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वैलेस मेरिनेरिस (Valles Marineris) क्या है ? खोज , भूगर्भीय विशेषताएँ

चर्चा में क्यों ?

हाल के प्रयोगशाला प्रयोगों और मंगल के कक्षीय डेटा के अध्ययन से वैज्ञानिकों ने एक असामान्य लौह सल्फेट खनिज फेरिक हाइड्रॉक्सिसल्फेट (Ferric Hydroxysulfate) की पहचान की है।

इस खोज के महत्वपूर्ण संकेत :

  • यह खनिज आमतौर पर पानी और अम्लीय वातावरण में बनता है।
  • इससे संकेत मिलता है कि वैलेस मेरिनेरिस क्षेत्र में कभी पानी और रासायनिक गतिविधि मौजूद रही होगी।
  • इससे मंगल पर प्राचीन जलवायु और संभावित जीवन की परिस्थितियों को समझने में मदद मिल सकती है।

वैलेस मेरिनेरिस क्या है ?

  • मंगल ग्रह पर स्थित एक विशाल घाटी प्रणाली है, जिसे अक्सर मंगल का ग्रैंड कैन्यन भी कहा जाता है। 
  • यह सौर मंडल की सबसे बड़ी और सबसे गहरी घाटी प्रणालियों में से एक है। 
  • वैलेस मेरिनेरिस मंगल ग्रह के भूमध्यरेखीय क्षेत्र में फैली हुई आपस में जुड़ी घाटियों की एक विशाल प्रणाली है। 
  • यह लगभग 4,000 किमी लंबी, 200 किमी तक चौड़ी और लगभग 7 किमी तक गहरी है। तुलना करें तो यह पृथ्वी के ग्रैंड कैन्यन से लगभग 10 गुना लंबी है।
  • इस घाटी प्रणाली का निर्माण मुख्य रूप से मंगल की पपड़ी में दरारों, ज्वालामुखीय गतिविधियों और बाद में हुए अपरदन (erosion) के कारण हुआ माना जाता है।

खोज और नामकरण

  • इस घाटी की खोज 1971 में नासा के मेरिनर-9 मिशन के दौरान हुई थी। उसी मिशन के सम्मान में इसका नाम Valles Marineris (मेरिनर घाटी) रखा गया।
  • मेरिनर-9 मंगल की कक्षा में पहुँचने वाला पहला अंतरिक्ष यान था जिसने मंगल की सतह की विस्तृत तस्वीरें भेजीं।

भूगर्भीय विशेषताएँ

वैलेस मेरिनेरिस की संरचना मंगल के भूगर्भीय इतिहास को समझने में बहुत महत्वपूर्ण मानी जाती है।

1. फॉल्ट स्कार्प (Fault Scarps)

  • घाटी की कई दीवारें भूपर्पटी के खिसकने से बनी दरारों के कारण बनी प्रतीत होती हैं।
  • ये दरारें पास स्थित विशाल ज्वालामुखीय क्षेत्र थार्सिस राइज (Tharsis Rise) के दबाव से उत्पन्न हुई मानी जाती हैं।

2. अपरदन के प्रमाण

  • घाटी की दीवारों में गहरी खाइयाँ और कटाव दिखाई देते हैं, जो बताते हैं कि समय के साथ हवा, भूस्खलन और संभवतः पानी ने इन घाटियों को और चौड़ा व गहरा किया।

3. तलछटी परतें (Sedimentary Layers)

  • कई जगहों पर घाटियों के अंदर मोटी तलछटी परतें मिली हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि ये परतें प्राचीन झीलों में जमा हुई होंगी जो कभी इस घाटी में मौजूद थीं।

4. प्राचीन बाढ़ के संकेत

  • कुछ स्थानों पर ऐसे भूगर्भीय चिन्ह मिले हैं जो बताते हैं कि इन झीलों का पानी बाद में पूर्व दिशा में विनाशकारी बाढ़ के रूप में बह गया होगा।

वैज्ञानिक महत्व

वैलेस मेरिनेरिस मंगल के अध्ययन में अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि :

  • यह मंगल की टेक्टोनिक गतिविधियों का प्रमाण देता है।
  • यहाँ पानी के प्राचीन अस्तित्व के संकेत मिलते हैं।
  • यह क्षेत्र मंगल के भूगर्भीय विकास और जलवायु परिवर्तन को समझने की कुंजी माना जाता है।
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