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दक्षिण कोरिया, जापान और चीन का त्रिपक्षीय शिखर सम्मेलन

प्रारंभिक परीक्षा- समसामयिकी
मुख्य परीक्षा- सामान्य अध्ययन, पेपर-2

संदर्भ-

  • लगभग चार वर्षों में पहली बार बैठक करते हुए दक्षिण कोरिया, जापान और चीन के शीर्ष राजनयिक 26 नवंबर,2023 को एशियाई पड़ोसियों के बीच सहयोग को पुनर्जीवित करने और अपने नेताओं के त्रिपक्षीय शिखर सम्मेलन को फिर से शुरू करने पर सहमत हुए।

Trilateral-summit

मुख्य बिंदु-

  • चीन, दक्षिण कोरिया और जापान ने राजनयिक और आर्थिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के लिए वर्ष,2008 में वार्षिक शिखर सम्मेलन पर सहमति व्यक्त की थी, लेकिन दो तरफा विवादों और कोविड ​​महामारी ने इसे बाधित कर दिया। 
  • तीनों देशों के नेताओं की आखिरी बैठक 2019 में हुई थी।
  • तीनों देशों के अधिकारियों द्वारा सितंबर,2023 में जल्द से जल्द सुविधाजनक समय पर त्रिपक्षीय शिखर सम्मेलन की व्यवस्था करने पर सहमति व्यक्त की। 
  • वर्ष,2019 के बाद पहली ऐसी बैठक के लिए तीनों देशों के विदेश मंत्रियों ने दक्षिण कोरियाई बंदरगाह बुसान में बैठक की।
  • तीनों विदेश मंत्रियों ने शिखर सम्मेलन के लिए कोई समय सीमा निर्दिष्ट नहीं की।
  • विदेश मंत्रियों ने बातचीत में सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और प्रौद्योगिकी सहित छह क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने और शिखर सम्मेलन की तैयारी के लिए चर्चा को बढ़ावा देने पर सहमति व्यक्त की। 
  • दक्षिण कोरियाई विदेश मंत्री उत्तर कोरियाई मुद्दों को लेकर चिंतित थे उन्होंने कहा कि त्रिपक्षीय सहयोग को और अधिक संस्थागत बनाना महत्वपूर्ण है ताकि यह एक स्थिर और टिकाऊ प्रणाली में विकसित हो सके।

द्विपक्षीय वार्ता-

1. दक्षिण कोरिया-

    • दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री ने जापान और चीन के विदेश मंत्रियों को दक्षिण कोरिया आने का निमंत्रण दिया और वे रणनीतिक संचार को मजबूत करने पर सहमत हुए। 
    • दक्षिण कोरिया ने चीन से उत्तर कोरिया को आगे के उकसावों से बचने और परमाणु निरस्त्रीकरण की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करने में रचनात्मक भूमिका निभाने के लिए कहा।
    • जापान द्वारा 1910-45 में कोरियाई प्रायद्वीप के उपनिवेशीकरण से उत्पन्न मुद्दों के कारण पिछले वर्षों में दक्षिण कोरिया और जापान के बीच संबंध ज्यादा खराब हो गए थे। 
    •  हाल के महीनों में दोनों देशों के संबंधों में काफी सुधर हुआ है, क्योंकि दोनों देशों ने इतिहास की तकरार से आगे बढ़ने और उत्तर कोरिया के बढ़ते परमाणु खतरों एवं अन्य साझा चुनौतियों को लेकर द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ाने पर अनेक  कदम उठाए हैं।
    • दक्षिण कोरियाई और जापान के विदेश मंत्रियों ने अदालत के फैसले पर चर्चा की। 
    • दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों मंत्रियों ने उत्तर कोरिया के नवीनतम जासूसी उपग्रह प्रक्षेपण की कड़ी निंदा की और चीन से जुड़े तीन-तरफा सहयोग को फिर से मजबूत करने के लिए मिलकर काम करने पर सहमति व्यक्त की।
    • दक्षिण कोरिया ने उत्तर कोरिया को उकसावे को रोकने और परमाणु निरस्त्रीकरण की दिशा में कदम उठाने के लिए मनाने में चीन से रचनात्मक भूमिका निभाने के लिए कहा।

2. चीन-

    • चीन के विदेश मंत्री ने कहा, तीनों देशों को "वैचारिक सीमांकन का विरोध करना चाहिए और क्षेत्रीय सहयोग करते हुए गुटबाजी का विरोध करना चाहिए।“
    • चीनी विदेश मंत्री ने तीनों देशों से जल्द से जल्द त्रिपक्षीय मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत फिर से शुरू करने का भी आग्रह किया।
    • चीन के विदेश मंत्री ने दक्षिण कोरिया से चीन-अमेरिका तनाव के बीच आर्थिक और प्रौद्योगिकी मुद्दों, विशेषतः सेमीकंडक्टर और अन्य व्यापार विवादों का राजनीतिकरण न करने को कहा। 

