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रैपिड फाइनेंसिंग इंस्ट्रूमेंट

(प्रारंभिक परीक्षा: राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय महत्त्व की सामयिक घटनाएँ)
(मुख्य परीक्षा, सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र- 2 व 3: भारत एवं इसके पड़ोसी- संबंध, संसाधनों को जुटाने, प्रगति, विकास तथा रोज़गार से संबंधित विषय)

संदर्भ 

हाल ही में, अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने श्रीलंका को चक्रवात दितवाह से उबरने के लिए रैपिड फाइनेंसिंग इंस्ट्रूमेंट (Rapid Financing Instrument: RFI) के तहत 206 मिलियन अमेरिकी डॉलर की आपातकालीन वित्तीय सहायता को मंजूरी दी है। 

क्या है आर.एफ.आई (RFI) 

  • यह अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष की एक आपातकालीन ऋण सुविधा है। इसे उन सदस्य देशों की सहायता के लिए बनाया गया है जो अचानक भुगतान संतुलन (Balance of Payments: BoP) की गंभीर समस्या का सामना कर रहे हैं। 
  • यह सुविधा विशेष रूप से प्राकृतिक आपदाओं, वैश्विक आर्थिक आघातों या आंतरिक अस्थिरता के समय दी जाती है। 

आर.एफ.आई. के मुख्य उद्देश्य 

  • विदेशी मुद्रा भंडार एवं ब्याज दरों के दबाव का सामना कर रहे देशों को तुरंत नकदी उपलब्ध कराना
  • जब आईएमएफ के पूर्णकालिक (Full-fledged) कार्यक्रम चलाना संभव न हो, तब आर्थिक संकट का समाधान करना
  • अल्पकालिक संकटों के दौरान देश की व्यापक आर्थिक स्थिति (Macroeconomic Stability) को सहारा देना

प्रमुख विशेषताएँ एवं शर्तें 

  • इस ऋण के तहत धनराशि एक ही बार में वितरित कर दी जाती है ताकि तत्काल जरूरतों को पूरा किया जा सके। अन्य आई.एम.एफ. ऋणों के विपरीत इसमें कठिन आर्थिक सुधारों की कठोर शर्तें (Conditionality) नहीं होती हैं।
  • इसे 3.5 से 5 वर्षों के भीतर वापस करना होता है। यह आई.एम.एफ. की मानक गैर-रियायती सुविधाओं के समान होती है।

आर.एफ.आई. के तहत उपलब्ध सहायता श्रेणियाँ (Windows)

ऋण की सीमा देश के आई.एम.एफ. ‘कोटा’ पर निर्भर करती है:

श्रेणी

विवरण

ऋण की सीमा

सामान्य विंडो

घरेलू अस्थिरता या बाहरी आर्थिक आघातों के लिए

वार्षिक कोटा का 50% (अधिकतम 100%)

बड़ी प्राकृतिक आपदा विंडो

यदि आपदा का नुकसान जी.डी.पी. (GDP) के 20% से अधिक हो

वार्षिक कोटा का 50% (अधिकतम 100%)

निगरानी एवं अनुपालन

यद्यपि आर.एफ.आई. में औपचारिक कार्यक्रम समीक्षा नहीं होती है किंतु ऋण लेने वाले देश से यह अपेक्षा की जाती है कि वह अपनी नीतियों में ऐसे सुधार करे जो संकट के मूल कारणों (जैसे- BoP घाटा) को दूर कर सकें। आई.एम.एफ. की निगरानी इसमें सामान्य (Light Monitoring) रहती है ताकि सहायता की गति बाधित न हो।

निष्कर्ष 

श्रीलंका को मिली यह सहायता इस बात का प्रमाण है कि वैश्विक वित्तीय संस्थान संकट के समय उभरती अर्थव्यवस्थाओं को स्थिरता प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह सहायता न केवल पुनर्निर्माण कार्यों में मदद करेगी, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में देश की साख को भी बनाए रखेगी।  

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