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नैरोबैंड-इंटरनेट ऑफ थिंग्स

संदर्भ

हाल ही में, बी.एस.एन.एल. ने देश भर में लाखों असम्बद्ध मशीनों, सेंसर और औद्योगिक आई.ओ.टी. (IoT) उपकरणों को कनेक्टिविटी प्रदान करने के लिये दुनिया का पहला सबसे बड़ा उपग्रह-आधारित नैरोबैंड-इंटरनेट ऑफ थिंग्स (NB-IoT) लॉन्च किया है।

नैरोबैंड-आई.ओ.टी. (NB-IoT) : प्रमुख बिंदु

  • यह एक लो पावर वाइड एरिया (LPWA) तकनीक है, जो वस्तुतः कहीं भी कार्य करने में सक्षम है तथा उपकरणों की विद्युत खपत, स्पेक्ट्रम दक्षता और सिस्टम की क्षमता में भी सुधार करती है।
  • नैरोबैंड- आई.ओ.टी. के लिये एक प्रकार का वायरलेस संचार मानक है। यह उन सभी उपकरणों को जोड़ने में सक्षम है, जिन्हें कम मात्रा में डेटा, कम बैंडविड्थ और लम्बी बैटरी लाइफ की आवश्यकता होती है।
  • स्काईलोटेक कम्पनी द्वारा विकसित यह तकनीकी समाधान बी.एस.एन.एल. के सैटेलाइट-ग्राउंड इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ेगा और भारतीय समुद्रों सहित अखिल भारतीय कवरेज प्रदान करेगा। यह कई अन्य उपकरणों को इंटरनेट ऑफ थिंग्स से जोड़कर नए अनुप्रयोगों को वास्तविकता प्रदान करेगा।
  • चूँकि यह लाइसेंस प्राप्त स्पेक्ट्रम में संचालित होता है इसलिये यह सेवा की गुणवत्ता की गारंटी प्रदान करने के लिये सुरक्षित और विश्वसनीय है। पहले से स्थापित मोबाइल नेटवर्क पर यह अधिक सरलता एवं कुशलता से उपकरणों को जोड़ता है तथा सुरक्षित रूप से डेटा का आदान-प्रदान करता है ।
  • यह समाधान बी.एस.एन.एल. के विज़न के अनुरूप है, जो ग्राहकों को सस्ती और नवीन दूरसंचार सेवाएँ और उत्पाद प्रदान करने के लिये प्रौद्योगिकी का उपयोग कर लाभ उठाता है।
  • बी.एस.एन.एल. द्वारा यह सेवा मछुआरों एवं किसानों तथा विनिर्माण, खनन व लॉजिस्टिक क्षेत्र की कम्पनियों के साथ की शुरू की जाएगी।
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