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शॉर्ट न्यूज़

शॉर्ट न्यूज़: 09 मई, 2022


डिजिटल इंडिया आर.आई.एस.सी.-5 कार्यक्रम

आज़ादी से अंत्योदय तक अभियान


डिजिटल इंडिया आर.आई.एस.सी.-5 कार्यक्रम

चर्चा में क्यों

हाल ही में इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने ‘डिजिटल इंडिया आर.आई.एस.सी.-5’  (Digital India RISC-V: DIR-V) कार्यक्रम शुरू किया है। 

प्रमुख बिंदु

  • डी.आई.आर.-5 कार्यक्रम का उद्देश्य अगली पीढ़ी के माइक्रोप्रोसेसरों के निर्माण क्षमता हासिल करना और दिसंबर 2023 तक वाणिज्यिक सिलिकॉन और उसके बड़े पैमाने पर उत्पादन के समझौतों को हासिल करना है।
  • यह स्टार्टअप्स, अकादमिक और बहुराष्ट्रीय कंपनियों के बीच साझेदारी को बढ़ावा देगा, जिससे भारत न केवल विश्व के लिये एक आर.आई.एस.सी.-5 प्रतिभा का हब बनेगा बल्कि दुनिया भर में माइक्रोकंट्रोलर, सर्वर, मोबाइल डिवाइस, ऑटोमोटिव, इंटरनेट ऑफ़ थिंग्स (IoT) के लिये आर.आई.एस.सी.-5 सिस्टम ऑन चिप्स (SoC) का आपूर्तिकर्ता भी बनेगा।
  • विदित है कि आर.आई.एस.सी.-5 को इंटेल के प्रोसेसर के प्रतिद्वंद्वी के रूप में विकसित किया जा रहा है।
  • आर.आई.एस.सी.-5 इंस्ट्रक्शन सेट आर्किटेक्चर (ISA) अपनी स्वतंत्र और ओपन सोर्स प्रकृति के कारण देश में क्वांटम विकास और भविष्य की पीढ़ी के प्रोसेसर में कंप्यूटिंग डिज़ाइन और नवाचारों और अपनाने के लिये सहायक सिद्ध होगा।
  • सरकार ने डी.आई.आर.-5 कार्यक्रम के डिज़ाइन और कार्यान्वयन के रोडमैप जारी करने के साथ-साथ ही आई.आई.टी. मद्रास द्वारा निर्मित शक्ति प्रोसेसर और सी-डैक द्वारा निर्मित वेगा प्रोसेसर भी जारी किया है। यह देश में सेमीकंडक्टर पारिस्थितिकी तंत्र को उत्प्रेरित करने के लिये और भारत के सेमीकंडक्टर डिज़ाइन और नवाचार के लिये रणनीतिक रोडमैप के समान ही कार्य करेगा।

आज़ादी से अंत्योदय तक अभियान

चर्चा में क्यों

हाल ही में, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्रालय ने आज़ादी का अमृत महोत्सव के तहत 90 दिवसीय अंतर-मंत्रालयी अभियान ‘आजादी से अंत्योदय तक’ की शुरुआत की है।

प्रमुख बिंदु

  • इस अभियान का उद्देश्य देश भर के 75 चुने हुए ज़िलों में 9 मंत्रालयों की 17 योजनाओं का लाभ पहुँचाना है। उल्लेखनीय है कि ये ज़िले भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के 99 अनाम नायकों के जन्म स्थान से जुड़े हुए हैं।
  • इन 75 ज़िलों का चयन मासिक प्रति व्यक्ति संकेतक और सामाजिक-आर्थिक जाति जनगणना-2011 के डाटा के आधार पर किया गया है।
  • इस अभियान में सभी ग्रामीण हितधारकों, जैसे- स्‍वतंत्रता सेनानियों के परिवारों, पंचायती राज संस्‍थाओं, महिलाओं तथा युवा समूहों और विद्यार्थियों को शामिल किया जाएगा।
  • यह अभियान ग्रामीण विकास मंत्रालय, सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग-दिव्यांगजन, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, वित्तीय सेवा विभाग, कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, पशुपालन और डेयरी विभाग तथा श्रम एवं रोजगार मंत्रालय का एक सम्मिलित प्रयास है।

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