New
Final Result - UPSC CSE Result, 2025 GS Foundation (P+M) - Delhi : 23rd March 2026, 11:30 AM GS Foundation (P+M) - Prayagraj : 17th March 2026 Final Result - UPSC CSE Result, 2025 GS Foundation (P+M) - Delhi : 23rd March 2026, 11:30 AM GS Foundation (P+M) - Prayagraj : 17th March 2026

दुनिया की पहली रेत (SAND) बैटरी

प्रारम्भिक परीक्षा: रेत (SAND) बैटरी, फ़िनलैंड की अवस्थिति
मुख्य परीक्षा, सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र:3- विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी- विकास एवं अनुप्रयोग और रोज़मर्रा के जीवन पर इसका प्रभाव

संदर्भ 

  • हाल ही में, फ़िनलैंड द्वारा दुनिया की पहली रेत बैटरी विकसित की गई है। 

प्रमुख बिन्दु 

सैंड बैटरी सिस्टम क्या है ?

  • इस बैटरी में एक विशाल स्टील सिलो लगा है।
  • स्टील सिलो - 7 मीटर लंबा और 4 मीटर चौड़ा एक टैंक है जिसमें 100 टन रेत से भरी हुई है।
  • इसे फिनलैंड के शहर कंकानपा में स्थापित किया गया है।
  • यह शहर के केंद्रीकृत हीटिंग नेटवर्क से जुड़ा है, जो इमारतों और सार्वजनिक जल प्रणालियों को गर्म रखता है।

स्टोरेज सिस्टम में तीन मुख्य घटक हैं:

  • सैंड सिलो
  • इलेक्ट्रिकल एयर हीटर
  • एयर टू वाटर हीट एक्सचेंजर

कैसे काम करता है?

heating-sand

  • सैंड सिलो को चार्ज करने के लिए इलेक्ट्रिक एयर हीटर में हवा को 600 डिग्री सेल्सियस तक गर्म किया जाता है।
  • सिलो के कोर में रेत के तापमान को 600 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ाने के लिए हीट-एक्सचेंज पाइप और ब्लोअर का उपयोग करके गर्म हवा को सिलो के अंदर परिचालित किया जाता है।
  • जब  ताप भंडारण (storage) लगभग समापन की अवस्था में पहुंचता है, तो ब्लोअर का उपयोग सैंड सिलो के अंदर पाइप में हवा को पंप करने के लिए किया जाता है।
  • एक बार जब हवा 200 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच जाती है, तो इसे एयर टू वाटर हीट एक्सचेंजर में स्थानांतरित कर दिया जाता है, जहाँ इसका उपयोग पानी को उबालने के लिए किया जाता है।
  • फिर इसे हीटिंग नेटवर्क में भेजा जाता है।

बैटरी की क्षमता

  • यह महीनों तक ऊष्मा को स्टोर रखने में सक्षम है।
  • स्थापित बैटरी 8 मेगावाट-घंटे (MWh) ऊर्जा संग्रहित कर सकती है और 0.1 MW पर ऊष्मा छोड़ सकती है, जो लगभग 100 घरों को गर्म पानी प्रदान करने और एक सार्वजनिक स्विमिंग पूल को गर्म करने के लिए पर्याप्त है।

बनाने का मुख्य उद्देश्य  क्या है ?

  • फ़िनलैंड की जलवायु ठंडी होने के कारण अधिकतम समय जल बर्फ की अवस्था में रहता है , इसलिए पानी को गरम रखने हेतु ऐसी तकनीकी को अपनाया गया। 

ताप भंडारण सामग्री के रूप में रेत के लाभ

  • रेत को 600 डिग्री सेल्सियस (डिग्री सेल्सियस) तक गर्म किया जा सकता है, जबकि पानी 100 डिग्री सेल्सियस पर उबलने लगता है।
  • इसमें कम ऊष्मा चालकता भी होती है, जो ऊर्जा हानि को कम करती है।

संबंधित प्रश्न - फ़िनलैंड द्वारा स्थापित दुनिया की पहली रेत बैटरी, के संदर्भ में विचार कीजिए :

  1. इस बैटरी में एक विशाल स्टील सिलो लगा है, जो 7 मीटर लंबा और 4 मीटर चौड़ा है, जिसे जून 2022 में फिनलैंड के शहर कंकानपा में स्थापित किया गया था। 
  2. यह शहर के केंद्रीकृत हीटिंग नेटवर्क से जुड़ा है और इसमें बालू के साथ- साथ हीलियम और हाइड्रजन जैसे गैसों का प्रयोग भी किया गया है ।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा / से कथन सत्य हैं ?

  1. केवल 1 
  2. केवल 2 
  3. 1 एवं 2  दोनों  
  4. न तो 1 और न ही 2

उत्तर : A

« »
  • SUN
  • MON
  • TUE
  • WED
  • THU
  • FRI
  • SAT
Have any Query?

Our support team will be happy to assist you!

OR
X