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आई.यू.सी.एन. की नवीनतम लाल सूची

(प्रारंभिक परीक्षा के प्रश्नपत्र-1 : पर्यावरणीय पारिस्थितिकी, जैव-विविधता और जलवायु परिवर्तन संबंधी सामान्य मुद्दे)

चर्चा में क्यों 

हाल ही में, कनाडा में आयोजित जैव विविधता सम्मेलन (कॉप-15) के दौरान अंतर्राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (IUCN) की नवीनतम लाल सूची जारी की गई, जिसमें भारत की 29 प्रजातियाँ शामिल की गई है। 

भारत की नवीनतम लाल सूची

  • इस सूची में शामिल की गई 29 प्रजातियों में व्हाइट चीक्ड डांसिंग फ्रॉग एवं अंडमान स्मूथहाउंड शार्क प्रमुख संकटग्रस्त प्रजाति हैं। 
  • व्हाइट चीक्ड डांसिंग फ्रॉग को संकटग्रस्त (Endangered) एवं अंडमान स्मूथहाउंड शार्क को सुभेद्य (Vulnerable) श्रेणी में सूचीबद्ध किया गया है।

व्हाइट चीक्ड डांसिंग फ्रॉग 

  • व्हाइट चीक्ड डांसिंग फ्रॉग का वैज्ञानिक नाम माइक्रीक्सलस कैंडिडस (Micrixalus candidus) है।
  • यह प्रजाति केवल भारत में कर्नाटक के पश्चिमी घाट के एक सीमित क्षेत्र में पाई जाती है। इसे राज्य के चिकमंगलूर ज़िले के केम्मनगुंडी और कोटिगेहरा से रिकॉर्ड किया गया है।
  • विभिन्न प्रकाशित शोध पत्रों एवं रिपोर्टों के अनुसार, 30% व्हाइट चीक्ड डांसिंग फ्रॉग उन क्षेत्रों में पाए जाते हैं जो सरकार द्वारा संरक्षित नहीं हैं। वनों को सुपारी और कॉफी के बागानों में बदलने के कारण भी इनके आवासों का विखंडन हो रहा है।
  • इसके अतिरिक्त प्रदूषण, तापमान परिवर्तन, आक्रामक प्रजातियों सहित अन्य कारणों से भी यह प्रजाति संकट का सामना कर रही है।

Micrixalus-candidus

अंडमान स्मूथहाउंड शार्क

  • अंडमान स्मूथहाउंड शार्क का वैज्ञानिक नाम मस्टेलस अंडमानेंसिस (Mustelus andamanensis) है।  
  • यह प्रजाति मुख्य रूप से म्यांमार, थाईलैंड और अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह के समुद्र तट से दूर पूर्वी हिंद महासागर के अंडमान सागर में पाई जाती है।
  • अप्रैल, 2021 में खोजी गयी यह नई प्रजाति अवैध एवं असतत मत्स्यन, प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन आदि कारणों से संकट का सामना कर रही है।

Mustelus-andamanensis

आई.यू.सी.एन. की लाल सूची

  • आई.यू.सी.एन. की लाल सूची वैश्विक जैव विविधता के संरक्षण हेतु एक महत्त्वपूर्ण संकेतक है। इसकी स्थापना वर्ष 1964 में की गई थी। 
  • यह सूची प्रजातियों के विलुप्त होने के जोखिम की स्थिति के संबंध में जानकारी प्रदान करती है।
  • वर्तमान में आई.यू.सी.एन. की लाल सूची में 1,50,388 प्रजातियाँ शामिल हैं, जिनमें से 42,108 प्रजातियों के विलुप्त होने का खतरा है। 
  • आई.यू.सी.एन. के अनुसार कम-से-कम 41% संकटग्रस्त समुद्री प्रजातियाँ जलवायु परिवर्तन से प्रभावित हो रही है।
  • इस लाल सूची में प्रजातियों को 9 श्रेणियों के अंतर्गत रखा जाता है। ये श्रेणियाँ इस प्रकार हैं:
    • विलुप्त (Extinct) 
    • वन-विलुप्त (Extinct in the Wild)
    • अत्यधिक संकटग्रस्त (Critically Endangered) 
    • संकटग्रस्त (Endangered)
    • सुभेद्य (Vulnerable) 
    • निकट संकटग्रस्त(Near Threatened) 
    • कम चिंताजनक (Least Concern) 
    • आंकड़ों का अभाव (Data Deficient) 
    • अनाकलित (Not Evaluated) 
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