New
GS Foundation (P+M) - Delhi : 23rd March 2026, 11:30 AM GS Foundation (P+M) - Prayagraj : 15th March 2026 GS Foundation (P+M) - Delhi : 23rd March 2026, 11:30 AM GS Foundation (P+M) - Prayagraj : 15th March 2026

राष्ट्रपति भवन में ‘परम वीर दीर्घा’ का उद्घाटन

भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विजय दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति भवन में नवनिर्मित ‘परम वीर दीर्घा’ का उद्घाटन किया। यह दीर्घा भारत के सर्वोच्च सैन्य सम्मान ‘परम वीर चक्र’ से सम्मानित 21 वीर योद्धाओं के अदम्य साहस एवं बलिदान को समर्पित है। 

ब्रिटिश पहचान की जगह भारतीय नायकों का सम्मान 

  • राष्ट्रपति भवन के गलियारों में अब तक 96 ब्रिटिश सहायक-उपायुक्तों (ADCs) के चित्र प्रदर्शित थे। इस नई पहल के तहत उन्हें हटाकर अब 21 परम वीर चक्र विजेताओं के चित्रों को गरिमापूर्ण स्थान दिया गया है। 
  • यह पहल औपनिवेशिक मानसिकता को त्यागने और अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को गर्व से अपनाने का प्रतीक है।
  • सरकार भारत के मूल्यों और स्वाभिमान को बहाल करने के लिए प्रतीकों एवं नामों में निरंतर बदलाव कर रही है। पिछले कुछ वर्षों में हुए प्रमुख बदलाव नीचे दी गई तालिका में देखे जा सकते हैं:

पुराना नाम/प्रतीक

नया नाम/बदलाव

महत्व

राजपथ

कर्तव्यपथ

सेवा व उत्तरदायित्व का प्रतीक

मुगल गार्डन

अमृत उद्यान

भारतीयता का समावेश

पोर्ट ब्लेयर

श्री विजयपुरम

स्वतंत्रता संग्राम की जीत का प्रतीक

रेस कोर्स रोड

लोक कल्याण मार्ग

जनहित को समर्पित नाम

रॉस, नील एवं हैवलॉक द्वीप

नेताजी सुभाष चंद्र बोस, शहीद व स्वराज द्वीप

क्रांतिकारियों को सम्मान

नौसेना ध्वज (सेंट जॉर्ज क्रॉस)

शिवाजी महाराज की राजमुद्रा वाला अष्टभुज

समुद्री इतिहास का गौरव

सांस्कृतिक पुनर्जागरण के अन्य उदाहरण

  • अंडमान के 21 द्वीप: केंद्र सरकार ने अंडमान एवं निकोबार के 21 द्वीपों का नामकरण परमवीर चक्र विजेताओं के नाम पर किया है।
  • बीटिंग रिट्रीट समारोह: वर्ष 2022 से इस समारोह में पश्चिमी धुनों के स्थान पर सितार, संतूर एवं तबला जैसे भारतीय वाद्य यंत्रों को शामिल किया गया है।
  • पोर्ट ब्लेयर का नामकरण: वर्ष 2024 में केंद्र शासित प्रदेश की राजधानी का नाम बदलकर ‘श्री विजयपुरम’ किया गया, जो औपनिवेशिक दासता की बेड़ियों को तोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

परम वीर चक्र से सम्मानित वीर योद्धा

मेजर सोमनाथ शर्मा, सूबेदार एवं मानद कैप्टन (तत्कालीन लांस नायक) करम सिंह, एम.एम.,सेकंड लेफ्टिनेंट राम राघोबा राणे, नायक जदुनाथ सिंह, कंपनी हवलदार मेजर पीरू सिंह, जी.एस. सलारिया, लेफ्टिनेंट कर्नल (तत्कालीन मेजर) धन सिंह थापा, सूबेदार जोगिंदर सिंह, मेजर शैतान सिंह, सीक्यूएमएच. अब्दुल हमीद, लेफ्टिनेंट कर्नल अर्देशिर बुर्जोरजी तारापोर, लांस नायक अल्बर्ट एक्का, मेजर होशियार सिंह, सेकंड लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल, फ्लाइंग ऑफिसर निर्मलजीत सिंह सेखों, मेजर रामास्वामी परमेश्वरन, नायब सूबेदार बाना सिंह, कप्तान विक्रम बत्रा, लेफ्टिनेंट मनोज कुमार पांडे, सूबेदार मेजर (तत्कालीन राइफलमैन) संजय कुमार और सूबेदार मेजर सेवानिवृत्त (मानद कप्तान) ग्रेनेडियर योगेंद्र सिंह यादव के नाम पर रखा गया है।

निष्कर्ष

केंद्र सरकार की ये विभिन्न पहलें केवल नाम बदलने तक सीमित नहीं हैं बल्कि यह आधुनिक भारत के मानस से औपनिवेशिक विरासत को खत्म कर ‘स्वदेशी गौरव’ एवं ‘आत्मनिर्भर पहचान’ को स्थापित करने का एक व्यापक प्रयास है। 

« »
  • SUN
  • MON
  • TUE
  • WED
  • THU
  • FRI
  • SAT
Have any Query?

Our support team will be happy to assist you!

OR
X