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भारत का अपना एआई (AI) बुनियादी ढांचा 

प्रारंभिक परीक्षा- समसामयिकी
मुख्य परीक्षा- सामान्य अध्ययन, पेपर-3

संदर्भ-

  • इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने 29 नवंबर, 2023 को कहा कि सरकार देश के अपने स्वतंत्र AI बुनियादी ढांचे को विकसित करके कृत्रिम बुद्धिमत्ता को वैश्विक प्रवृत्ति के अनुरूप आकार देना चाहती है।

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मुख्य बिंदु-

  • हाल ही में सरकार ने AI कौशल और पारिस्थितिकी तंत्र विकास के साथ-साथ जेनेरिक एआई क्षमताओं में उन्नत मूलभूत मॉडल बनाने के लिए आईबीएम के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किया है। 
  • AI कंप्यूटिंग कंपनी NVIDIA स्वतंत्र AI बुनियादी ढांचे को विकसित करने में सरकार और इंफोसिस, रिलायंस एवं टाटा सहित भारतीय कंपनियों की सहायता कर रही है।
  • बड़े भाषा मॉडल (large language models) और डेटासेट विकसित करने के लिए अनामिकृत (anonymised) पर्सनल डेटा की आवश्यकता होती है। 
  • डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (डीपीडीपी) अधिनियम गोपनीयता संबंधी समस्याओं कारण डेटा प्रोसेस पर कंपनियों पर बहुत सारे प्रतिबंध लगाता है. अतः डेटासेट का सार्थक उपयोग सरकार के माध्यम से ही किया जा सकता है।
  • स्वतंत्र AI का दूसरा तरीका सरकार प्रायोजित भारत डेटाबेस प्लेटफ़ॉर्म है न कि क्यूरेटेड, प्रबंधित या अनुमोदित। 
  • श्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि गैर-लाभकारी कंपनी या समय के साथ सार्वजनिक-निजी भागीदारी परियोजना के रूप में यह कार्य प्रगति पर है और इसे धारा 8 के रूप में पंजीकृत किया जा सकता है। 
  • स्वतंत्र AI और AI कंप्यूट बुनियादी ढांचे का विकास सरकार केवल जनरेटिव AI प्रकार के मॉडल के साथ प्रतिस्पर्धा के लिए नहीं करना चाहती है, बल्कि आर्थिक रूप से अधिकतम उपयोग करने के लिए स्वास्थ्य देखभाल, कृषि, शासन, भाषा अनुवाद आदि में वास्तविक जीवन के उपयोग के मामलों पर ध्यान केंद्रित करना चाहती है। 

डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (DPDP) अधिनियम, 2023-

  • यह अधिनियम भारत के भीतर डिजिटल व्यक्तिगत डेटा के प्रसंस्करण पर लागू होगा जहां ऐसा डेटा ऑनलाइन एकत्र किया जाता है, या ऑफ़लाइन एकत्र किया जाता है और डिजिटलीकृत किया जाता है। यह भारत के बाहर ऐसे प्रसंस्करण पर भी लागू होगा, यदि यह भारत में वस्तुओं या सेवाओं की पेशकश के लिए है।
  • व्यक्तिगत डेटा को किसी व्यक्ति की सहमति पर केवल वैध उद्देश्य के लिए संसाधित किया जा सकता है। निर्दिष्ट वैध उपयोगों के लिए सहमति की आवश्यकता नहीं हो सकती है जैसे कि व्यक्ति द्वारा डेटा का स्वैच्छिक साझाकरण या परमिट, लाइसेंस, लाभ और सेवाओं के लिए राज्य द्वारा प्रसंस्करण।
  • डेटा फ़िडुशियरीज़ डेटा की सटीकता बनाए रखने, डेटा को सुरक्षित रखने और अपना उद्देश्य पूरा होने के बाद डेटा को हटाने के लिए बाध्य होंगे।
  • अधिनियम व्यक्तियों को कुछ अधिकार प्रदान करता है जिसमें जानकारी प्राप्त करने, सुधार और मिटाने का अधिकार और शिकायत निवारण का अधिकार शामिल है।
  • केंद्र सरकार राज्य की सुरक्षा, सार्वजनिक व्यवस्था और अपराधों की रोकथाम जैसे निर्दिष्ट आधारों पर सरकारी एजेंसियों को अधिनियम के प्रावधानों को लागू करने से छूट दे सकती है।
  • केंद्र सरकार अधिनियम के प्रावधानों का अनुपालन न करने पर निर्णय लेने के लिए भारतीय डेटा संरक्षण बोर्ड की स्थापना करेगी।

प्रारंभिक परीक्षा के लिए प्रश्न-

प्रश्न- हाल ही में  सरकार ने किस संस्था के साथ AI कौशल और पारिस्थितिकी तंत्र विकास के लिए समझौता किया है?

(a) टीसीएस

(b) आईबीएम

(c) आईआईटी, दिल्ली

(d) इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ साइंस, बंगलुरु

 उत्तर- (b)

मुख्य परीक्षा के लिए प्रश्न-

प्रश्न- भारत सरकार AI के बुनयादी ढांचे के विकास लिए प्रयासरत है, किंतु इस राह में डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन अधिनियम समस्या उत्पन्न कर रहा है। सरकार द्वारा इस समस्या का समाधान किस प्रकार किया जा रहा है? स्पष्ट करें।

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