ऊर्जा संक्रमण सूचकांक 2025 में भारत 71वें स्थान पर

चर्चा में क्यों?

विश्व आर्थिक मंच (WEF) और एक्सेंचर द्वारा संयुक्त रूप से प्रकाशित वार्षिक ऊर्जा संक्रमण सूचकांक (ETI) में भारत को 118 देशों में से 71वां स्थान प्राप्त हुआ है।

ऊर्जा संक्रमण सूचकांक (ETI) क्या है?

  • ऊर्जा संक्रमण सूचकांक WEF का एक वार्षिक सूचकांक है।
  • ये यह मापता है कि कोई देश ऊर्जा सुरक्षा, पर्यावरणीय स्थिरता,और ऊर्जा समानता के बीच संतुलन बनाते हुए किस गति और प्रभावशीलता से ऊर्जा प्रणाली में बदलाव कर रहा है।

मूल्यांकन के 3 मुख्य स्तंभ:

  • ऊर्जा सुरक्षा 
  • पर्यावरणीय स्थिरता 
  • ऊर्जा समानता 

तैयारी कारक:

  • राजनीतिक प्रतिबद्धता
  • वित्तीय संसाधन
  • नवाचार 
  • अवसंरचना
  • मानव पूंजी

भारत की स्थिति (2025)

वर्ष

रैंक

2024

63वां

2025

71वां

शीर्ष प्रदर्शन करने वाले देश (2025)

रैंक

देश

1

स्वीडन

2

फिनलैंड

3

डेनमार्क

4

नॉर्वे

5

स्विट्ज़रलैंड

महत्वपूर्ण अन्य देश

देश

रैंक

विशेषता

चीन

12

उभरते एशिया में शीर्ष पर, नवीकरणीय ऊर्जा में भारी निवेश

अमेरिका

17

ऊर्जा सुरक्षा में अग्रणी

कांगो (DRC)

118

अंतिम स्थान, बुनियादी ढांचा और वित्तीय संसाधनों की कमी

वैश्विक निष्कर्ष और चिंताएं

  • 28% देशों ने ही तीनों स्तंभों (सुरक्षा, स्थिरता, समानता) में सुधार किया
  • 77 देशों ने अपने कुल स्कोर में सुधार किया, भारत इसमें शामिल नहीं
  • 2024 में $2 ट्रिलियन से अधिक का स्वच्छ ऊर्जा निवेश हुआ
  • फिर भी, कार्बन उत्सर्जन 37.8 बिलियन टन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुँचा
  • AI आधारित तकनीकों से ऊर्जा मांग बढ़ रही है
  • भूराजनीतिक तनाव और विकासशील देशों में धीमी गति ऊर्जा संक्रमण को प्रभावित कर रही है

प्रश्न. ऊर्जा संक्रमण सूचकांक (ETI) 2025 में भारत की रैंक क्या रही?

(a) 63वां

(b) 71वां

(c) 58वां

(d) 69वां

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