उत्तर प्रदेश पुलिस की तकनीकी सेवा इकाई द्वारा विकसित जाँच, अभियोजन एवं दोषसिद्धि पोर्टल को स्कॉच पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।
अतिरिक्त महानिदेशक (तकनीकी सेवाएं) नवीन अरोड़ा ने नई दिल्ली में पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) प्रशांत कुमार को SKOCH पुरस्कार प्रमाण पत्र सौंपा।
प्रमुख बिंदु:
यह पुरस्कार पोर्टल द्वारा जांच, अभियोजन और दोषसिद्धि की प्रक्रियाओं को कुशलतापूर्वक प्रबंधित करने और अपराधों पर अंकुश लगाने में महत्वपूर्ण योगदान के लिए दिया गया है।
इस पोर्टल के माध्यम से, पुलिस ने माफिया से जुड़े अपराधों, POCSO मामलों, बलात्कार और अन्य जघन्य अपराधों जैसे गंभीर और संवेदनशील मामलों की पहचान और निगरानी में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है।
पोर्टल ने समय पर जांच और चार्जशीट दाखिल करने की प्रक्रिया को सुनिश्चित किया है, साथ ही अदालती मुकदमों की प्रभावी निगरानी करके न्याय के त्वरित वितरण में भी मदद की है।
इस पहल के परिणामस्वरूप, लगभग 85,000 अपराधियों को दोषी ठहराया गया है और पांच साल से अधिक पुराने 40,000 से अधिक लंबित मामलों का सफलतापूर्वक समाधान किया गया है।
स्कॉच पुरस्कार:
यह भारत के प्रतिष्ठित नागरिक पुरस्कारों में से एक है, जो शासन, वित्त, प्रौद्योगिकी, सामाजिक क्षेत्र और समावेशी विकास जैसे क्षेत्रों में उत्कृष्टता को मान्यता देने के लिए दिया जाता है।
स्थापना: वर्ष 2003 में SKOCH Group द्वारा।
प्रमुख उद्देश्य: भारत में सुशासन, डिजिटल परिवर्तन, वित्तीय समावेशन, सामाजिक नवाचार और नीति क्रियान्वयन को बढ़ावा देना।
प्रश्न. हाल ही में स्कॉच पुरस्कार से सम्मानित ‘जाँच, अभियोजन एवं दोषसिद्धि पोर्टल’ किस राज्य की पुलिस द्वारा विकसित किया गया है?