(प्रारंभिक परीक्षा: राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय महत्त्व की सामयिक घटनाएँ) (मुख्य परीक्षा, सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र- 2 व 3: शिक्षा, मानव संसाधनों से संबंधित सामाजिक क्षेत्र/सेवाओं के विकास व प्रबंधन से संबंधित विषय; विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी- विकास व अनुप्रयोग और रोज़मर्रा के जीवन पर इसका प्रभाव; विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में भारतीयों की उपलब्धियाँ; सूचना प्रौद्योगिकी, कंप्यूटर) |
संदर्भ
वर्तमान में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) परिसरों में अत्यंत उच्च भुगतान (अल्ट्रा-हाई पेइंग) वाले प्लेसमेंट चर्चा का केंद्र बन गए हैं क्योंकि भुगतान ऑफर सामान्य कल्पना से कहीं आगे हैं। बी.टेक के नए स्नातकों को मिल रहे करोड़ों रुपए के वार्षिक पैकेज न सिर्फ़ छात्रों बल्कि अभिभावकों एवं शिक्षा जगत का भी ध्यान आकर्षित कर रहे हैं।
संबंधित प्रमुख बिंदु
- हाल ही में नीदरलैंड स्थित वैश्विक ट्रेडिंग कंपनी ‘ऑप्टिवर (Optiver)’ ने IIT हैदराबाद के कंप्यूटर साइंस के एक छात्र को ₹2.5 करोड़ प्रतिवर्ष का पैकेज दिया है।
- विगत वर्ष ही IIT मद्रास के एक छात्र को अमेरिकी वॉल स्ट्रीट फर्म ‘जेन स्ट्रीट (Jane Street)’ ने क्वांटिटेटिव ट्रेडर की भूमिका के लिए ₹4.3 करोड़ प्रतिवर्ष का ऑफर दिया था। स्पष्ट है कि IITs में हाई-पेइंग प्लेसमेंट अब अपवाद नहीं रहीं हैं बल्कि एक उभरती हुई प्रवृत्ति बन चुकी हैं।
- वर्ष 2021 में ₹1 करोड़ से अधिक के पैकेज वाले कैंपस ऑफर्स की संख्या लगभग 60 थी, वहीं 2025 तक यह संख्या बढ़कर करीब 180 हो गई। ₹2 करोड़ से अधिक के ऑफर्स अभी भले ही कम हों किंतु इनकी वृद्धि दर तेज़ है जो संकेत देती है कि यह ट्रेंड स्थायी होता जा रहा है।
- वर्तमान प्लेसमेंट सत्र में IIT बॉम्बे में ‘डे-1’ पर ही कई वित्तीय ट्रेडिंग कंपनियों ने ₹2.2 करोड़ से ₹3.6 करोड़ प्रति वर्ष तक के ऑफर दिए। हालाँकि, यह सब उस दौर में हो रहा है जब आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर पारंपरिक नौकरियों में अनिश्चितता की चर्चा आम है।
उच्च भुगतान ऑफर वाली कंपनियाँ
- ऑप्टिवर, जेन स्ट्रीट, हडसन रिवर ट्रेडिंग (HRT), दा विंची डेरिवेटिव्स, NK सिक्योरिटीज़, रूब्रिक के अलावा Citadel Securities, IMC Trading, Graviton Research, APT Portfolio, Atlas Research, Quadeye, Quantbox और The Trade Desk जैसी कंपनियाँ भी इसी श्रेणी में आती हैं।
- इन कंपनियों ने ट्रेडिंग, क्वांटिटेटिव ट्रेडर, एल्गोरिदमिक डेवलपर, क्वांट रिसर्चर जैसी भूमिकाओं के लिए ये ऑफर प्रदान किए।
- इनमें से लगभग 70% कंपनियाँ बार-बार IITs से भर्ती करती हैं। पहले जहाँ इनकी भर्ती मुख्यतः पुराने IITs तक सीमित थी, वहीं अब IIT हैदराबाद, IIT (BHU) और IIIT इलाहाबाद व रायपुर जैसे संस्थान भी इनके नियमित टैलेंट पूल में शामिल हो चुके हैं।
उच्च भगतान ऑफर का परिकलन
- इन उच्च पैकेजों के पीछे का कारण इन कंपनियों के बिज़नेस मॉडल में छिपा है। अधिकांश QT एवं HFT फर्म्स मध्यम आकार की प्रोप्राइटरी ट्रेडिंग कंपनियाँ होती हैं जो बाज़ारों के बीच मूल्य आर्बिट्राज (Price arbitrage) से कमाई करती हैं।
- ये कंपनियाँ NASDAQ और न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज जैसे प्लेटफॉर्म्स पर शेयरों की खरीद-बिक्री कर प्रति शेयर केवल $0.01 जैसा मामूली लाभ कमाती हैं। हालाँकि, जब ऐसे सौदे सेकंडों में लाखों की संख्या में होते हैं तो कुल मुनाफ़ा अत्यधिक उच्च हो जाता है।
