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ऑपरेशन संकल्प और भारत के हित 

  • 20th July, 2021

(प्रारंभिक परीक्षा- राष्ट्रीय महत्त्व की सामयिक घटनाएँ)
(मुख्य परीक्षा, सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र- 3 : विभिन्न सुरक्षा बल और संस्थाएँ तथा उनके अधिदेश)

संदर्भ 

एक आधिकारिक आँकड़े के अनुसार ‘ऑपरेशन संकल्प’ ने पिछले दो वर्षों में खाड़ी क्षेत्र (The Gulf Region) में प्रतिदिन औसतन 16 भारतीय ध्वजवाहक व्यापारिक जहाज़ों को सुरक्षित मार्ग प्रदान किया है।

‘ऑपरेशन संकल्प’ 

  • ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच ओमान की खाड़ी में दो तेल टैंकर जहाज़ों में विस्फोट के बाद जून 2019 में ‘ऑपरेशन संकल्प’ शुरू किया गया था। यह ऑपरेशन भारतीय नौसेना ने प्रारंभ किया था।  
  • तब से भारतीय नौसेना ने उत्तर-पश्चिम अरब सागर, ओमान की खाड़ी और फारस की खाड़ी में लगातार युद्धपोत और हेलीकॉप्टर तैनात किये हैं, ताकि होरमुज़ जलडमरूमध्य से गुज़रने वाले भारतीय ध्वजवाहक जहाज़ों का सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित किया जा सके। 
  • इस क्षेत्र में उपस्थिति प्रदर्शित करने, भारतीय समुद्री समुदाय में विश्वास पैदा करने और भारतीय ध्वजवाहक व्यापारिक जहाज़ों को सहायता प्रदान करने के लिये इसे प्रारंभ किया गया था। 
  • इस ऑपरेशन के दौरान इस क्षेत्र को पार कर रहे भारतीय ध्वजवाहक व्यापारिक जहाज़ों के अनुरोध पर ‘भारतीय नौसेना के सशस्त्र सुरक्षा दल’ (IN-AST) को उन पर तैनात किया जा रहा है।  
  • रक्षा मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, जहाज़रानी मंत्रालय, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय और डी.जी. (शिपिंग) सहित सभी हितधारकों के साथ निकट समन्वय में ऑपरेशन को आगे बढ़ाया जा रहा है।
  • उल्लेखनीय है कि मार्च 2021 में भारतीय नौसेना ने ‘ऑपरेशन संकल्प’ के तहत फारस की खाड़ी में रॉयल बहरीन नेवल फ़ोर्स कार्वेट अल मुहर्रक के साथ ‘पैसेज युद्धाभ्यास’ (PASSAGE Exercise- PASSEX) किया था।   

गल्फ क्षेत्र का महत्त्व

  • भारत अपनी तेल की कुल मांग का लगभग 85 प्रतिशत आयात करता है। वर्ष 2019-20 में लगभग 66 बिलियन डॉलर मूल्य का तेल आयात खाड़ी क्षेत्र से हुआ। यह भारत के तेल आयात का लगभग 62% था। 
  • इसी समयावधि के दौरान इस क्षेत्र से भारत का निर्यात और आयात क्रमश: लगभग 51 अरब डॉलर और 108.2 अरब डॉलर रहा। यह भारत के कुल निर्यात और आयात का क्रमशः 8.1% और 11.4% है। 
  • तेल-आयात के स्रोतों में विविधता के बावजूद भविष्य में खाड़ी देशों के भारत के लिये प्रमुख तेल आपूर्तिकर्ता बने रहने की संभावना है। फारस की खाड़ी में मौजूदा सुरक्षा स्थिति के कारण इस क्षेत्र से गुज़रने वाले भारतीय ध्वजवाहक व्यापारिक जहाज़ों को सुरक्षा प्रदान करना आवश्यक है। 
  • साथ ही, 34 मिलियन भारतीय डायस्पोरा लोगों में से लगभग 8.5 मिलियन खाड़ी देशों में रहते हैं। विदित है कि विश्व के समुद्री व्यापार का लगभग 75% और वैश्विक तेल व्यापार का लगभग 50% हिंद महासागर क्षेत्र के माध्यम से किया जाता है।
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