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कृषि और ग्रामीण श्रमिकों के लिए खुदरा मुद्रास्फीति में कमी

प्रारंभिक परीक्षा - उपभोक्ता मूल्य सूचकांक
मुख्य परीक्षा : सामान्य अध्ययन प्रश्नप्रत्र 3 - भारतीय अर्थव्यवस्था, आर्थिक विकास

सन्दर्भ

    • हाल ही में, श्रम मंत्रालय द्वारा मई, 2023 के लिए कृषि श्रमिकों और ग्रामीण श्रमिकों के लिए अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक जारी किया गया।


सूचकांक के महत्वपूर्ण तथ्य

    • कृषि मजदूरों के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI-AL) पर आधारित मुद्रास्फीति दर अप्रैल, 2023 के 6.50 प्रतिशतसे घटकर मई, 2023 में 5.99 प्रतिशत हो गयी है।

  • ग्रामीण मजदूरों के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI-RL)पर आधारित मुद्रास्फीति दर अप्रैल, 2023 के 6.52 प्रतिशत से घट कर मई, 2023 में 5.84 प्रतिशत हो गयी है।
  • कृषि श्रमिकों के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में 6 अंकों की वृद्धि हुई है और यह 1186 पर पहुंच गया है।
  • ग्रामीण श्रमिकों के लिए अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में 5 अंकों की वृद्धि हुई है और यह 1197 अंक पर पहुंच गया है।
  • यह वृद्धि मुख्य रूप से चावल, दाल, दूध, बकरी का मांस, सूखी मिर्च, लहसुन, अदरक, सब्जियां और फल आदिकी कीमतों में वृद्धि के कारण हुई है।
  • राज्यों के बीच, कृषि मजदूरों और ग्रामीण मजदूरों दोनों के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक संख्या में अधिकतम वृद्धि आंध्र प्रदेश (17 अंक प्रत्येक) मेंदर्ज की गई।

कृषि और ग्रामीण श्रमिकों के लिए अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक

  • कृषि और ग्रामीण श्रमिकों के लिए अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांकको श्रम मंत्रालय के अंतर्गत श्रम ब्यूरो द्वारा संकलित और जारी किया जाता है।
  • इसका आधार वर्ष 1986-87 है।

उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CONSUMER PRICE INDEX)

  • उपभोक्ता मूल्य सूचकांक द्वारा वस्तुओं और सेवाओं की खुदरा कीमतों के स्तर में समय के साथ परिवर्तन को मापा जाता है, जिस पर परिभाषित समूह के उपभोक्ता अपनी आय खर्च करते हैं।
  • उपभोक्ता मूल्य सूचकांक की गणना वस्तुओं एवं सेवाओं के एक मानक समूह के औसत मूल्य की गणना करके की जाती है।
  • CPI के अंतर्गत, निम्नलिखित आठ क्षेत्रों में महंगाई दर को मापा जाता है - शिक्षा, संचार, परिवहन, मनोरंजन, कपड़े, खाद्य और पेय पदार्थ, आवास और चिकित्सा देखभाल।
  • CPI को सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के तहत राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) द्वारा मासिक आधार पर प्रकाशित किया जाता है।
  • CPI का आधार वर्ष 2012 है।

CPI के प्रकार

  • राष्ट्रीय स्तर पर, उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) की गणना 4 प्रकार से की जाती है।
  • औद्योगिक श्रमिकों के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (IW) - आधार वर्ष 2016
  • कृषि श्रमिकों के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (AL) - आधार वर्ष 1986-87
  • ग्रामीण श्रमिकों के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (RL) - आधार वर्ष 1986-87
  • उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (ग्रामीण/शहरी/संयुक्त) - आधार वर्ष 2012
  • इनमे से पहले तीन को श्रम मंत्रालय के अंतर्गत श्रम ब्यूरो द्वारा संकलित और जारी किया जाता है, जबकि चौथे को NSO द्वारा जारी किया जाता है।
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