- HFT कंपनियों में यदि कोई सॉफ़्टवेयर इंजीनियर प्रोग्राम के निष्पादन समय में कुछ माइक्रोसेकंड भी घटा दे, तो उससे हर महीने लाखों डॉलर का अतिरिक्त लाभ संभव हो जाता है। चूँकि इंजीनियर का योगदान सीधे मुनाफ़े में बदलता है, इसलिए कंपनियाँ उच्च वेतन एवं बोनस देने में सक्षम होती हैं।
- निम्न ओवरहेड और 200–500 कर्मचारियों की छोटी टीम के कारण इन फर्म्स के लिए अपने ट्रेडिंग प्रॉफिट का बड़ा हिस्सा कर्मचारियों में बाँटना संभव हो जाता है। कई मामलों में ₹2 करोड़ के पैकेज का 40% तक हिस्सा परफॉर्मेंस बोनस के रूप में होता है।
कौशल एवं भूमिकाएँ
- इन कंपनियों में प्रमुखतः तीन तरह की भूमिकाएँ सामने आती हैं-
- क्वांटिटेटिव ट्रेडर: यह लाइव ट्रेडिंग फ्लोर पर गेम थ्योरी और प्रायिकता के आधार पर निर्णय लेते हैं।
- क्वांटिटेटिव रिसर्चर: यह ऐतिहासिक डेटा से पैटर्न खोजकर उन्नत सांख्यिकी, स्टोकास्टिक कैलकुलस और मशीन लर्निंग के ज़रिये ट्रेडिंग रणनीतियाँ बनाते हैं।
- लो-लेटेंसी डेवलपर: यह अल्ट्रा-फास्ट ट्रेडिंग इंजन विकसित करते हैं और मेमोरी मैनेजमेंट व समवर्तीता (Concurrency) जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञ होते हैं।
- इन भूमिकाओं के लिए एल्गोरिदम, लो-लेवल सिस्टम्स, प्रायिकता (Probability), रैखिक बीजगणित और गेम थ्योरी में मज़बूत पकड़ अपेक्षित होती है। वित्तीय बाज़ारों का गहन ज्ञान अनिवार्य नहीं हैं किंतु बाज़ार माइक्रोस्ट्रक्चर एवं डेरिवेटिव्स की समझ अतिरिक्त लाभ देती है।
चयन प्रक्रिया एवं तैयारी
- इन पदों के लिए पूर्व कार्य अनुभव ज़रूरी नहीं होता है। कंपनियाँ ऐसे युवा उम्मीदवार तलाशती हैं जिनमें असाधारण गणितीय क्षमता, प्रोग्रामिंग दक्षता एवं दबाव में संतुलन बनाए रखने की योग्यता हो।
- चयन प्रक्रिया में प्राय: कई कठिन चरण होते हैं जिनमें ब्रेनटीज़र, प्रायिकता आधारित पहेलियाँ (Probability Brainteasers) और लो-लेटेंसी C++ कोडिंग टेस्ट शामिल होते हैं।
- अधिकतर कंपनियाँ प्री-प्लेसमेंट ऑफर (PPO) को प्राथमिकता देती हैं, जिसके लिए आठ सप्ताह की कठोर इंटर्नशिप से गुजरना पड़ता है।
विदेशी बनाम भारतीय पैकेज
- कुल वेतन (CTC) में बेस सैलरी, बोनस, रिलोकेशन या साइन-ऑन बोनस, RSUs और प्रॉफिट-शेयरिंग शामिल होती है। चूँकि अधिकांश भूमिकाएँ एम्स्टर्डम, लंदन, न्यूयॉर्क या हांगकांग जैसे महंगे शहरों में होती हैं, इसलिए ये पैकेज भारतीय मुद्रा में ₹2 करोड़ या उससे अधिक दिखाई देते हैं।
- भारत में मिलने वाले ₹60 लाख से ₹1.2 करोड़ के पैकेज जीवन-यापन लागत और करों को देखते हुए कई बार विदेशी ऑफर्स के बराबर माने जा सकते हैं।
अवसर व चुनौतियाँ
- इन नौकरियों में आर्थिक आकर्षण के साथ-साथ बौद्धिक संतुष्टि भी है, विशेषकर उन छात्रों के लिए जो गणित और Probability Brainteasers को हल करने में रूचि रखते हैं।
- हालाँकि, लाइव ट्रेडिंग का वातावरण बेहद तनावपूर्ण होता है जहाँ छोटी-सी चूक भी भारी नुकसान का कारण बन सकती है। बर्नआउट का जोखिम बना रहता है और करियर का दायरा प्रायः फिनटेक तक सीमित हो सकता है।
निष्कर्ष
- वर्तमान समय एक अनोखा टैलेंट पैराडॉक्स प्रस्तुत कर रहा है। जहाँ AI पारंपरिक IT नौकरियों को सीमित कर रहा है, वहीं विशिष्ट मानवीय कौशल की कीमत पहले से कहीं अधिक हो गई है। क्वांट एवं हाई-फ्रीक्वेंसी ट्रेडिंग सेक्टर इसका सबसे स्पष्ट उदाहरण है।
- ₹2 करोड़ के पैकेज के साथ अत्यधिक दबाव, मानसिक संतुलन एवं लचीलापन भी अनिवार्य हो जाता है। दीर्घकालिक सफलता उन्हीं को मिलती है जो प्रतिभा के साथ-साथ संतुलन एवं धैर्य को भी साध पाते हैं।