• Sanskriti IAS - अखिल मूर्ति के निर्देशन में

गूगल का नया चैटबॉट

  • 17th June, 2022

(प्रारंभिक परीक्षा- सामान्य विज्ञान)
(मुख्य परीक्षा, सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र- 3 : विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी- विकास एवं अनुप्रयोग और रोज़मर्रा के जीवन पर इसका प्रभाव, सूचना प्रौद्योगिकी, कंप्यूटर)

संदर्भ

हाल ही में, अमेरिका के एक कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) शोधकर्ता ने पक्षपात और अभद्र भाषा (हेट स्पीच) का परीक्षण करने वाले गूगल के अद्यतन चैटबॉक्स ‘संवाद अनुप्रयोगों के लिये भाषा मॉडल’ (Language Model for Dialogue Applications : LaMDA) को संवेदनशील बताया है।

लैम्डा 

  • यह एक मशीन-लर्निंग (ML) भाषा मॉडल और आधुनिक संवाद उपकरण है, जिसे गूगल ने चैटबॉट के रूप में विकसित किया है। यह बातचीत में मनुष्यों जैसी समानताएँ रखता है। 
  • यह कृत्रिम तंत्रिका नेटवर्क (Artificial Neural Network : ANN) में समर्थ होने के साथ डीप लर्निंग में सक्षम है। विभिन्न विषयों पर सार्वजनिक संवाद डाटा और वेब टेक्स्ट के 1.56 ट्रिलियन शब्दों का उपयोग कर इस एल्गोरिदम को प्रशिक्षित किया जाता है। 
  • गूगल के ओपन-सोर्स न्यूरल नेटवर्क, ट्रांसफॉर्मर पर निर्मित न्यूरल नेटवर्क ने भाषा डाटा के इस विशाल डाटाबेस से 137 बिलियन से अधिक पैरामीटर निकाले हैं। ट्रांसफॉर्मर एक न्यूरल नेटवर्क आर्किटेक्चर है जिसे गूगल ने वर्ष 2017 में विकसित किया था।
  • यह चैटबॉट अभी सार्वजनिक नहीं है, लेकिन उपयोगकर्ताओं को इसके साथ बातचीत करने की अनुमति है। 
  • गूगल के अनुसार, लैम्डा सूक्ष्म अंतर वाली बातचीत को समझने के साथ-साथ सरल और प्राकृतिक बातचीत में सक्षम हो सकता है। मई 2021 में लैम्डा 0.1 और वर्ष 2022 में लैम्डा 0.2 का अनावरण किया गया।

कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग

  • ए.आई. को भविष्यवादी तकनीक माना जाता है। हालाँकि, पोस्ट की जाने वाली तस्वीरों में चेहरों की पहचान के लिये फेसबुक का फेशियल रिकग्निशन सॉफ्टवेयर, एलेक्सा को दिये जाने वाले कमांड को परिवर्तित करने वाला वॉयस रिकग्निशन सॉफ्टवेयर और गूगल ट्रांसलेट जैसे ऐप ए.आई. तकनीक के उदाहरण हैं।
  • प्रसिद्ध गणितज्ञ एलन ट्यूरिंग ने मशीन के सोचने और उसकी बुद्धिमत्ता को लेकर कुछ विचार व्यक्त किये थे। ट्यूरिंग दुनिया के पहले कंप्यूटर ‘ENIGMA’ के डिजाइनर और निर्माता थे, जिसका प्रयोग द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जर्मन कोड को तोड़ने के लिये किया गया था। 
  • मनुष्यों तक प्रौद्योगिकी पहुंच को सीमित करने के लिये वर्तमान में रिवर्स ट्यूरिंग टेस्ट ‘CAPTCHA’ (कैप्चा) का उपयोग किया जाता है।

