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शॉर्ट न्यूज़: 17 जून, 2022


थांग टा

राज्य खाद्य सुरक्षा सूचकांक

कार्बन बम


थांग टा

चर्चा में क्यों

हाल ही में, जम्मू-कश्मीर की थांग टा की टीम ने खेलो इंडिया यूथ गेम्स में भाग लिया। विदित है कि इस खेल को कश्मीर में मौलवी मोहम्मद इकबाल द्वारा विशेष संरक्षण एवं प्रशिक्षण प्रदान किया गया। 

थांग टा के बारे में 

  • यह मणिपुर में प्रचलित एक युद्ध कला (मार्शल आर्ट) है जिसे ह्यूएन लालोंग के नाम से भी जाना जाता है। 
  • थांग का शाब्दिक अर्थ तलवार और टा का शाब्दिक अर्थ भाला होता है। यह युद्ध कौशल और पूजा के लिये समर्पित है।
  • इस युद्ध कला का अभ्यास मणिपुर के मेइती समुदाय के लोगों द्वारा किया जाता है।
  • विदित है कि थांग-टा, कलारीपयट्टू, मल्लकंब, गतका को हरियाणा के पंचकुला में आयोजित होने वाले खेलो इंडिया यूथ गेम्स 2021 में शामिल किया गया है। 

राज्य खाद्य सुरक्षा सूचकांक

चर्चा में क्यों 

हाल ही में, विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस के अवसर राज्य खाद्य सुरक्षा सूचकांक का चौथा संस्करण जारी किया गया।

प्रमुख बिंदु 

  • वर्ष 2021-22 के लिये जारी राज्य खाद्य सुरक्षा सूचकांक में बड़े राज्यों में प्रथम तीन स्थान तमिलनाडु , गुजरात और महाराष्ट्र को प्राप्त हुआ हैं। छोटे राज्यों में गोवा पहले स्थान पर है, उसके पश्चात् मणिपुर और सिक्किम का स्थान है। 
  • केंद्र शासित प्रदेशों में प्रथम तीन स्थान जम्मू और कश्मीर, दिल्ली और चंडीगढ़ ने हासिल किया है।

सूचकांक के बारे में 

  • इस सूचकांक को भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) द्वारा जारी किया जाता है। यह सूचकांक खाद्य सुरक्षा के पाँच मानकों मानव संसाधन एवं संस्थागत डेटा, अनुपालन (Compliance), खाद्य परीक्षण - बुनियादी ढांचा एवं निगरानी, ​​​​प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण तथा उपभोक्ता अधिकारिता पर राज्यों के प्रदर्शन को मापता है।
  • इस सूचकांक को देश में खाद्य सुरक्षा से जुड़े पारितंत्र में प्रतिस्पर्धी एवं सकारात्मक बदलाव लाने के उद्देश्य से वर्ष 2018-19 में शुरू किया गया था। यह सूचकांक नागरिकों को सुरक्षित एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने में मदद करता है।

कार्बन बम

चर्चा में क्यों 

हाल ही में द गार्जियन पत्रिका ने अपने एक शोध में 'कार्बन बम' शब्द का प्रयोग किया है। इस पत्रिका में दुनिया भर के देशों और निजी कंपनियों द्वारा संचालित 195 'कार्बन बम' परियोजनाओं की पहचान की गई है।

कार्बन बम

  • कार्बन बम के अंतर्गत मुख्यतः कोयला, तेल और गैस से संबंधित परियोजनाएं शामिल है, जो पर्यावरण में भारी मात्रा में कार्बन डाई ऑक्साइड के उत्सर्जन के साथ ही ग्लोबल वार्मिंग में योगदान देती है। ये परियोजनाएँ अपने जीवनकाल में 1 अरब टन से अधिक कार्बन डाई ऑक्साइड (CO2) का उत्सर्जन करती है।
  • पर्यावरणविदों एवं कार्यकर्ताओं द्वारा इन कार्बन बमों की पहचान करने और उन्हें निष्क्रिय करने के लिये ठोस कदम उठाने की मांग की जा रही है।
  • विदित है कि कोयला, तेल या गैस निष्कर्षण से प्रदूषण और पर्यावरण का क्षरण होता है। इसके अलावा, ईंधन को जलाए जाने से कार्बन उत्सर्जन व्यापक मात्रा में होता है।

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