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पेंशन फंड विनियामक एवं विकास प्राधिकरण

शिवसुब्रमण्यम रमण ने 20 जून, 2025 को पेंशन फंड विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (PFRDA) के अध्यक्ष के रूप में पदभार ग्रहण किया है। उनका कार्यकाल पदभार ग्रहण करने की तिथि से पाँच वर्ष या 65 वर्ष की आयु प्राप्त तक, जो भी पहले हो, तक होगा।

PRDA

पेंशन फंड विनियामक एवं विकास प्राधिकरण

  • परिचय : यह देश में पेंशन योजनाओं के विनियमन व विकास के लिए जिम्मेदार एक वैधानिक निकाय है।  
  • स्थापना : इसकी स्थापना 23 अगस्त, 2003 को भारत सरकार के एक कार्यकारी आदेश के माध्यम से एक अंतरिम निकाय के रूप में की गई थी। 
  • PFRDA अधिनियम, 2013 के तहत इसे वैधानिक संस्था का दर्जा प्रदान किया।
  • पृष्ठभूमि : इसका गठन वर्ष 1999 में केंद्र सरकार द्वारा शुरू किए गए OASIS (Old Age Social and Income Security) परियोजना की सिफारिशों के आधार पर किया गया था। 
  • यह परियोजना वृद्धावस्था में आय सुरक्षा से संबंधित नीतियों की जाँच के लिए शुरू की गई थी।
  • मुख्यालय : नई दिल्ली
  • नोडल मंत्रालय : वित्त मंत्रालय
  • प्राधिकरण की संरचना : एक अध्यक्ष, तीन पूर्णकालिक एवं तीन अंशकालिक सदस्य 
  • इन्हें केंद्र सरकार द्वारा योग्यता, सत्यनिष्ठा एवं प्रतिष्ठा वाले तथा अर्थशास्त्र या वित्त या विधि का अनुभव रखने वाले व्यक्तियों में से नियुक्त किया जाएगा। 

उद्देश्य एवं कार्य 

  • पेंशन क्षेत्र का विनियमन एवं विकास : राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) और अन्य पेंशन योजनाओं को विनियमित करना तथा उनके विकास को बढ़ावा देना
  • वृद्धावस्था आय सुरक्षा : नागरिकों को, विशेष रूप से सेवानिवृत्ति के बाद, दीर्घकालिक वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करना
  • ग्राहकों के हितों की सुरक्षा : पेंशन योजनाओं के अभिदाताओं (सब्सक्राइबर्स) के हितों की सुरक्षा करना और धोखाधड़ी से बचाव करना
  • वित्तीय समावेशन : असंगठित क्षेत्र और निम्न आय वर्ग के लोगों के लिए पेंशन योजनाओं (जैसे- अटल पेंशन योजना) के माध्यम से वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देना
  • निवेश दिशानिर्देश एवं पारदर्शिता : पेंशन फंड के लिए निवेश मानदंड स्थापित करना और योजनाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करना
  • जागरूकता एवं शिक्षा : NPS एवं अन्य पेंशन योजनाओं के बारे में जन-जागरूकता फैलाना और वित्तीय साक्षरता को बढ़ावा देना।

इसे भी जानिए!

अंशदायी पेंशन प्रणाली को भारत सरकार द्वारा 22 दिसम्बर, 2003 को अधिसूचित किया गया था, जिसे अब राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) नाम दिया गया है, जो 1 जनवरी, 2004 से प्रभावी है।

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