सर्वप्रथम निर्मित चैटबॉक्स

  • एम.आई.टी. (MIT) आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस लेबोरेटरी के जोसेफ वेइज़नबाउम ने एलिज़ा (ELIZA) नामक चैटबॉक्स का निर्माण किया। यह एक कंप्यूटर प्रोग्राम था जिसके साथ उपयोगकर्ता चैट कर सकते थे। 
  • रिचर्ड वालेस द्वारा विकसित एक अन्य चैटबॉट ‘ऐलिस’ (Artificial Linguistic Internet Computer Entity : ALICE) मानव संपर्क का अनुकरण करने में सक्षम था। 
  • 1930 के दशक में भाषाविद् जॉर्ज किंग्सले ने मानवीय बोलियों के विश्लेषण से यह निष्कर्ष निकाला कि अधिकांश उच्चारणों का प्रारंभ मुख्यत: 2,000 शब्दों से होता है। इसके आधार पर वालेस ने सिद्धांत दिया कि दैनिक बातचीत (Chitchat) का एक बड़ा हिस्सा सीमित है। उन्होंने पाया कि लोगों की बातचीत के 95% हिस्से का जवाब देने के लिये केवल लगभग 40,000 प्रतिक्रियाएँ ही पर्याप्त थीं। 

तंत्रिका नेटवर्क (Neural Network)

  • तंत्रिका नेटवर्क एक ए.आई. तकनीक है जो मनुष्यों की तरह सीखने और व्यवहार करने के लिये मस्तिष्क के तंत्रिकाकोशिका जाल (Web of Neurons) का अनुकरण करने का प्रयास करता है। 
  • तंत्रिका नेटवर्क के निर्माण के लिये प्रारंभिक स्तर पर छवियों को पहचानने का प्रयास किया जाता है। ए.एन.एन. को आदेश (Command) देने से पहले अच्छी तरह प्रशिक्षित करने की आवश्यकता होती है। 
  • उदाहरण के लिये छवि पहचान प्रशिक्षण के दौरान हजारों विशिष्ट छवियों को ए.एन.एन. में फीड किया जाता है। जटिल एल्गोरिदम का उपयोग करते हुए ए.एन.एन. की गणितीय प्रणाली विशिष्ट विशेषताओं को निष्कर्ष के रूप में प्रस्तुत करती है। 
  • यह सॉफ्टवेयर उन विशिष्ट पैटर्न्स को पहचानना सीखता है जो यह निरुपित करता है कि इन मापदंडों से एक सामान्य छवि/चेहरा किस तरह दिखते हैं।
  • प्रारंभिक मशीन लर्निंग सॉफ़्टवेयर को मानवीय सहायता की आवश्यकता होती थी। जबकि वर्तमान में ‘डीप लर्निंग सॉफ्टवेयर’ (Deep Learning Software) के लिये बिग डाटा तक पहुँच और एक शक्तिशाली प्रोसेसर पर्याप्त है। 

लैम्डा तथा अन्य चैटबॉक्स

  • इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन लिमिटेड (IRCTC) के 'आस्क दिशा' जैसे चैटबॉट्स का उपयोग नियमित रूप से ग्राहक जुड़ाव के लिये किया जाता है। इसमें विषय तथा चैट प्रतिक्रियाएँ सीमित है और संवाद पूर्वनिर्धारित एवं प्राय: लक्ष्य-निर्देशित होता है। 
  • लैम्डा, गूगल द्वारा एक गैर-लक्ष्य निर्देशित चैटबॉट विकसित करने का प्रयास है, जो विभिन्न विषयों पर संवाद कर सकता है। इस प्रकार के उन्नत संवाद उपकरण ग्राहक संपर्क में क्रांति ला सकते हैं।

चुनौतियाँ

  • ए.आई. को भावनात्मक और संवेदनशील बनाने की चुनौतियाँ भविष्यगत मुद्दे हैं। हालाँकि, ऐतिहासिक पूर्वाग्रह को स्थाई बनाने वाले अनैतिक ए.आई. और अभद्र भाषा (Hate Speech) वास्तविक खतरे हैं। 
  • चूँकि मनुष्यों द्वारा ही ऐतिहासिक डाटा का प्रयोग करते हुए इसका विकास और प्रशिक्षण किया जा रहा है, अत: अनजाने में इससे भेदभाव हो सकता है, जबकि हम कल्पना करते हैं कि मशीन में कोई पूर्वाग्रह नहीं है।
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