• Sanskriti IAS - अखिल मूर्ति के निर्देशन में

यूरोपीय संघ का सतत वित्त वर्गीकरण 

  • 3rd August, 2022

(मुख्य परीक्षा, सामान्य अध्ययन प्रश्नप्रत्र-3 : प्रौद्योगिकी, जैव विविधता, पर्यावरण)

संदर्भ 

हाल ही में, यूरोपीय संघ (EU) ने कुछ गैस और परमाणु विद्युत संयंत्रों में निवेश को ‘पर्यावरण अनुकूलन’ के रूप में चिह्नित करने पर सहमति व्यक्त की है। 

यूरोपीय संघ का सतत वित्त वर्गीकरण (Taxonomy)

  • यूरोपीय संघ का वर्गीकरण एक जटिल प्रणाली है जो यह वर्गीकृत करती है कि अर्थव्यवस्था के किस हिस्से को सतत निवेश के रूप में चिह्नित किया जा सकता है।
    • यह वर्गीकरण इस बात को समझने में सहायक होता है कि कोई आर्थिक गतिविधि पर्यावरण की दृष्टिकोण से सतत है अथवा नहीं।
    • इसमें आर्थिक गतिविधियों के साथ-साथ विस्तृत पर्यावरणीय मानदंड भी शामिल हैं। 
    • वर्गीकरण विनियमन के छह पर्यावरणीय उद्देश्य हैं-
      • जलवायु परिवर्तन न्यूनीकरण
      • जलवायु परिवर्तन अनुकूलन
      • जल एवं समुद्री संसाधनों का सतत उपयोग व संरक्षण
      • एक चक्रीय अर्थव्यवस्था की ओर संक्रमण
      • प्रदूषण की रोकथाम एवं नियंत्रण
      • जैव विविधता एवं पारिस्थितिक तंत्र का संरक्षण व पुनर्बहाली
    • यूरोपीय संघ का लक्ष्य वर्ष 2050 तक शुद्ध उत्सर्जन को समाप्त करना है। यह नियम अधिकांश क्षेत्रों के लिये इस वर्ष लागू हुए जिसमें इस्पात संयंत्र, इलेक्ट्रिक कार और भवन नवीनीकरण में निवेश शामिल हैं।

        निहितार्थ 

        • यूरोपीय संघ को वर्ष 2050 तक अपने शुद्ध उत्सर्जन को समाप्त करने के लिये अत्यधिक निवेश की आवश्यकता है, जिसमें अधिकांश के लिये निजी वित्तपोषण की ज़रूरत होगी। 
        • इस वर्गीकरण का उद्देश्य हरित गतिविधियों को निवेशकों के लिये अधिक आकर्षक एवं पारदर्शी बनाना है। 
        • कुछ स्थितियों में प्रदूषण कारक कंपनियों को भी हरित निवेश के लिये अनुमति मिल सकती है। उदाहरण के लिये यदि कोई तेल कंपनी पवन ऊर्जा के क्षेत्र में निवेश करती है तो वह उसको हरित निवेश के रूप में चिह्नित कर सकती हैं।
        • यह टैक्सोनॉमी ‘हरित’ के रूप चिह्नित न रहने वाली गतिविधियों में निवेश पर प्रतिबंध नहीं आरोपित करती है किंतु यह जलवायु अनुकूल निवेशक का दावा कर सकने वाली कंपनियों को सीमित करती है। 

        हरित निवेश का वर्गीकरण 

        • हरित निवेश को तीन प्रकार से वर्गीकृत किया जाता है- 
          • पहला, हरित लक्ष्यों में महत्वपूर्ण योगदान देने वाला निवेश। उदाहरण के लिये पवन ऊर्जा क्षेत्र में निवेश। 
          • दूसरा, हरित गतिविधियों को सक्षम बनाने के लिये निवेश। उदाहरण के लिये नवीकरणीय स्रोत से बिजली या हाइड्रोजन का भण्डारण करके। 
          • तीसरा, संक्रमणकालीन गतिविधियाँ जिन्हें पूरी तरह से सतत नहीं बनाया जा सकता है किंतु जिनका कार्बन उत्सर्जन उद्योग के औसत स्तर से कम है।
        • गैस एवं परमाणु विद्युत संयंत्रों को संक्रमणकालीन गतिविधियों के रूप में वर्गीकृत किया गया है। 

        गैस और परमाणु ऊर्जा के बारे में टैक्सोनॉमी

        • यूरोपीय आयोग के प्रस्ताव के अंतर्गत गैस से चलने वाले विद्युत संयंत्र को ‘हरित’ (Green) माना जाएगा, यदि :
          • इससे प्रति किलोवाट घंटे 270 ग्राम से अधिक कार्बनडाइ ऑक्साइड उत्सर्जित न हो।
          • 20 वर्षों में औसतन 550 ग्राम प्रति किलोवाट कार्बनडाइ ऑक्साइड का उत्सर्जन हो।
          • वर्ष 2035 तक कम कार्बन वाली गैसों के उत्सर्जन के लिये भी प्रतिबद्ध हो।  
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