New
GS Foundation (P+M) - Delhi : 23rd March 2026, 11:30 AM GS Foundation (P+M) - Prayagraj : 15th March 2026 GS Foundation (P+M) - Delhi : 23rd March 2026, 11:30 AM GS Foundation (P+M) - Prayagraj : 15th March 2026

सिक्किम में भारत के पहले डिजिटल घुमंतू गाँव की स्थापना

चर्चा में क्यों?

सिक्किम के पाकयोंग ज़िले में स्थित याकटेन गाँव को भारत के पहले डिजिटल घुमंतू गाँव के रूप में आधिकारिक रूप से लॉन्च किया गया। इस पहल का उद्देश्य न केवल आधुनिक कार्य संस्कृति को बढ़ावा देना है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी एक नया आधार प्रदान करना है।

इस पहल का उद्देश्य

  • डिजिटल पेशेवरों को शांत, प्राकृतिक और सुविधाजनक परिवेश प्रदान करना
  • स्थानीय परिवारों को स्थायी आय के साधन उपलब्ध कराना,विशेषतः पर्यटन के ऑफ-सीज़न में
  • ग्रामीण क्षेत्रों को डिजिटल अर्थव्यवस्था से जोड़ना
  • होमस्टे संस्कृति को नया रूप देना - केवल पर्यटन नहीं, बल्कि "वर्क एंड स्टे" मॉडल को प्रोत्साहन देना

'नोमैड सिक्किम' परियोजना का परिचय

  • यह योजना पाकयोंग जिला प्रशासन और 'सर्वहिती' नामक गैर-सरकारी संगठन का संयुक्त प्रयास है।
  • मुख्य लक्ष्य: होमस्टे मालिकों की मौसमी आय में असंतुलन को दूर करना।
  • अप्रैल से अक्टूबर के बीच जब पर्यटन घटता है, तब यह योजना डिजिटल घुमंतुओं को आकर्षित कर स्थिर आय सुनिश्चित करती है।

डिजिटल सुविधाओं से लैस याकटेन

  • याकटेन को कार्य के अनुकूल बनाने के लिए कई तकनीकी और आधारभूत सुधार किए गए हैं:
    • दोहरी इंटरनेट लाइनें और पूरे गाँव में वाय-फाय कनेक्टिविटी
    • पावर बैकअप सिस्टम की व्यवस्था, जिससे बिजली की कटौती के बावजूद काम बाधित न हो
    • जल जीवन मिशन के अंतर्गत जल आपूर्ति का सुधार
    • सड़क मार्ग से उत्कृष्ट जुड़ाव और पाकयोंग हवाई अड्डे की निकटता इस गाँव को और आकर्षक बनाती है।

सांस्कृतिक अनुभव के साथ आधुनिक कार्य व्यवस्था

  • होमस्टे केवल आवास नहीं, बल्कि स्थानीय परिवारों के साथ रहना
  • पारंपरिक सिक्किमी भोजन का आनंद
  • लोक संगीत, नृत्य, मठों और प्राकृतिक ट्रेक्स के अनुभव 
  • यह सब मिलकर एक सांस्कृतिक सहभागिता और कार्य-जीवन संतुलन की मिसाल पेश करता है।

सतत स्थानीय विकास की दिशा में कदम

  • यह मॉडल स्थानीय समुदाय की मौसमी पर्यटन पर निर्भरता को कम करता है।
  • स्थिर और विविध आय स्रोत उपलब्ध कराता है।
  • यह पहल दिखाती है कि किस प्रकार परंपरा और आधुनिकता के बीच संतुलन बनाकर ग्रामीण क्षेत्र डिजिटल युग में आगे बढ़ सकते हैं।

कार्य-जीवन संतुलन और पर्यटन का संगम

  • पर्यटक झंडी दारा व्यू पॉइंट तक 7 किमी के ट्रेक का आनंद ले सकते हैं
  • यहाँ से कंचनजंगा पर्वत का अद्भुत दृश्य दिखता है
  • सामुदायिक उद्यान, शांतिपूर्ण वातावरण और कार्य-केन्द्रित सुविधाएँ याकटेन को डिजिटल नोमैड्स के लिए आदर्श बनाते हैं

प्रश्न. भारत का पहला डिजिटल घुमंतू गाँव किस राज्य में स्थित है?

(a) अरुणाचल प्रदेश

(b) सिक्किम

(c) मेघालय

(d) उत्तराखंड

« »
  • SUN
  • MON
  • TUE
  • WED
  • THU
  • FRI
  • SAT
Have any Query?

Our support team will be happy to assist you!

OR
X