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ट्रेडमार्क उल्लंघन से संबंधित मुद्दे

संदर्भ 

लो-कॉस्ट एयरलाइन इंटरग्लोब एविएशन लिमिटेड (इंडिगो) ने महिंद्रा एंड महिंद्रा लिमिटेड की सहायक कंपनी महिंद्रा इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के खिलाफ ट्रेडमार्क उल्लंघन का आरोप लगाते हुए दिल्ली उच्च न्यायालय में वाद दायर किया है।

हालिया विवाद  

  • पिछले सप्ताह महिंद्रा ने दो इलेक्ट्रिक एसयूवी का अनावरण किया, जिनमें से एक का नाम BE 6e है। 
  • इंडिगो जिसका कॉल साइन 6E है, का मानना ​​है कि 6e (लोअरकेस में e) का उपयोग उसकी पहचान और ट्रेडमार्क का उल्लंघन है।
  • इंडिगो के अनुसार '6E' चिह्न पिछले 18 वर्षों से इंडिगो की पहचान का एक अभिन्न अंग है और यह एक पंजीकृत ट्रेडमार्क है जिसकी मजबूत वैश्विक मान्यता है। 
  • 6E चिह्न, चाहे वह स्टैंडअलोन हो या इसके वेरिएंट को इंडिगो द्वारा अपने वस्तुओं एवं सेवाओं के लिए व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है।
  • बाजार हिस्सेदारी के लिहाज से भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो के अनुसार 6E मार्क का कोई भी अनधिकृत उपयोग, चाहे वह स्टैंडअलोन हो या किसी भी रूप में, इंडिगो के अधिकारों, प्रतिष्ठा और सद्भावना का उल्लंघन है।
  •  इंडिगो अपनी बौद्धिक संपदा और ब्रांड पहचान की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक और उचित कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है।

महिंद्रा का पक्ष 

  • महिंद्रा ने अपने इलेक्ट्रिक ओरिजिन एसयूवी पोर्टफोलियो के एक हिस्से BE 6e के लिए क्लास 12 (वाहन) के तहत ट्रेडमार्क पंजीकरण के लिए आवेदन किया है। इसके अनुसार महिंद्रा का मार्क BE 6e न कि  स्टैंडअलोन 6E इसलिए यह ट्रेडमार्क का उल्लंघन नहीं है। 
  • यह इंडिगो के 6E से मौलिक रूप से अलग है जिससे किसी भी तरह के भ्रम की स्थिति नहीं बनती। 

क्या है ट्रेडमार्क

  • ट्रेडमार्क एक ऐसा चिह्न है जो एक उद्यम के वस्तुओं या सेवाओं को दूसरे उद्यमों से अलग करता है। ट्रेडमार्क बौद्धिक संपदा अधिकारों द्वारा संरक्षित हैं। 
  • ट्रेडमार्क पंजीकरण की अवधि अलग-अलग हो सकती है, लेकिन आमतौर पर यह दस साल की होती है। 
    • अतिरिक्त शुल्क का भुगतान करके इसे अनिश्चित काल के लिए नवीनीकृत किया जा सकता है। 
  • ट्रेडमार्क अधिकार निजी अधिकार हैं और इसकी सुरक्षा न्यायालय के आदेशों के माध्यम से लागू की जाती है।

भारत में ट्रेडमार्क का संरक्षण 

  • भारत में ट्रेड मार्क्स रजिस्ट्री की स्थापना वर्ष 1940 में की गई थी। वर्तमान में यह ट्रेड मार्क्स अधिनियम, 1999 और उसके अंतर्गत आने वाले नियमों का प्रशासन करती है। 
    • ट्रेड मार्क्स अधिनियम, 1999 का उद्देश्य देश में आवेदन किए गए ट्रेड मार्क्स को पंजीकृत करना और वस्तुओं एवं सेवाओं के लिए ट्रेड मार्क्स की बेहतर सुरक्षा प्रदान करने के साथ ही ट्रेडमार्क के धोखाधड़ीपूर्ण उपयोग को रोकना है। 
  • यह एक संसाधन एवं सूचना केंद्र के रूप में कार्य करता है और देश में ट्रेड मार्क्स से संबंधित मामलों में एक सुविधा प्रदानकर्ता है। 
  • रजिस्ट्री का मुख्य कार्य उन ट्रेड मार्क्स को पंजीकृत करना है जो अधिनियम और नियमों के तहत पंजीकरण के लिए योग्य हैं।
  • ट्रेडमार्क रजिस्ट्री का मुख्यालय मुंबई जबकि इसका शाखा कार्यालय अहमदाबाद, चेन्नई, दिल्ली और कोलकाता में स्थित हैं। 

अंतर्राष्ट्रीय ट्रेडमार्क पंजीकरण

  • ट्रेडमार्क के अंतर्राष्ट्रीय पंजीकरण से संबंधित मैड्रिड प्रोटोकॉल में शामिल होने के बाद, ट्रेडमार्क रजिस्ट्री भारतीय उद्यमियों द्वारा उनके ट्रेडमार्क के अंतर्राष्ट्रीय पंजीकरण के लिए किए गए आवेदनों के संबंध में मूल कार्यालय के रूप में भी कार्य करती है।
    • मैड्रिड प्रोटोकॉल के तहत अंतर्राष्ट्रीय आवेदनों और पंजीकरणों से संबंधित कार्यों के लिए, मुंबई में स्थित ट्रेडमार्क रजिस्ट्री के मुख्य कार्यालय में एक अंतर्राष्ट्रीय पंजीकरण विंग स्थापित किया गया है।
  • पेटेन्ट, डिजाइन और ट्रेड मार्क्स के महानियंत्रक ट्रेड मार्क्स रजिस्ट्री कार्यालयों के प्रमुख हैं और ट्रेड मार्क्स के रजिस्ट्रार के रूप में कार्य करते हैं। 

रजिस्ट्री कार्यालय के अन्य कार्य 

  • पंजीकरण योग्यता के बारे में प्रारंभिक सलाह देना
  •  कॉपीराइट अधिनियम, 1957 की धारा 45(1) के तहत एक प्रमाण पत्र जारी करने के लिए खोज करवाना
  •  ट्रेडमार्क विषय पर जनता को सार्वजनिक सूचना और मार्गदर्शन प्रदान करना
  • वार्षिक सांख्यिकीय रिपोर्ट का प्रकाशन
  •  इलेक्ट्रॉनिक रूप में आधिकारिक ट्रेड मार्क्स जर्नल का प्रकाशन
  •  संसद को वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत करना 
  • विभिन्न संबंधित सरकारी एजेंसियों को ट्रेडमार्क से संबंधित सूचना प्रदान करना।
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