वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवाएं विभाग (DFS) ने सी.जी.एच.एस. लाभार्थियों के लिए परिपूर्ण मेडिक्लेम आयुष बीमा योजना शुरू की है। यह योजना कैशलेस सुविधा, आधुनिक उपचार और अस्पतालों के व्यापक नेटवर्क तक पहुंच प्रदान करती है।
मेडिक्लेम आयुष बीमा योजना के बारे में
पात्रता और कवरेज
- यह पॉलिसी विशेष रूप से सी.जी.एच.एस. लाभार्थियों के लिए उपलब्ध है जिसमें प्रति पॉलिसी अधिकतम छः सदस्य हो सकते हैं।
- यह भारत के भीतर भर्ती होने पर क्षतिपूर्ति-आधारित कवरेज प्रदान करती है जिसमें ₹10 लाख या ₹20 लाख के बीमा राशि विकल्प उपलब्ध हैं।
- इस उत्पाद में सह-भुगतान घटक शामिल है जिससे लाभार्थियों को बीमा कंपनी और ग्राहकों के बीच 70:30 या 50:50 के को-शेयरिंग का विकल्प चुनने की सुविधा मिलती है।
मुख्य विशेषताएँ
- सामान्य कक्ष और आई.सी.यू. के लिए प्रतिदिन का किराया बीमा राशि का 1% एवं 2% तक सीमित है।
- अस्पताल में भर्ती होने से पहले 30 दिनों और अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद 60 दिवस का कवरेज उपलब्ध है।
- अस्पताल में भर्ती होने पर आयुष उपचार बीमा राशि के 100% तक कवर किया जाता है।
- आधुनिक उपचार बीमा राशि के 25% तक कवर किया जाता है। साथ ही, 100% कवरेज के लिए एक वैकल्पिक राइडर भी उपलब्ध है।
- प्रत्येक दावा-मुक्त वर्ष के लिए 10% का संचयी बोनस, बीमा राशि के अधिकतम 100% तक है।
- नियमित पॉलिसी की तुलना में यह 70:30 और 50:50 प्रीमियम को-शेयरिंग के लिए क्रमशः 28% व 42% की छूट पर उपलब्ध होगी।
- यह वैकल्पिक स्वास्थ्य बीमा योजना सभी सी.जी.एच.एस. लाभार्थियों के लिए खुदरा उत्पाद के तौर पर उपलब्ध होगी और अधिकतम सामर्थ्य सुनिश्चित करने के लिए इस पर कोई जी.एस.टी. नहीं लगेगा।
- मौजूदा लाभों के पूरक के रूप में डिजाइन की गई यह उन्नत पॉलिसी पूरे भारत में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं तक अधिक लचीलापन व विस्तारित पहुँच प्रदान करते हुए एक सहज अनुभव प्रदान करेगी, जिससे सभी सी.जी.एच.एस. लाभार्थियों को आसानी व आत्मविश्वास के साथ अतिरिक्त वित्तीय सुरक्षा मिलेगी।
वित्तीय सेवाएं विभाग के बारे में
- वित्तीय सेवाएं विभाग (डी.एफ.एस.) के कार्यात्मक दायित्व में बैंकों, वित्तीय संस्थानों, बीमा कंपनियों और राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) के कार्य शामिल हैं।
- वित्तीय सेवाएं विभाग भारत में बैंकिंग क्षेत्र, बीमा क्षेत्र तथा पेंशन क्षेत्र से संबंधित सरकार के कई मुख्य कार्यक्रमों/पहलों तथा सुधारों की निगरानी करता है।