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प्राकृतिक आपदाओं से बारहसिंघा की संख्या में कमी

चर्चा में क्यों?

हाल ही में, काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान तथा बाघ अभयारण्य में हुई एक गणना के अनुसार पूर्वी क्षेत्र में पाए जाने वाले बारहसिंघा (Swamp Deer) की संख्या में कमी आई है।

प्रमुख बिंदु

  • काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में बारहसिंघा की संख्या में कमी का प्रमुख कारण वर्ष 2019 तथा 2020 में असम में आई बाढ़ है।
  • ये अब तक केवल काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान की स्थानिक (Endemic) प्रजाति थी किंतु वर्तमान में इन्हें असम के औरंग राष्ट्रीय उद्यान और लाओखोवा-बुराचापोरी वन्यजीव अभयारण्यों में भी देखा गया है।

बारहसिंघा हिरण

  • बारहसिंघा को दलदली हिरण भी कहते हैं। यह बाघ अभयारण्य के पारिस्थितिक स्वास्थ्य के लिये एक आवश्यक प्रजाति है।
  • यह प्रजाति आई.यू.सी.एन. (IUCN) की ‘लाल सूची’ में ‘सुभेद्य’ (Vulnerable) श्रेणी में वर्गीकृत है और साइट्स (CITES) की अनुसूची-I में शामिल है। इसे वन्यजीव संरक्षण अधिनियम,1972 के परशिष्ट-1 में शामिल किया गया है।
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