3. जापान-

    • जापान के विदेश मंत्री ने कहा कि त्रिपक्षीय सहयोग क्षेत्रीय शांति में योगदान देगा क्योंकि वर्तमान में अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा स्थिति पहले से कहीं अधिक गंभीर और जटिल हो गई है।
    • जापान के अनुसार, दक्षिण कोरिया ने सहयोगात्मक रुख को खराब करते हुए जापान द्वारा अपने युद्धकालीन वेश्यालयों में काम करने के लिए मजबूर महिलाओं के संबंध में एक समूह को मुआवजा देने के दक्षिण कोरियाई अदालत के आदेश को बेहद अफसोसजनक बताया और दक्षिण कोरिया से उचित कदम उठाने को कहा। 
    • जापान के विदेश मंत्री ने निकट भविष्य में जापान और चीन के बीच सुरक्षा वार्ता की उम्मीद जताई। 
    • चीन के विदेश मंत्री ने कहा, चीन और जापान को यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि वे एक-दूसरे के लिए खतरा न उत्पन्न  करें और प्रत्येक की वैध चिंताओं का सम्मान करें।
    • 25 नवंबर,2023 को चीनी विदेश मंत्री वांग यी के साथ अपनी बैठक के बाद जापानी विदेश मंत्री श्री कामिकावा ने जापान की मांग को दोहराया कि चीन जापान के सुनामी प्रभावित परमाणु ऊर्जा संयंत्र से उपचारित रेडियोधर्मी अपशिष्ट जल के निर्वहन के जवाब में जापान के समुद्री खाद्य आयात पर लगाए गए प्रतिबंध को हटा दे। 
    • चीनी विदेश मंत्री श्री वांग ने अपशिष्ट जल छोड़ने की जापान की गैर जिम्मेदाराना कार्रवाई का विरोध किया और इस प्रक्रिया पर एक स्वतंत्र निगरानी तंत्र का आह्वान किया।
    • तीनों विदेश मंत्रियों ने शिखर सम्मेलन के लिए कोई समय सीमा निर्दिष्ट नहीं की।

बाधाएं-

  • आर्थिक और सांस्कृतिक रूप से एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए तीनों देश मिलकर वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद का लगभग 25% हिस्सा बनाते हैं। 
  • जापान की युद्धकालीन आक्रामकता और चीन तथा संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच रणनीतिक प्रतिस्पर्धा से उत्पन्न ऐतिहासिक विवादों सहित कई मुद्दों के कारण त्रिपक्षीय सहयोग को बढ़ावा देने के प्रयासों में अक्सर रुकावट आती है।
  • दक्षिण कोरिया और जापान प्रमुख अमेरिकी सैन्य सहयोगी हैं, जो अपने क्षेत्रों में कुल 80,000 अमेरिकी सैनिकों की मेजबानी करते हैं। 
  • अमेरिका के साथ त्रिपक्षीय सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने के दक्षिण कोरिया और जापान के हालिया प्रयास ने चीन को नाराज कर दिया है, जो एशिया में अपने प्रभुत्व को बढ़ाने के लिए उठाए जाने वाले किसी भी कदम के प्रति बेहद संवेदनशील है।
  • चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन ने नवंबर,2023 में सौहार्दपूर्ण वार्ता की, जो दक्षिण कोरिया, जापान और चीन के त्रिपक्षीय सहयोग को पुनर्जीवित करने का कूटनीतिक अवसर प्रदान करेगा।
  • उत्तर कोरिया की परमाणु-सक्षम मिसाइलों का बढ़ता भंडार दक्षिण कोरिया और जापान के लिए एक बड़ा सुरक्षा खतरा है। 
  • चीन पर उत्तर कोरिया का सबसे बड़ा सहयोगी, उत्तर कोरिया पर संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों को पूरी तरह से लागू करने से बचाने,अमेरिकी प्रभावों के खिलाफ एक सुरक्षा कवच के रूप में काम करने में मदद करने के लिए उत्तर कोरिया को गुप्त सहायता भेजने का संदेह है। 

प्रारंभिक परीक्षा के लिए प्रश्न-

प्रश्न- हाल ही में दक्षिण कोरिया, जापान और चीन के विदेश मंत्रियों के बीच बैठक किस स्थान पर आयोजित की गई।

(a) बुसान

(b) शंघाई

(c) नागोया

(d) रियाद

उत्तर- (a) 

 मुख्य परीक्षा के लिए प्रश्न-

प्रश्न- दक्षिण कोरिया, जापान और चीन में त्रिपक्षीय सहयोग को और अधिक संस्थागत बनाना महत्वपूर्ण है ताकि यह एक स्थिर और टिकाऊ प्रणाली में विकसित हो सके। विवेचना कीजिए।

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