हिमाचल प्रदेश में माई डीड एनजीडीआरएस पायलट प्रोजेक्ट का शुभारंभ

चर्चा में क्यों ?

  • हाल ही में हिमाचल प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में, राज्य की राजस्व सेवाओं में डिजिटल परिवर्तन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत की। 
  • इस पहल के अंतर्गत ‘माई डीड’ नामक राष्ट्रीय सामान्य दस्तावेज़ पंजीकरण प्रणाली (NGDRS) की पायलट परियोजना प्रारंभ की गई। 
  • इसका उद्देश्य भूमि पंजीकरण प्रणाली को सरल, पारदर्शी, और नागरिक-केन्द्रित बनाना है।

NGDRS क्या है?

  • राष्ट्रीय सामान्य दस्तावेज़ पंजीकरण प्रणाली (NGDRS) एक केंद्रीयकृत सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म है।
  • इसे भारत सरकार के विधि एवं न्याय मंत्रालय के अधीन विकसित किया गया है।
  • इसका उद्देश्य सभी राज्यों में डिजिटल भूमि दस्तावेज़ पंजीकरण प्रणाली लागू करना है।

माई डीड पायलट परियोजना की प्रमुख विशेषताएं

  • कहीं से भी, कभी भी आवेदन की सुविधा:
    • नागरिक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से घर बैठे भूमि दस्तावेज़ पंजीकरण हेतु आवेदन कर सकते हैं।
  • केवल एक बार कार्यालय उपस्थिति:
    • नागरिकों को केवल अंतिम औपचारिकताओं हेतु तहसील कार्यालय जाना पड़ेगा, जिससे भौतिक यात्राओं में कमी आएगी।
  • समय और संसाधन की बचत:
    • ऑनलाइन प्रक्रिया के चलते आम नागरिकों के समय, श्रम और आर्थिक संसाधनों की बचत सुनिश्चित होती है।
  • पारदर्शिता में वृद्धि:
    • डिजिटल रिकॉर्डिंग और ट्रैकिंग सुविधा भ्रष्टाचार की संभावनाओं को कम करती है।
  • राज्य के पेपरलेस-गवर्नेंस विज़न के अनुरूप:
    • यह प्रणाली हिमाचल प्रदेश की कागज़-रहित, उपस्थिति-रहित और नकद-रहित प्रशासनिक व्यवस्था के लक्ष्य को साकार करने में सहायक है।

कहाँ लागू की गई है यह पायलट परियोजना?

  • यह परियोजना राज्य के 10 जिलों की 10 तहसीलों में आरंभ की गई है:

जिला

संबंधित तहसील

बिलासपुर

बिलासपुर सदर

चंबा

डलहौजी

हमीरपुर

गैलोर

कांगड़ा

जयसिंहपुर

कुल्लू

भुंतर

मंडी

पधर

शिमला

कुमारसैन

सिरमौर

राजगढ़

सोलन

कंडाघाट

ऊना

बंगाणा

प्रश्न. किस राज्य ने माई डीड' एनजीडीआरएस पायलट परियोजना का शुभारंभ कब किया गया?

(a) उत्तर प्रदेश 

(b) हिमाचल प्रदेश 

(c) अरुणाचल प्रदेश 

(d) पंजाब

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