नाग मिसाइल सिस्टम

चर्चा में क्यों?

  • रक्षा मंत्रालय ने भारतीय सशस्त्र बलों की क्षमताओं को बढ़ाने के लिए 2,500 करोड़ रुपये के रक्षा सौदे को मंजूरी दी है। 
  • यह सौदा नाग मिसाइल सिस्टम (एनएएमआईएस) ट्रैक्ड संस्करण और लगभग 5,000 हल्के वाहनों की खरीद से संबंधित है।

 अनुबंध का विवरण

  • नाग मिसाइल सिस्टम (एनएएमआईएस) हथियार प्रणाली की खरीद के लिए आर्मर्ड व्हीकल निगम लिमिटेड से अनुबंध किया गया।
  • 5,000 हल्के वाहनों की खरीद के लिए फोर्स मोटर्स लिमिटेड और महिंद्रा एंड महिंद्रा लिमिटेड के साथ अनुबंध हुआ।
  • यह सौदा 27 मार्च, 2025 को नई दिल्ली में संपन्न हुआ, जिसमें रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह भी उपस्थित थे।

एनएएमआईएस (टीआर) हथियार प्रणाली

  • विकासकर्ता: रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) की रक्षा अनुसंधान और विकास प्रयोगशाला।
  • अनुबंध की लागत: 1,801.34 करोड़ रुपये।
  • विशेषताएँ:
    • भारतीय सेना की टैंक रोधी क्षमता को उन्नत करेगा।
    • दागो और भूल जाओ (Fire & Forget) तकनीक से लैस।
    • दृष्टि प्रणाली (sighting system) के साथ शत्रु के बख्तरबंद वाहनों के खिलाफ उच्च मारक क्षमता।
    • मशीनीकृत सैन्य कार्रवाई को प्रभावी बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया।
    • शत्रु के खिलाफ सैन्य अभियानों में रणनीतिक लाभ प्रदान करेगा।

हल्के वाहन

  • संख्या: 5,000
  • विनिर्माता: फोर्स मोटर्स लिमिटेड और महिंद्रा एंड महिंद्रा लिमिटेड।
  • विशेषताएँ:
    • आधुनिक वाहन प्रौद्योगिकी से निर्मित।
    • 800 किलोग्राम तक भार वहन करने की क्षमता।
    • सभी प्रकार के भूभागों और परिचालन परिस्थितियों में सुचारु संचालन।
    • भारतीय सशस्त्र बलों के गतिशीलता और लचीलेपन में वृद्धि।

प्रश्न. नाग मिसाइल सिस्टम (एनएएमआईएस) की खरीद के लिए किस कंपनी से अनुबंध किया गया है?

(a) भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड

(b) हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड

(c) आर्मर्ड व्हीकल निगम लिमिटेड

(d) टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स

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