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बाघ पुनर्जीवन परियोजना  (Tiger Rewilding Project)

प्रारम्भिक परीक्षा – अन्नामलाई टाइगर रिजर्व
मुख्य परीक्षा - सामान्य अध्ययन पेपर-3

संदर्भ

  • अन्नामलाई टाइगर रिजर्व (ATR) पैनल ने बाघ पुनर्जीवन परियोजना की प्रगति का आकलन किया।

Tiger-Rewilding-Project

प्रमुख बिंदु 

  • अन्नामलाई टाइगर रिजर्व (ATR)  समिति ने प्रोजेक्ट टाइगर के तहत सितंबर 2021 में वालपराई के पास एक बाघ के शावक को बचाकर एक बाड़े में 30 महीने रखा और उसकी देख भाल की। 
  • यह समिति उसके स्वास्थ्य तथा शिकार करने सहित विभिन्न मापदंडों का मूल्यांकन करने के पश्चात उसे छोड़ने की योजना बना रहा है।

प्रोजेक्ट टाइगर

  • बाघों की संख्या में दिन प्रतिदिन कमी को रोकने एवं उन्हें विलुप्त होने से बचाने/ संरक्षण के लिए प्रोजेक्ट टाइगर 1 अप्रैल, 1973 में प्रारम्भ किया गया।
  • इस प्रोजेक्ट को इंदिरा गांधी के नेतृत्व में उत्तराखंड के जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क से शुरू किया गया था। 
  • प्रोजेक्ट टाइगर का प्रारंभिक उद्देश्य- मानव द्वारा अवैध शिकार से रॉयल बंगाल टाइगर्स को विलुप्त होने से बचाना था।लेकिन ये प्रोजेक्ट वर्तमान में पूरे भारत में लागू है।  
  • वर्तमान में भारत के सभी टाइगर संरक्षण क्षेत्रों को मानव मुक्त कर दिया गया है।
  • इस प्रोजेक्ट के तहत बाघों के लिए उचित आवास को बनाया जाना और उस क्षेत्र में पेड़ों की कटाई को रोकना आदि कार्य किये जाते हैं। 
  • यह प्रोजेक्ट बाघों की आबादी बढ़ाने में काफी सफल हुआ। 

 बाघों की सुरक्षा इतना महत्वपूर्ण क्यों है ?

  • बाघ भारत का राष्ट्रीय पशु है इसलिए इसकी सुरक्षा अति आवश्यक है। 
  • दूसरा कारण यह है कि बाघ पारिस्थितिकी तंत्र का एक मुख्य घटक है,इसके विलुप्त होने से पारिस्थितिकी तंत्र में असंतुलन की स्थिति आ सकती है इसलिए भी इसकी सुरक्षा अति आवश्यक है। 

अन्नामलाई वन्यजीव अभयारण्य 

  • इस वन्यजीव अभयारण्य को वर्ष 2007 में टाइगर रिजर्व घोषित किया गया। 
  • यह रिजर्व पश्चिमी घाट के दक्षिणी किनारे पर स्थित है। 
  • यह पूर्व में परम्बिकुलम टाइगर रिजर्व, दक्षिण-पश्चिमी में चिन्नार वन्यजीव अभयारण्य और एराविकुलम राष्ट्रीय उद्यान  से घिरा हुआ है। 
  • यह रिज़र्व केरल के नेनमारा, वज़ाचल, मलयत्तूर और मरयूर आरक्षित वनों से भी घिरा हुआ है।
  • अन्नामलाई टाइगर रिजर्व में फूलों वाले पौधे (Angiosperms) की लगभग 2500 प्रजातियाँ पाई जाती हैं, जिनमें बाल्सम, क्रोटेलारिया, ऑर्किड और कुरिंची की कई प्रजातियाँ शामिल हैं।
  • इस रिज़र्व में लुप्तप्राय पशु-पक्षियों की कई प्रजातियां पाई जाती हैं। 
  • यहाँ मछलियों की 70 प्रजातियाँ, उभयचरों की 70 से अधिक प्रजातियाँ, सरीसृपों की 120 प्रजातियाँ, पक्षियों की 300 प्रजातियाँ और स्तनधारियों की 80 प्रजातियाँ हैं।

प्रारंभिक परीक्षा प्रश्न : निम्नलिखित में से अन्नामलाई वन्यजीव अभयारण्य को किस वर्ष टाइगर रिजर्व घोषित किया गया?

 (a) वर्ष 2005 में

(b) वर्ष 2006 में 

(c) वर्ष 2007 में 

(d) वर्ष 2008 में 

उत्तर (c)

मुख्य परीक्षा प्रश्न: अन्नामलाई टाइगर रिजर्व के पारिस्थितिकी महत्त्व की व्याख्या कीजिए।

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