| (प्रारंभिक परीक्षा: राष्ट्रीय महत्त्व की सामयिक घटनाएँ, आर्थिक व सामाजिक विकास) (मुख्य परीक्षा, सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र- 3: भारतीय अर्थव्यवस्था तथा योजना, संसाधनों को जुटाने, प्रगति, विकास व रोज़गार से संबंधित विषय, समावेशी विकास और इससे उत्पन्न विषय) |
हाल ही में, नीति आयोग ने राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में निर्यात तैयारियों के व्यापक मूल्यांकन संबंधी निर्यात तैयारी सूचकांक 2024 (EPI 2024) जारी किया है। ई.पी.आई. का यह चौथा संस्करण है। पहली बार इसे अगस्त 2020 में प्रकाशित किया गया था। निर्यात तैयारी सूचकांक उप-राष्ट्रीय स्तर की आर्थिक संरचना विविधता दर्शाता है जिसकी भारत की वैश्विक व्यापार आकांक्षाओं में महत्वपूर्ण भूमिका है।
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निर्यात ढ़ांचा |
व्यापार परितंत्र |
नीति एवं शासन |
निर्यात प्रदर्शन |
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व्यापार एवं प्रचालन अवसंरचना |
वित्तीय उपलब्धता |
राज्य निर्यात नीति |
निर्यात परिणाम |
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संपर्क साधन एवं उपयोगिताएँ |
मानव पूंजी |
संस्थागत क्षमता |
निर्यात विविधीकरण |
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औद्योगिक अवसंरचना |
एम.एस.एम.ई. पारिस्थितिकी तंत्र |
व्यापार सुविधा |
वैश्विक तौर पर जुड़ाव |
तुलनात्मक मूल्यांकन और सहभागी ज्ञान के लिए राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों को बड़े राज्यों व छोटे राज्यों, पूर्वोतर राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों में वर्गीकृत किया गया है। प्रत्येक श्रेणी को अग्रणी, उन्हें चुनौती देने वाले और आकांक्षी राज्यों में वर्गीकृत किया गया है।
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वर्ग |
विवरण |
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अग्रणी |
अपेक्षाकृत उच्च निर्यात तत्परता प्रदर्शित करने वाले राज्य/केंद्र शासित प्रदेश |
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चुनौती देने वाले |
मध्यम स्तर की तैयारी वाले और सुधार की संभावना वाले राज्य/केंद्र शासित प्रदेश |
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आकांक्षी |
निर्यात पारिस्थितिकी तंत्र के विकास के प्रारंभिक चरण वाले राज्य/केंद्र शासित प्रदेश |
ई.पी.आई. 2024 के तहत समग्र मूल्यांकन के आधार पर निम्नलिखित राज्य और केंद्र शासित प्रदेश अपनी-अपनी श्रेणियों में अग्रणी प्रदर्शनकर्ता रहे हैं:
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