पश्चिम बंगाल ने प्रवासी श्रमिकों के लिए शुरू की 'श्रमश्री' योजना

चर्चा में क्यों ?

  • पश्चिम बंगाल सरकार ने प्रवासी श्रमिकों के लिए श्रमश्री योजना शुरू की है। 
  • यह अपनी तरह की पहली राज्य कल्याणकारी पहल है, जिसका उद्देश्य उन बंगाली प्रवासी श्रमिकों की मदद करना है, जिन्हें अन्य राज्यों में भाषाई भेदभाव और उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है।


योजना का मुख्य उद्देश्य

  • अन्य राज्यों में काम करने वाले बंगाली प्रवासी श्रमिकों को घर लौटाने में सहायता करना।
  • उन्हें मासिक वित्तीय सहायता, नौकरी के अवसर और स्वरोजगार सहायता प्रदान करना।
  • कौशल विकास प्रशिक्षण के माध्यम से पश्चिम बंगाल में दीर्घकालिक रोजगार या स्वरोजगार के अवसर तैयार करना।

श्रमश्री योजना के प्रमुख लाभ

वित्तीय सहायता

  • श्रमिकों को एक वर्ष तक या नई नौकरी मिलने तक ₹5,000 प्रति माह दिए जाएंगे।
  • यह राशि सीधे श्रमिक के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी।

जॉब कार्ड और ग्रामीण रोजगार

  • योजना के तहत लौटने वाले श्रमिकों को जॉब कार्ड जारी किए जाएंगे।
  • यह कार्ड उन्हें ग्रामीण योजनाओं और सरकार द्वारा प्रायोजित रोजगार पहल के तहत नौकरी पाने में मदद करेगा।

कौशल प्रशिक्षण

  • लाभार्थियों को कौशल विकास कार्यक्रमों में शामिल होना होगा।
  • प्रशिक्षण के बाद वे सार्वजनिक और निजी क्षेत्र में विभिन्न नौकरी के अवसरों के लिए योग्य होंगे।

स्व-रोजगार के अवसर

  • लौटने वाले श्रमिक सरकार समर्थित ऋण के लिए पात्र होंगे।
  • प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता के माध्यम से स्वरोजगार और उद्यमिता विकास में मदद मिलेगी।

पात्रता मापदंड

श्रमश्री योजना का लाभ पाने के लिए आवेदक को:

  • किसी अन्य भारतीय राज्य में काम करने वाले बंगाली प्रवासी श्रमिक होना चाहिए।
  • योजना का लाभ उठाने के लिए पश्चिम बंगाल लौटना आवश्यक है।
  • वैध बैंक खाता होना चाहिए ताकि प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) किया जा सके।

प्रश्न. हाल ही में पश्चिम बंगाल सरकार ने प्रवासी श्रमिकों के लिए कौन-सी योजना शुरू की है ?

(a) कौशल भारत योजना

(b) श्रमश्री योजना

(c) स्वरोजगार योजना

(d) प्रवासी सहारा योजना

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