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तत्क्षण सुरक्षा चेतावनी प्रणाली

संदर्भ

  • देशभर में सड़क सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच ‘सड़क सुरक्षा माह 2026’ के अवसर पर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने तकनीक-आधारित एक पहल की शुरुआत की है। 
  • इसके अंतर्गत रियल-टाइम आवारा पशु सुरक्षा अलर्ट (Real-Time Stray Cattle Safety Alert) के लिए तत्क्षण सुरक्षा चेतावनी प्रणाली के लिए एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया है। 

तत्क्षण सुरक्षा चेतावनी प्रणाली के बारे में 

  • NHAI ने दूरसंचार सेवा प्रदाताओं के सहयोग से यह पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया है जिसके तहत राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रा करने वाले लोगों को आवारा पशुओं वाले इलाकों के पास पहुँचने से पहले तत्काल सुरक्षा चेतावनी दी जाएगी।
  • इस पहल का उद्देश्य राष्ट्रीय राजमार्गों पर अचानक आवारा पशुओं के आ जाने से होने वाली दुर्घटनाओं को कम करना है, जो विशेष रूप से कोहरे और कम दृश्यता (लो विज़िबिलिटी) की स्थिति में जानलेवा साबित होती हैं। 
  • यह पायलट प्रोजेक्ट फिलहाल जयपुर–आगरा और जयपुर–रेवाड़ी राष्ट्रीय राजमार्ग कॉरिडोर पर लागू किया गया है। 
  • पायलट प्रोजेक्ट के परिणामों और इसके प्रभाव का आकलन करने के बाद इसे देश के अन्य राष्ट्रीय राजमार्गों पर स्थित आवारा पशु-प्रभावित क्षेत्रों में भी लागू किया जा सकता है।

विशेषताएँ 

  • लोकेशन-बेस्ड अलर्ट: इस पहल के अंतर्गत यात्रियों को चिन्हित तौर पर अधिक जोखिमपूर्ण क्षेत्रों से लगभग 10 किलोमीटर पहले लोकेशन-बेस्ड अलर्ट भेजा जाएगा। 
  • फ्लैश एसएमएस और वॉयस अलर्ट: इस पायलट प्रोजेक्ट में फ्लैश एस.एम.एस. एवं वॉयस अलर्ट दोनों का उपयोग किया जाएगा।
    • फ्लैश एस.एम.एस. हिंदी भाषा में होगा, जिसमें ‘आगे आवारा पशु ग्रस्त क्षेत्र है। कृपया धीरे और सावधानी से चलें’ संदेश लिखा होगा। 
    • इसके तुरंत बाद उसी संदेश के साथ एक वॉयस अलर्ट भी जारी किया जाएगा। 
  • यात्रियों को बार-बार परेशान न करने के उद्देश्य से यह सुनिश्चित किया गया है कि 30 मिनट के भीतर एक ही उपयोगकर्ता को दोबारा अलर्ट न भेजा जाए। 

डेटा और तकनीक के सहारे सुरक्षा की नई दिशा

  • यह पहल आधुनिक दूरसंचार प्रौद्योगिकी पर आधारित है जिससे समय पर और सटीक चेतावनी देना संभव हो सकेगा।
  • अलर्ट उन क्षेत्रों के आधार पर तैयार किए जाएंगे जिन्हें ऐतिहासिक सड़क दुर्घटना डेटा और जमीनी स्तर से प्राप्त इनपुट के जरिए आवारा मवेशियों के लिए संवेदनशील माना गया है। 
  • इन अलर्ट्स को अपग्रेड किए गए टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर के माध्यम से रियल-टाइम में यात्रियों तक पहुँचाया जाएगा। 
  • इस दिशा में रिलायंस जियो ने अपने प्लेटफॉर्म को अपग्रेड कर पूरे देश में ऐसे रियल-टाइम अलर्ट की डिलीवरी के लिए तकनीकी सहयोग प्रदान किया है।
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