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Final Result - UPSC CSE Result, 2025 GS Foundation (P+M) - Delhi : 23rd March 2026, 11:30 AM GS Foundation (P+M) - Prayagraj : 15th March 2026 Final Result - UPSC CSE Result, 2025 GS Foundation (P+M) - Delhi : 23rd March 2026, 11:30 AM GS Foundation (P+M) - Prayagraj : 15th March 2026

धातु प्रदूषण 

प्रारम्भिक परीक्षा – प्रदूषण, धातु प्रदूषण, वायु,जल एवं मृदा प्रदूषण
मुख्य परीक्षा - सामान्य अध्ययन, पेपर-1 और 3

संदर्भ

  • एक अध्ययन के अनुसार, दुनिया भर में नदियों और बाढ़ के मैदानों पर धातु खनन से निर्मित प्रदूषण के प्रभाव का खुलासा किया है। अध्ययन में इस बात की आशंका जताई गई है कि, 2.3 करोड़ लोग जहरीले कचरे से प्रभावित हैं।

metal-pollution

प्रमुख बिंदु 

  • यह अध्ययन, लिंकन विश्वविद्यालय, यूके में लिंकन सेंटर फॉर वॉटर एंड प्लैनेटरी हेल्थ के निदेशक, प्रोफेसर मार्क मैकलिन और क्रिस थॉमस के नेतृत्व में किया गया। 
  • यह अध्ययन धातु खनन गतिविधियों से जुड़ी पर्यावरणीय तथा स्वास्थ्य की चुनौतियां को उजागर करता है। 
  • अध्ययन ने नदी प्रणालियों में धातु खनन प्रदूषण के वैश्विक स्तर और मानव आबादी और पशुधन पर पड़ने वाले इसके प्रभावों का आकलन किया।
  • साइंस पत्रिका में प्रकाशित अध्ययन में सभी ज्ञात सक्रिय और निष्क्रिय धातुओं को खनन स्थलों से लेकर एक प्रदूषण का मॉडल तैयार किया गया, जिसमें सीसा, जस्ता, तांबा और आर्सेनिक जैसे हानिकारक संदूषकों को देखा गया, जो खनन कार्यों से नीचे की ओर बह जाते हैं, जो अक्सर लंबे समय तक नदियों और बाढ़ के मैदानों में जमा रहते हैं।

इस अध्ययन के लाभ 

  • इस अध्ययन से ऐतिहासिक और वर्तमान खनन के पर्यावरणीय प्रभावों को कम करना आसान हो जाएगा। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि समुदायों पर भविष्य में होने वाले खनन के प्रभावों को कम करने में मदद मिलेगी। साथ ही, खाद्य और जल सुरक्षा की भी रक्षा होगी।

धातु प्रदूषण से हानि

  • धातु से जल प्रदूषण:  इससे होने वाले  प्रमुख रोग मिनामाता और इटाई- इटाई रोगक्रमशः पारा (Hg) और कैडमियम (Cd) के कारण होते हैं। 
  • धातु से वायु प्रदूषण : घरघराहट, सांस की तकलीफ और घुटनों में दर्द और अन्य तकलीफें। 
  • वायु प्रदूषण से अन्य रोग - आकस्मिक हृदय रोग, स्ट्रोक, क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (सीओपीडी), फेफड़े का कैंसर और बच्चों में दीर्घकालिक श्वसन रोग  शामिल हैं।
  • कैडमियम नाइट्रोजन, गुर्दे की क्षति, अस्थि विकार से मानव शरीर प्रभावित होता है। लेकिन ज्यादातर गंभीर गुर्दे की क्षति और ऑस्टियोमैलेशिया के परिणाम होते हैं।

धातु प्रदूषण प्रभावित लोग तथा क्षेत्र

  • लगभग 2.848 करोड़ लोग बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रहते हैं, यहां 57.2 लाख पशुओं का निवास स्थान और चरागाह हैं जो 65,000 वर्ग किलोमीटर से अधिक सिंचित भूमि को कवर करते हैं।   
  • यह कम आय वाले देशों और नदियों एवं बाढ़ के मैदानों पर निर्भर लोगों में शहरी और ग्रामीण समुदायों के स्वास्थ्य के लिए एक अतिरिक्त खतरा पैदा करता है, खासकर उन क्षेत्रों में जो पहले से ही पानी से संबंधित बीमारियों से प्रभावित हैं।
  • ब्रिटेन और अमेरिका सहित पश्चिमी यूरोप के औद्योगिक देशों में, यह प्रदूषण पानी और खाद्य सुरक्षा के लिए एक प्रमुख बढ़ती समस्या है, महत्वपूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र सेवाओं के लिए खतरनाक है और पर्यावरण में रोगाणुरोधी प्रतिरोध को बढ़ा सकता है।

आगे की राह 

  • बहुत से लोग खनन और धातुओं से लाभान्वित होते हैं, लेकिन हमें प्रभावित क्षेत्रों में रहने और काम करने वाले लोगों पर पड़ने वाले हानिकारक प्रभावों को समझने और रोकने के लिए और अधिक प्रयास करने चाहिए।

प्रारंभिक परीक्षा प्रश्न : प्रमुख रोगों के संदर्भ में दिये गए निम्नलिखित कथन पर विचार करें: 

  1. मिनामाता और इटाई- इटाई रोगक्रमशः पारा और कैडमियम के कारण होते हैं। 
  2. वायु प्रदूषण से फेफड़े का कैंसर और बच्चों में श्वसन रोग होता है।

नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर का चयन कीजिए- 

कूट-

(a) केवल 1

(b) केवल 2

(c) 1 और 2 दोनों

(d) न 1 और ना ही 2

उत्तर : (c)

मुख्य परीक्षा प्रश्न : धातु प्रदूषण से आप क्या समझते हैं तथा इनके प्रभाव को कम करने के उपाय सुझाएँ?  

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