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Solved Paper- UPSC Prelims 2026 (Paper - 1 & 2) Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 8th June 2026, 6:30 PM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 1st June 2026, 5:30 PM English Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 7th June 2026, 8:00 AM Solved Paper- UPSC Prelims 2026 (Paper - 1 & 2) Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 8th June 2026, 6:30 PM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 1st June 2026, 5:30 PM English Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 7th June 2026, 8:00 AM

ग्राफीन के असामान्य गुण

प्रारम्भिक परीक्षा: GMR, ग्राफीन।
मुख्य परीक्षा,सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र:3- विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी- विकास एवं अनुप्रयोग और रोज़मर्रा के जीवन पर इसका प्रभाव। 

संदर्भ 

  • नोबेल पुरस्कार विजेता आंद्रे गीम के नेतृत्व में यूके के शोधकर्ताओं द्वारा यह पाया गया है कि ग्राफीन कमरे के तापमान पर एक विषम विशाल मैग्नेटोरेसिस्टेंस (GMR) प्रदर्शित करता है।

Giant Magneto Resistance,(विशाल मैग्नेटो रेसिस्टेंस) क्या है ?

  • किसी चालक (conductor) के चुंबकीय क्षेत्र में प्रवेश करने पर उसके विद्युत प्रतिरोध में होने वाला परिवर्तन मैग्नेटो रेसिस्टेंस कहलाता है।

Giant-Magneto-Resistance

  • जब चालक (conductor) को एक ही दिशा में चुम्बकित किया जाता है, तो उसमें विद्युत प्रतिरोध कम होता है।
  • जब दिशाएं एक दूसरे के विपरीत होती हैं, तो प्रतिरोध बढ़ता है।
  • चालक (conductor) का प्रतिरोध सीधे चुंबकीय क्षेत्र के समानुपाती होता है, अर्थात चुंबकीय क्षेत्र की वृद्धि के साथ उसका प्रतिरोध बढ़ता है।

शोध में क्या पाया गया ?

GRAPHITE

  • hBN- hexagonal boron nitride
  • इस प्रयोग में ऊष्मीय रूप से उत्तेजित इलेक्ट्रॉनों और छिद्रों की समान संख्या वाला प्लाज्मा का उपयोग किया गया था।
  • "बेहद साफ सेटअप" और बिना किसी दोष के ग्राफीन का इस्तेमाल किया गया।
  • यह पाया गया कि बोरॉन नाइट्राइड की दो परतों के बीच आयोजित मोनोलेयर ग्राफीन (27 डिग्री सेल्सियस पर) में मैग्नेटोरेसिस्टेंस 1 टेस्ला के एक क्षेत्र के तहत 110% बढ़ गया।
  • ग्राफीन-आधारित डिवाइस में देखा गया मैग्नेटोरेसिस्टेंस " इस चुंबकीय क्षेत्र रेंज में अन्य ज्ञात सेमीमेटल्स की तुलना में लगभग 100 गुना अधिक था।

विशाल मैग्नेटोरेसिस्टेंस(GMR) का उपयोग 

  • इसका का उपयोग हार्ड डिस्क ड्राइव, कंप्यूटर में मैग्नेटोरेसिस्टिव रैम, बायोसेंसर, ऑटोमोटिव सेंसर, माइक्रो इलेक्ट्रोमैकेनिकल सिस्टम और मेडिकल इमेजर्स में किया जाता है।
  • GMR-आधारित उपकरण विशेष रूप से चुंबकीय क्षेत्र को समझने के लिए उपयोग किए जाते हैं। 

ग्राफीन के बारे में

graphene

  • ग्राफीन कार्बन परमाणुओं की एकल-परमाणु-मोटी परत है, जो मधुकोश पैटर्न में बंधी होती है।
  • ग्राफीन में, प्रत्येक कार्बन परमाणु सहसंयोजक रूप से तीन अन्य कार्बन परमाणुओं से बंधा होता है।
  • यह अब तक की सबसे मजबूत सामग्री है, जो स्टील से लगभग 300 गुना अधिक मजबूत है।

उपयोग 

  • ग्राफीन के पास अपने असाधारण यांत्रिक, विद्युत और तापीय गुणों के कारण संभावित अनुप्रयोगों और उपयोगों की एक विस्तृत श्रृंखला है।
  • इसका उपयोगइलेक्ट्रॉनिक्स, ऊर्जा भंडारण, सेंसर, कोटिंग्स, कंपोजिट, बायोमेडिकल डिवाइस और कई अन्य क्षेत्रों में किया जा सकता है।

coatings

डेली अभ्यास प्रश्न 

प्रश्न - निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए ;

  1. मैग्नेटोरेसिस्टेंस, किसी चालक (conductor) के चुंबकीय क्षेत्र में प्रवेश करने पर उसके विद्युत प्रतिरोध में होने वाला परिवर्तन होता है।
  2. हाल ही में, एक अनुसंधान में पाया गया कि ग्राफीन-आधारित डिवाइस में मैग्नेटोरेसिस्टेंस अन्य ज्ञात सेमीमेटल्स की तुलना में लगभग 100 गुना अधिक था।

उपर्युक्त कथनों में से कौन सा / से कथन असत्य है / हैं ?

  1. केवल 2 
  2. केवल 1 
  3. 1 और 2 दोनों
  4. न तो 1 और न ही 2 

उत्तर : D

स्रोत- द हिन्दू

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