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सेवा क्षेत्र का क्रय प्रबंधक सूचकांक 13 वर्षों के उच्चतम स्तर पर 

प्रारंभिक परीक्षा के लिए - परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स, मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई, सेवा पीएमआई
मुख्य परीक्षा के लिए, सामान्य अध्ययन प्रश्नप्रत्र:3 - भारतीय अर्थव्यवस्था, विकास तथा रोज़गार से संबंधित विषय

संदर्भ 

  • हाल ही में स्टैंडर्ड एंड पूअर्स (एसएंडपी) ग्लोबल, द्वारा जारी सर्वेक्षण के आंकड़ों के अनुसार, भारत का सेवा क्षेत्र का क्रय प्रबंधक सूचकांक (PMI) अप्रैल 2023 में 62 हो गया है। 
    • यह सूचकांक मार्च में 57.8 के स्तर पर था।
  • यह लगभग पिछले 13 वर्षों में सेवा क्षेत्र के क्रय प्रबंधक सूचकांक का सबसे उच्चतम स्तर है।

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महत्वपूर्ण तथ्य 

  • PMI सर्वेक्षण को स्टैंडर्ड एंड पूअर्स द्वारा लगभग 400 सेवा क्षेत्र की कंपनियों के  एक पैनल को भेजी गई प्रश्नावली के जवाबों से संकलित किया गया है।
    • कवर किए गए क्षेत्रों में उपभोक्ता (खुदरा को छोड़कर), परिवहन, सूचना, संचार, वित्त, बीमा, रियल एस्टेट और व्यावसायिक सेवाएं शामिल हैं।

क्रय प्रबंधक सूचकांक (PMI)

  • यह विनिर्माण और सेवा क्षेत्रों में आर्थिक प्रवृत्तियों की प्रचलित दिशा का सूचकांक है।
  • यह एक आर्थिक संकेतक है, जो विभिन्न कंपनियों के मासिक सर्वेक्षणों के बाद जारी किया जाता है।
  • यह कंपनी के निर्णयकर्ताओं, विश्लेषकों और निवेशकों को वर्तमान और भविष्य की व्यावसायिक स्थितियों के बारे में जानकारी प्रदान करता है।
  • पीएमआई दो तरह के होते हैं- मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई और सेवा पीएमआई।
  • विनिर्माण पीएमआई और सेवा पीएमआई दोनों का उपयोग करके एक संयुक्त सूचकांक भी बनाया जाता है।

क्रय प्रबंधक सूचकांक (PMI) की गणना

  • इसे 0 से 100 तक की संख्या द्वारा दर्शाया जाता है।
  • पीएमआई स्कोर का 50 होना पिछले महीने की तुलना में आर्थिक गतिविधियों में कोई बदलाव नहीं होने का संकेत देता है।
  • 50 से ऊपर का स्कोर अर्थव्यवस्था में विस्तार को, जबकि 50 से नीचे का स्कोर संकुचन को दर्शाता है।
  • यदि पिछले माह का पीएमआई वर्तमान माह के पीएमआई से अधिक है, तो यह दर्शाता है कि अर्थव्यवस्था सिकुड़ रही है।

महत्त्व 

  • यह एक विश्वसनीय आंकड़ा प्रदान करता है कि एक अर्थव्यवस्था समग्र रूप से कैसा प्रदर्शन कर रही है।
  • केंद्रीय बैंक, ब्याज दरों पर निर्णय लेने के लिए पीएमआई का भी उपयोग करती है। 
  • इक्विटी बाजार के उतार-चढ़ाव को प्रभावित करने के अलावा, पीएमआई रिलीज बांड और मुद्रा बाजार को भी प्रभावित करता है। 
  • आपूर्तिकर्ता, पीएमआई उतार-चढ़ाव के आधार पर कीमतों पर निर्णय ले सकते हैं।
  • पीएमआई, अर्थव्यवस्था की दिशा के बारे में एक विचार देता है और अर्थशास्त्रियों को देश में विनिर्माण गतिविधि की भविष्यवाणी करने में मदद करता है। 
  • निर्माता और आपूर्तिकर्ता आने वाले महीनों में नए ऑर्डर के आधार पर अपनी उत्पादन जरूरतों को तय करने के लिए सूचकांक का उपयोग करते हैं। 
  • यह सूचकांक उन निवेशकों की भी मदद करता है जो शेयर बाजारों में निवेश करना चाहते हैं, क्योंकि यह देश के आर्थिक स्वास्थ्य का आकलन करने में मदद करता है।
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