प्रभावित होती है, जो खाद्य जाल का एक अनिवार्य हिस्सा हैं।
  • पिघलते ग्लेशियर समुद्री जलस्तर की वृद्धि में भी योगदान देते हैं। 
    • ग्रीनलैंड एवं अंटार्कटिक की आइस सीट को ग्लेशियर भी माना जाता है और ये वैश्विक समुद्री जलस्तर की वृद्धि में सर्वाधिक योगदान देती हैं। 
« »
  • SUN
  • MON
  • TUE
  • WED
  • THU
  • FRI
  • SAT
Have any Query?

Our support team will be happy to assist you!

OR