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उत्सर्जन अंतराल रिपोर्ट 2025

(प्रारंभिक परीक्षा: महत्त्वपूर्ण रिपोर्ट एवं सूचकांक)

चर्चा में क्यों

हाल ही में, संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) द्वारा उत्सर्जन अंतराल रिपोर्ट (Emissions Gap Report) 2025 जारी की गई।

उत्सर्जन अंतराल रिपोर्ट के बारे में

  • प्रकाशित : संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) द्वारा प्रत्येक वर्ष प्रकाशित की जाती है।
  • उद्देश्य : यह आकलन करना कि दुनिया ग्लोबल वार्मिंग को 2°C से नीचे और 1.5°C तक सीमित करने की दिशा में कितनी प्रगति कर रही है।
  • यह रिपोर्ट हर साल संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन (COP) से पहले जारी की जाती है।
  • इसे UNEP, UNEP कोपेनहेगन क्लाइमेट सेंटर (UNEP-CCC) और अन्य साझेदार संस्थानों द्वारा संयुक्त रूप से तैयार किया जाता है।

2025 रिपोर्ट : मुख्य निष्कर्ष

  • वैश्विक तापमान वृद्धि का अनुमान: यदि देश अपने राष्ट्रीय रूप से निर्धारित योगदान (Nationally Determined Contributions - NDCs) को पूरी तरह लागू भी कर दें, तब भी इस सदी के अंत तक तापमान में 2.3°C से 2.5°C तक की वृद्धि होने की संभावना है।
  • ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में वृद्धि: वर्ष 2024 में वैश्विक ग्रीनहाउस गैस (GHG) उत्सर्जन में 2.3% की वृद्धि हुई और यह 57.7 गीगाटन CO₂ समकक्ष तक पहुँच गया।
  • नई जलवायु प्रतिबद्धताएँ (NDCs): अब तक केवल 60 देशों (जो वैश्विक उत्सर्जन के लगभग 63% को कवर करते हैं) ने वर्ष 2035 के लिए अपने नए NDC प्रस्तुत किए हैं।
  • 1.5°C लक्ष्य हेतु आवश्यक कदम: पेरिस समझौते के 1.5°C लक्ष्य को पाने के लिए वैश्विक उत्सर्जन को 2035 तक लगभग 55% घटाना आवश्यक है।

महत्व

  • यह रिपोर्ट सरकारों को यह बताती है कि उनके वर्तमान जलवायु प्रयास पर्याप्त नहीं हैं और अधिक साहसिक तथा ठोस कदमों की आवश्यकता है।
  • यह वैश्विक समुदाय को स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण (Clean Energy Transition), कार्बन उत्सर्जन में कमी और वित्तीय सहयोग बढ़ाने की दिशा में प्रेरित करती है।
  • रिपोर्ट यह भी दर्शाती है कि समय तेजी से निकल रहा है, यदि उत्सर्जन में अब कमी नहीं लाई गई, तो 1.5°C का लक्ष्य जल्द ही अप्राप्य हो जाएगा।
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